बिहार में 13.57 लाख पेंशनधारकों का जीवन प्रमाणीकरण बाकी, विभाग ने की अपील
बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के 13 लाख 57 हजार 568 लाभार्थियों ने अभी जीवन प्रमाणीकरण नहीं कराया है। समाज कल्याण विभाग ने उनसे जल्द प्रक्रिया पूरी करने को कहा है।
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सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का फायदा लेने वाले लोगों के लिए जरूरी खबर है। बिहार में 13 लाख 57 हजार 568 लाभार्थियों का जीवन प्रमाणीकरण अब तक पूरा नहीं हुआ है। इसे गंभीर मानते हुए समाज कल्याण विभाग ने इन सभी से कहा है कि वे जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी करा लें। पेंशन नियमित मिलती रहे और बंटवारे में पारदर्शिता बनी रहे, इसके लिए इस प्रक्रिया को अहम माना जा रहा है।
बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग के आंकड़ों के मुताबिक राज्य में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के कुल 1 करोड़ 16 लाख 71 हजार 188 लाभार्थी हैं। इनमें से 1 करोड़ 3 लाख 13 हजार 620 लोगों का जीवन प्रमाणीकरण हो चुका है। यानी कुल लाभार्थियों में से 88.37 प्रतिशत का काम पूरा है, जबकि 13 लाख 57 हजार 568 लोगों की जांच बाकी है। विभाग का कहना है कि बचे हुए लाभार्थी यह प्रक्रिया जल्दी निपटा लें।
जिन लाभार्थियों का प्रमाणीकरण पूरा हो चुका है, उनकी संख्या के हिसाब से मधुबनी जिला राज्य में सबसे आगे है। वहां 5 लाख 9 हजार 290 पेंशनधारकों का प्रमाणीकरण हो गया है। बाकी जिलों का हाल इस तरह है:
पटना में 4 लाख 91 हजार 125 लाभार्थियों का प्रमाणीकरण पूरा हुआ है। पूर्वी चंपारण में यह आंकड़ा 4 लाख 85 हजार 930 है। मुजफ्फरपुर में 4 लाख 62 हजार 294 और समस्तीपुर में 4 लाख 35 हजार 744 लाभार्थियों का प्रमाणीकरण हो चुका है।
अब कुल पेंशनधारकों की गिनती देखें तो पटना जिला पहले नंबर पर है। वहां 6 लाख 17 हजार 153 लोग इन योजनाओं से जुड़े हैं। उसके बाद मधुबनी में 5 लाख 88 हजार 855, पूर्वी चंपारण में 5 लाख 66 हजार 316, मुजफ्फरपुर में 5 लाख 20 हजार 559 और गया जिले में 5 लाख 7 हजार 191 लाभार्थी हैं।
जीवन प्रमाणीकरण से यह जांचा जाता है कि पेंशन पाने वाला व्यक्ति जीवित है या नहीं। इससे पात्र लाभार्थियों को पेंशन नियमित तौर पर देना और सरकारी पैसे का बंटवारा ज्यादा पारदर्शी रखना मुमकिन होता है। बिहार की समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन का फायदा पात्र लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया है।
जिन लाभार्थियों का प्रमाणीकरण बाकी है, उन्हें इसमें देर नहीं करनी चाहिए। प्रमाणीकरण अटका रहने पर पेंशन के भुगतान पर असर पड़ सकता है। हालांकि उपलब्ध जानकारी से यह नहीं कहा जा सकता कि सभी लाभार्थियों की पेंशन अपने आप बंद हो जाएगी। इसलिए लाभार्थियों को सलाह है कि वे संबंधित विभाग से सही प्रक्रिया और आखिरी तारीख की जानकारी ले लें।
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