नाशिक के द्वारका चौक पर एसटी बस से कुचलकर 54 साल की सुरेखा जाधव की मौत
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
नाशिक के द्वारका चौक पर सड़क पार करती सुरेखा जाधव को एसटी बस ने कुचल दिया। हालत बिगड़ने से पहचान मुश्किल थी, पुलिस ने बैग और सिमकार्ड की मदद से तीन घंटे में परिवार तक पहुंचकर पहचान की।
नाशिक के भीड़भाड़ वाले द्वारका चौक पर एक दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को गमगीन कर दिया। सड़क पार कर रही 54 साल की सुरेखा जाधव को तेज रफ्तार एसटी बस ने टक्कर मारी और वे बस के अगले पहिए के नीचे आ गईं। उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
सुरेखा जाधव नाशिक के उपनगर इलाके में रहती थीं। शनिवार (7 तारीख) को वे अदालत के काम से येवला गई थीं। दिन भर का काम निपटाकर वे शाम को नाशिक लौटीं। उन्हें उम्मीद थी कि जल्दी घर पहुंचकर परिवार के साथ त्योहार की खुशी मनाएंगी। लेकिन घर पहुंचने से पहले ही द्वारका चौक पर यह हादसा हो गया।
मालेगांव से नाशिक की ओर आ रही एसटी बस (एमएच 14, एनई 4724) ने सड़क पार करते समय उन्हें जोरदार टक्कर मारी और पहिए के नीचे कुचल दिया। हादसा इतना भयानक था कि देखने वालों के रोंगटे खड़े हो गए।
हादसे के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। बस के नीचे फंसे शव को निकालने के लिए भद्रकाली पुलिस को स्थानीय रिक्शा चालकों की मदद लेनी पड़ी। शव को फौरन जिला अस्पताल भेजा गया, मगर उसकी हालत बेहद खराब थी, इसलिए पहचान में बड़ी दिक्कत आई।
पुलिस ने महिला का बैग खंगाला तो उसमें कुछ रकम, एक डायरी, नींबू और आलपिन यानी पिनें मिलीं। महिला का मोबाइल टूटा हुआ था। इसलिए पुलिस ने उसमें से सिमकार्ड निकालकर दूसरे मोबाइल में डाला और डायरी में लिखे नंबरों पर फोन लगाया।
आखिरकार उनकी बहू से संपर्क हुआ। बहू से मिले हुलिए के आधार पर पुष्टि हुई कि मृतक महिला सुरेखा जाधव ही हैं। पहचान में पुलिस को करीब तीन घंटे लग गए।
त्योहार से ठीक पहले घर की कर्ता महिला के इस तरह चले जाने से इलाके में शोक का माहौल है।


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