फिंगर प्रिंट से मिली डकैतों की अंतराज्यीय टोली
सर्राफा दुकान में डाली थी डकैती, चार सदस्य गिरफ्तार, क्राइम ब्रांच की कार्रवाई
नागपुर.
एमआईडीसी स्थित ढोमणे ज्वेलर्स के संचालक से हथियार की नोंक पर 40 लाख रुपये के गहने लुटनेवाली अंतरराज्यीय टोली का क्राइम ब्रांच ने पदार्फाश किया है. घटनास्थल पर मिले फिंगर प्रिंट के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची है. पुलिस ने चार आरोपियों को उत्तर प्रदेश के बरेली, नोएडा और मेरठ से गिरफ्तार किया है. उनके कब्जे से फॉर्च्यूनर बरामद की गई है.
एमआईडीसी के हिंगना मार्ग पर राकेश ढोमणे की ढोमणे ज्वेलर्स है. घटना के वक्त राकेश का कर्मचारी शुभम हाडगे दुकान में था. तभी आरोपियों ने दुकान में प्रवेश किया. आरोपियों ने शुभम को बंदूक दिखाकर जान से मारने की धमकी दी. उससे मारपीट करने लगे. दुकान से करीब 350 ग्राम वजन के सोने-चांदी के गहने लूटकर फरार हो गए. एमआईडीसी पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच ने भी प्रकरण की जांच आरंभ की. पुलिस ने 400 से अधिक सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया. पुलिस ने तकनीकी जांच और एआई की मदद से संदिग्धों की पहचान आरंभ की. पुलिस को घटनास्थल से आरोपियों फिंगर प्रिंट मिले थे. उसका विश्लेषण करके क्राइम ब्रांच की दो टीमें उत्तर प्रदेश और हरियाणा भेजी गई.
पुलिस ने सात दिनों तक आरोपियों का पीछा किया. जिसके आधार पर बरेली, नोएडा और मेरठ से आरोपियों को हिरासत में लिया गया. पुलिस ने सबसे पहले अभिषेक सिंह ठाकुर को बरेली, उत्तर प्रदेश से हिरासत में लिया. उससे गहन पूछताछ में अन्य साथियों की जानकारी दी. जिसके आधार पर जयराम उर्फ जोगींदर अशोकसिंह ठाकुर (19) और शुभांकित निलेशकुमार चतुर्वेदी (22) को नोएडा से, जबकि राजन शामी शर्मा (29) को मेरठ से हिरासत में लिया गया. उनके दो सदस्य फरार है. राजन नागपुर का निवासी है. उसके परिजन मेरठ में रहते है. वह संपन्न परिवार का है. वह आपराधिक प्रवत्ति का है. राजन साइबर ठगी में चैन्नई की जेल में बंद था. उस वक्त उत्तर प्रदेश के अपराधियों से उसकी दोस्ती हुई. इसके बाद से राजन उनके संपर्क में आया और जेल से रिहा होने के बाद अपराध करने लगा.
आरोपियों ने दिल्ली में लूट की योजना बनाई. राजन ने उन्हें नागपुर आने को कहा. सितंबर माह में आरोपी नागपुर आए. यहां थार और बाईक किराय पर लेकर राकेश ढोमणे के दुकान की जानकारी हासिल की. इसके बाद लौट गए. 1 अक्तूबर को डकैती डालने के लिए नागपुर के लिए रवाना हुए. 3 अक्तूबर को डकैती को डालने के बाद फरार हो गए. उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड के लिए रवाना हुए. नागपुर पुलिस ने नागपुर के निवासी आईजी निलेश भरणे से मदद मांगी. भरणे की मदद से राजन शर्मा पकड़ा गया. आरोपियों ने लुटे गए गहने अपने फरार साथी को दिए है. सीसीटीवी फुटेज के तकनीकी विश्लेषण, एआई तकनीक के इस्तेमाल, बेहतर टीमवर्क और दूसरे राज्यों की पुलिस से समन्वय बनाकर गुत्थी सुलझाई है. आरोपियों से अपराध में इस्तेमाल फॉर्च्यूनर बरामद की गई है.