नागपुर विभाग के छह जिलों में पदवीधर चुनाव के लिए 2,535 कर्मचारी लगाए गए
नागपुर विभाग विधान परिषद पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव की प्रशासनिक तैयारी पूरी हो गई है। छह जिलों में मतदान दल बनाए गए हैं।
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नागपुर विभाग विधान परिषद स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के आने वाले चुनाव को लेकर प्रशासन की तैयारी पूरी हो गई है। विभाग के छह जिलों में वोटिंग आराम से और बिना रुकावट कराने के लिए जरूरी मतदान दल और कर्मचारी तय कर दिए गए हैं। चुनाव विभाग की दी जानकारी के मुताबिक, नागपुर विभाग में शासन के कुल 2,535 अधिकारी और कर्मचारी इस चुनाव के सीधे कामकाज के लिए लगाए गए हैं।
अब जिलेवार ब्योरा देखें। सबसे ज्यादा इंतजाम नागपुर जिले में है। यहां 246 मूल और 40 आरक्षित दल मिलाकर कुल 286 मतदान दल बनाए गए हैं। हर दल में पांच (1+4) कर्मचारी होने के हिसाब से 1,430 कर्मचारियों की जरूरत है, और इतने ही यानी 1,430 राज्य शासकीय अधिकारी व कर्मचारी मिल गए हैं। इनके अलावा केंद्र सरकार के 250 अधिकारी भी नागपुर जिले में मदद के लिए रहेंगे।
वर्धा जिले में 41 मूल और 8 आरक्षित, यानी कुल 49 दल हैं। इनके लिए राज्य शासन के 245 कर्मचारी और केंद्र सरकार के 50 अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। भंडारा जिले में 35 मूल और 8 आरक्षित मिलाकर 43 दल बने हैं। यहां 215 राज्य कर्मचारी और 45 केंद्रीय अधिकारी तैयार रखे गए हैं।
गोंदिया जिले में 39 मूल और 6 आरक्षित, कुल 45 दलों के लिए 225 राज्य कर्मचारी और 40 केंद्रीय अधिकारी मिले हैं। चंद्रपुर जिले में 58 मूल और 7 आरक्षित, कुल 65 दलों के लिए 260 राज्य कर्मचारी और 65 केंद्रीय अधिकारी तैनात रहेंगे।
गडचिरोली जिले को नक्सलग्रस्त और संवेदनशील माना जाता है। यहां 26 मूल और 6 आरक्षित दलों के लिए राज्य शासन के 160 कर्मचारी, केंद्र सरकार के 26 अधिकारी और केंद्र सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के 32 अधिकारी खास तौर पर उपलब्ध कराए गए हैं।
पूरे नागपुर विभाग को जोड़ें तो कुल 2,535 राज्य शासकीय अधिकारी, 476 केंद्र शासकीय अधिकारी और गडचिरोली जिले के लिए 32 केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम अधिकारी मिले हैं।
निर्वाचन अधिकारी और विभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी ने बताया कि चुनाव को पूरी पारदर्शिता, सुरक्षा और शांति से कराने के लिए प्रशासनिक तैयारी पूरी हो गई है।
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