नागपुर में रानी लक्ष्मीबाई दुर्गा उत्सव मंडल का 11 दिन का नवरात्रि समारोह, 11 से 21 अक्टूबर तक
रानी लक्ष्मीबाई दुर्गा उत्सव मंडल का नवरात्रि उत्सव 11 से 21 अक्टूबर तक चलेगा, जिसमें संगीत, नाटक, नृत्य और इतिहास पर आधारित प्रस्तुतियां होंगी।
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नागपुर के रानी लक्ष्मीबाई दुर्गा उत्सव मंडल ने इस बार 11 दिन के नवरात्रि उत्सव का ऐलान किया है। यह आयोजन 11 से 21 अक्टूबर तक चलेगा। इसमें संगीत, नाटक, कविता, नृत्य, ऐतिहासिक प्रस्तुतियां और पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान होंगे। महाराष्ट्र और बाहर के जाने-माने कलाकार इसमें हिस्सा लेंगे, जिससे आने वालों को हर शाम एक अलग सांस्कृतिक अनुभव मिलेगा।
कार्यक्रम में मैथिली ठाकुर, हमसूफी बैंड और द बांसुरीवाला कलेक्टिव की प्रस्तुतियां होंगी। इनके साथ नाटक, कविता पाठ और नृत्य के कार्यक्रम भी रखे गए हैं। घटस्थापना, नवचंडी यज्ञ, दशहरा मिलन और विसर्जन जैसे पारंपरिक आयोजन भी उत्सव का अहम हिस्सा रहेंगे।
एक खास आकर्षण 'पन्हाला गढ़ टू पावनखिंड' है। यह प्रस्तुति छत्रपति शिवाजी महाराज के भरोसेमंद साथी बाजी प्रभु देशपांडे की बहादुरी, वफादारी और सर्वोच्च बलिदान को दिखाती है। इसमें पन्हाला किले से पावनखिंड तक के ऐतिहासिक सफर को फिर से पेश किया जाएगा और स्वराज्य के लिए मराठा संघर्ष से जुड़ी बलिदान की भावना को सामने रखा जाएगा।
दूसरे बड़े कार्यक्रमों में 'खाऊ गप्पा और कविता' है, जिसमें विष्णु मनोहर और मुकुंद देशपांडे होंगे। 'उत्तरा' नृत्य प्रस्तुति है, जिसे मुंबई से सोनिया परचुरे और उनकी टीम पेश करेगी। 'यह दोस्ती टूटने वाली नहीं' में चिन्मय सुमीत, अमृता बने, शुभंकर एकबोटे और सुमीत राघवन नजर आएंगे।
तारीखों के हिसाब से हमसूफी बैंड 14 अक्टूबर को और द बांसुरीवाला कलेक्टिव 15 अक्टूबर को प्रस्तुति देगा। नाटक 'यह दोस्ती टूटने वाली नहीं' 16 अक्टूबर को है और नृत्य 'उत्तरा' 17 अक्टूबर को होगा। 18 अक्टूबर को मैथिली ठाकुर की भजन संध्या होगी, जिसमें भक्तों और संगीत प्रेमियों के आने की उम्मीद है। 19 अक्टूबर को नवचंडी यज्ञ और महाप्रसाद है, 20 अक्टूबर को दशहरा मिलन और 21 अक्टूबर को विसर्जन के साथ उत्सव खत्म होगा।
पूरा शेड्यूल यह है: 11 अक्टूबर, रविवार को शाम 7 बजे घटस्थापना। 12 अक्टूबर, सोमवार को शाम 7 बजे 'खाऊ गप्पा और कविता'। 13 अक्टूबर, मंगलवार को शाम 7 बजे 'पन्हाला गढ़ टू पावनखिंड'। 14 अक्टूबर, बुधवार को शाम 7 बजे हमसूफी बैंड। 15 अक्टूबर, गुरुवार को शाम 7 बजे द बांसुरीवाला कलेक्टिव। 16 अक्टूबर, शुक्रवार को शाम 7 बजे 'यह दोस्ती टूटने वाली नहीं'। 17 अक्टूबर, शनिवार को शाम 7 बजे 'उत्तरा'। 18 अक्टूबर, रविवार को शाम 7 बजे मैथिली ठाकुर की भजन संध्या। 19 अक्टूबर, सोमवार को सुबह 9 बजे नवचंडी यज्ञ और महाप्रसाद। 20 अक्टूबर, मंगलवार को शाम 6 बजे दशहरा मिलन। 21 अक्टूबर, बुधवार को शाम 7 बजे विसर्जन।
मंडल की शुरुआत 2006 में हुई थी। एक स्थानीय सामुदायिक पहल से शुरू होकर यह नागपुर के बड़े नवरात्रि आयोजनों में गिना जाने लगा है और विदर्भ भर से लोग यहां आते हैं। इन सालों में मंडल ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम, निरक्षरता, ऑटिज्म और बाल मजदूरी जैसे ऐतिहासिक और सामाजिक मुद्दों पर कार्यक्रम पेश किए हैं। उत्सव में अभिनेत्री आशा पारेख, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राज्यसभा के पूर्व सांसद अजय संचेती और विजय दर्डा जैसी हस्तियां भी आ चुकी हैं।
मंडल के मुताबिक उत्सव में एक दिन में 50,000 से ज्यादा लोग आ चुके हैं। करीब 50 स्वयंसेवक, जिनमें युवा और वरिष्ठ सदस्य दोनों हैं, मिलकर आयोजन और अलग-अलग कार्यक्रम संभालते हैं।
नवरात्रि के अलावा भी मंडल कई सामाजिक कामों से जुड़ा है। इसके स्वयंसेवक अडासा के पास मातोश्री वृद्धाश्रम की मदद करते हैं और अनाथालयों को किताबें और पढ़ाई का सामान देते हैं। मंडल लक्ष्मी नगर में कृत्रिम विसर्जन कुंड भी लगाता है, ताकि पर्यावरण का ध्यान रखकर उत्सव मनाया जाए और मूर्ति विसर्जन के दौरान प्राकृतिक जलस्रोतों में प्रदूषण कम हो।
मंडल के अध्यक्ष प्रसन्ना मोहिले और आयोजन टीम ने कहा कि उत्सव का मकसद संस्कृति, परंपरा, इतिहास, भक्ति और समाज की भागीदारी को एक साझा मंच पर लाना है। अध्यक्ष और उनकी टीम इस साल के उत्सव, उसकी थीम और आयोजन के तहत किए जा रहे कामों के बारे में मीडिया को भी जानकारी देगी।
ज्यादा जानकारी के लिए आनंद से 9923084400 पर संपर्क किया जा सकता है।