गुरूवार, 29 अक्टूबर 2026

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नालंदा मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के आरोप पर 2025 बैच के सभी 146 छात्र तीन महीने के लिए सस्पेंड

नालंदा मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के आरोप पर 2025 बैच के सभी 146 छात्र तीन महीने के लिए सस्पेंड तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
जुर्म PT24 टीम

नए दाखिले वाले छात्रों के साथ रैगिंग के मामले में कॉलेज प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। हॉस्टल खाली करने का आदेश भी दिया गया है और सबूत साइबर सेल को भेजे गए हैं।

नालंदा मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने रैगिंग के एक मामले में बड़ी कार्रवाई की है। कॉलेज में नए दाखिले लेने वाले छात्रों के साथ हुई रैगिंग के मामले में 2025 बैच के सभी 146 छात्र-छात्राओं को तीन महीने के लिए सस्पेंड कर दिया गया है।

प्रिंसिपल प्रोफेसर उषा शर्मा के मुताबिक 2025 बैच के इन 146 विद्यार्थियों के क्लास में आने पर जनवरी 2027 तक रोक लगा दी गई है। उन्होंने बताया कि जिन विद्यार्थियों पर रैगिंग के आरोप हैं, उन्हें 24 घंटे के अंदर हॉस्टल खाली करने और कॉलेज कैंपस छोड़ने का आदेश भी दिया गया है।

इस मामले में आरोप है कि कुछ विद्यार्थी जूनियर छात्रों को देर रात, आधी रात के वक्त छत पर ले जाकर उनकी रैगिंग करते थे। इसके अलावा सोशल मीडिया पर कॉलेज के नाम से एक "रूल बुक" सामने आई, जिसमें जूनियर विद्यार्थियों के लिए कई नियम और निर्देश लिखे थे।

यह सब सामने आने के बाद राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) और बिहार सरकार के लोक शिकायत आयोग ने कॉलेज से स्पष्टीकरण मांगा। इसके बाद कॉलेज में "एंटी रैगिंग कमेटी" बनाई गई। कमेटी ने 2023 से 2026 बैच के छात्र-छात्राओं से करीब तीन घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के बाद 2025 बैच को सस्पेंड किया गया, जबकि 2023 और 2024 बैच को नोटिस जारी किया गया है।

जांच का दायरा बढ़ने पर 2023 और 2024 बैच के सीनियर विद्यार्थी भी इसमें आ गए। इन सीनियर छात्रों को अगले आदेश तक क्लास से निलंबित कर दिया गया है और उन्हें तुरंत हॉस्टल खाली करने के निर्देश दिए गए हैं।

रैगिंग का यह मामला सामने आने से पहले ही कॉलेज में एमबीबीएस (MBBS) की सीटें हाल ही में 150 से बढ़ाकर 200 की गई थीं। आरोप है कि इन बढ़ी हुई सीटों पर 2026 में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों के साथ 2025 बैच के छात्रों ने रैगिंग की।

घटना के बाद प्रशासन ने हॉस्टल वार्डन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। कॉलेज का कहना है कि रैगिंग जैसी घटनाओं को रोकने के लिए हॉस्टल में कड़ी नजर रखना बेहद जरूरी है। साथ ही, कॉलेज ने नए विद्यार्थियों से रैगिंग न करने का वचन पत्र भी लिखवाकर लिया है।

कथित रैगिंग और रूल बुक के फैलने से जुड़े सबूत जांच के लिए साइबर सेल को भेजे गए हैं। इस जांच में पता लगाया जाएगा कि यह दस्तावेज किसने तैयार किया, किसने फैलाया और इसमें किसी और की भी भूमिका है या नहीं। कॉलेज ने बिहार सरकार को चिट्ठी लिखकर जांच के नतीजे के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई करने की गुजारिश भी की है।

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