नाना पाटेकर ने उंगली की चोट और घर की जिम्मेदारी के चलते क्रिकेट छोड़ा था
शिवाजी पार्क में गावस्कर वाले मैदान पर खेले नाना पाटेकर ने एक इंटरव्यू में बताया था कि क्रिकेट क्यों छूटा।
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लाइट्स, कैमरा और एक्शन की चमक-दमक में रहने वाले अभिनेता नाना पाटेकर का आज तड़के निधन हो गया। दुनिया ने उन्हें उनकी सादगी की वजह से जाना और उनकी तारीफ की। सूट-बूट वाली फिल्मी दुनिया में रहते हुए भी वे गले में गमछा डाले और खादी का कुर्ता-पायजामा पहने नजर आते थे और सबके चहेते थे। उन्हें बाकी कलाकारों की भीड़ से अलग बनाती थी उनकी डायलॉग बोलने की अदा।
फिल्मों में अलग पहचान बनाने वाले नाना पाटेकर क्रिकेट भी खेला करते थे, यह बात बहुत लोग नहीं जानते। मुंबई में जिस मैदान पर सुनील गावस्कर खेले, उसी मैदान पर नाना भी खेले। फिर ऐसा क्या हुआ कि उन्होंने क्रिकेट छोड़ दिया?
नाना पाटेकर बचपन में काफी क्रिकेट खेले और उन्होंने मैदान ऐसे खिलाड़ियों के साथ साझा किया, जो आगे चलकर देश के लिए खेले। एक इंटरव्यू में नाना ने बताया था कि जब वे 13 साल के थे, तब मुंबई के मशहूर शिवाजी पार्क में खेलते थे। शिवाजी पार्क मुंबई में देश के कई बड़े क्रिकेटरों का ठिकाना रहा है और जब नाना वहां खेलते थे, तब ऐसे क्रिकेटर भी वहां खेलने आया करते थे।
नाना पाटेकर ने एक इंटरव्यू में कहा कि जब वे खेलते थे, तब उनसे काफी छोटे संदीप पाटिल उनके सामने खेला करते थे। उन्होंने यह भी बताया कि जिस मैदान पर वे खेले, उसी मैदान पर सुनील गावस्कर भी खेले थे। सवाल यह है कि जब क्रिकेट में सब कुछ ठीक चल रहा था, तो नाना ने खेल क्यों छोड़ा?
अपने इंटरव्यू में नाना पाटेकर ने अपने फैसले की वजह खुद बताई। उनके मुताबिक उनकी उंगली में चोट लग गई थी, जिसकी वजह से उन्हें क्रिकेट छोड़ना पड़ा। हालांकि यही अकेली वजह नहीं थी। नाना को काम करके अपने मां-बाप का सहारा बनना था, इसलिए भी उन्होंने क्रिकेट छोड़ने का फैसला किया।
क्रिकेट छोड़ने के बाद नाना ने एक आर्ट कॉलेज में दाखिला लिया और फिर फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा।