नागपुर में 13 बड़े रास्तों पर ई-रिक्शा की एंट्री बंद, चलाया तो कटेगा चालान
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नागपुर ट्रैफिक पुलिस ने जाम और हादसों का खतरा घटाने के लिए शहर के 13 प्रमुख मार्गों पर ई-रिक्शा की आवाजाही पर रोक लगा दी है। माल ढुलाई पर भी पाबंदी है।
नागपुर शहर में जाम की समस्या और सड़क हादसों का खतरा कम करने के लिए यातायात पुलिस ने ई-रिक्शा पर सख्ती कर दी है। शहर के 13 प्रमुख मार्गों पर अब ई-रिक्शा चलाने की इजाजत नहीं होगी। यह जानकारी ट्रैफिक डीसीपी आदित्य मिरखेलकर ने दी।
जिन रास्तों पर रोक लगी है, वहां ई-रिक्शा चलाते पकड़े जाने पर चालकों का चालान काटा जाएगा। इसके साथ ही ई-रिक्शा से माल ढुलाई करने पर भी पाबंदी लगा दी गई है।
यातायात विभाग के संज्ञान में आया है कि कुछ चालक ई-रिक्शा में यात्रियों के साथ-साथ माल भी ढो रहे हैं। विभाग ने साफ निर्देश दिए हैं कि ई-रिक्शा से माल परिवहन नहीं किया जाए। नियम तोड़ने वाले चालकों पर कार्रवाई होगी।
यातायात विभाग के मुताबिक इन मार्गों पर ई-रिक्शा प्रतिबंधित रहेंगे: बर्डी से वाड़ी, बर्डी से सीए रोड होते हुए भंडारा रोड (पारडी नाका), बर्डी से कामठी रोड जबलपुर मार्ग, बर्डी से छत्रपति चौक वर्धा रोड, बर्डी से हिंगना, बर्डी से काटोल नाका, बर्डी से सावनेर रोड छिंदवाड़ा मार्ग, बर्डी से नंदनवन, बर्डी से हुडकेश्वर और बर्डी से बेसा जाने वाले रास्ते।
इसके अलावा शहर के सभी प्रमुख राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर भी ई-रिक्शा की आवाजाही बंद कर दी गई है। नियम का उल्लंघन करने वालों पर नियमों के हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने इस कदम की वजह भी बताई है। शहर में गाड़ियों की तादाद लगातार बढ़ रही है और कई परिवारों के पास एक से ज्यादा दोपहिया और चौपहिया वाहन हैं। उसके मुकाबले पार्किंग की व्यवस्था काफी नहीं है, इसलिए सड़कों पर गाड़ियों का दबाव बढ़ गया है।
इसके ऊपर से शहर के अलग-अलग हिस्सों में सड़क निर्माण के काम चल रहे हैं, जिनकी वजह से प्रमुख मार्गों पर जाम लग रहा है। ऐसे में ट्रैफिक को सुचारु रखने और हादसों का खतरा घटाने के लिए यातायात विभाग ने यह फैसला लिया है।
डीसीपी मिरखेलकर ने ई-रिक्शा चालकों से अपना स्वतंत्र संगठन बनाने की अपील भी की है। ऑटो-रिक्शा चालकों की तरह ई-रिक्शा चालकों का अलग संगठन नहीं है, इस वजह से ट्रैफिक विभाग के नियम और निर्देश सब तक पहुंचाने में दिक्कत होती है।
संगठन बन जाने से विभाग और चालकों के बीच बातचीत बेहतर होगी और नियमों की जानकारी वक्त पर सबको मिल सकेगी। इससे शहर की यातायात व्यवस्था सुचारु रखने में मदद मिलेगी।
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