गोरेगाव-मुलुंड लिंक रोड की राह साफ, खिंडीपाड़ा-सोनापुर में 180 बाधित निर्माण हटाए गए
मुंबई महानगरपालिका ने एस विभाग के खिंडीपाड़ा-सोनापुर इलाके में 180 बाधित निर्माण हटा दिए हैं।
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मुंबई के पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों को जोड़ने वाले गोरेगाव-मुलुंड लिंक रोड (GMLR) प्रोजेक्ट की एक बड़ी रुकावट अब दूर हो गई है। मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने एस विभाग के तहत आने वाले खिंडीपाड़ा-सोनापुर इलाके में रास्ते में आ रहे 180 अनधिकृत निर्माण हटा दिए हैं। इस कार्रवाई के बाद इस इलाके में प्रोजेक्ट का रास्ता पूरी तरह खुल गया है और अब सड़क चौड़ी करने समेत आगे के कामों को रफ्तार मिलेगी।
गोरेगाव से मुलुंड तक यह लिंक रोड कुल 12.20 किलोमीटर लंबा है। माना जा रहा है कि इससे मुंबई वालों के सफर का काफी वक्त बचेगा। पश्चिमी और पूर्वी उपनगरों के बीच ट्रैफिक जाम की समस्या सुलझाने के लिए यह प्रोजेक्ट बेहद अहम समझा जा रहा है। इसका काम कुल चार चरणों में पूरा किया जा रहा है, जिसमें एलिवेटेड रूट यानी फ्लाईओवर, भूमिगत सुरंग और चौड़ी सड़कों का काम शामिल है। एस विभाग की हद में खिंडीपाड़ा-सोनापुर वाले चरण में असली काम के दौरान ये 180 निर्माण रास्ते में आ रहे थे, जिससे काम अटक गया था।
इस कार्रवाई को बिना रुकावट निपटाने के लिए महानगरपालिका ने बड़ी तैयारी की थी। महानगरपालिका के 30 से ज्यादा इंजीनियर और 100 से ज्यादा कर्मचारी इस मुहिम में शामिल थे। निर्माण तेजी से गिराने के लिए 4 पोकलेन, 4 जेसीबी और 10 डंपर लगाए गए।
कोई अनहोनी न हो और कानून-व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए मौके पर 90 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। यह कार्रवाई उपायुक्त (ज़ोन 6) के मार्गदर्शन में और एस विभाग के सहायक आयुक्त की सीधी अगुवाई में की गई।
प्रोजेक्ट से प्रभावित हुए स्थानीय निवासियों के पुनर्वास का ख्याल भी महानगरपालिका ने रखा है। कुल प्रोजेक्ट प्रभावितों में से पात्र पाए गए 108 निवासियों का नियम के मुताबिक उचित जगह पर पुनर्वास किया जा चुका है। फिलहाल हटाए गए निर्माणों का मलबा (डेब्रिस) उठाने का काम तेजी से चल रहा है।
महानगरपालिका प्रशासन ने जानकारी दी है कि यह मलबा पूरी तरह उठ जाने के बाद बाकी सड़क चौड़ीकरण के काम तुरंत हाथ में लिए जाएंगे। इस कार्रवाई से गोरेगाव-मुलुंड लिंक रोड के असली काम को गति मिलने का रास्ता आसान हो गया है।