नागपुर की रैली में फडणवीस का कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना, आपातकाल का हवाला दिया
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में बीजेपी की रैली में कहा कि 1975 में कांग्रेस ने संविधान की हत्या की थी। भाषण के आखिर में उन्होंने राहुल गांधी को भी निशाने पर लिया।
नागपुर में भारतीय जनता पार्टी ने 'संविधान बचाओ अराजकता हटाओ' नाम से रैली की। इसी मंच से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस और गांधी परिवार पर तीखा निशाना साधा। जनसभा को संबोधित करते हुए फडणवीस ने इतिहास का हवाला दिया और सीधा आरोप लगाया कि कांग्रेस ने संविधान के साथ खिलवाड़ किया और लोकतंत्र को कमजोर किया।
अपने भाषण की शुरुआत उन्होंने 1975 के आपातकाल से की। फडणवीस ने कहा कि उस साल कांग्रेस पार्टी ने देश के संविधान की खुलेआम हत्या की थी। उनके मुताबिक उस दौर में संविधान में ऐसे संशोधन किए गए, जिनसे आम नागरिकों के मूलभूत अधिकार पूरी तरह खत्म हो गए। फडणवीस ने कहा कि अधिकार खत्म होने की वजह से देश का कोई भी नागरिक अपने हक के लिए न हाईकोर्ट जा सकता था, न सुप्रीम कोर्ट।
इसके बाद फडणवीस ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि 1975 में अदालत ने साफ कर दिया था कि तब की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का चुनाव अवैध था और वे भ्रष्ट तरीकों से सत्ता में आई थीं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनके चुनाव को रद्द घोषित कर दिया था। फडणवीस ने बताया कि मामला जब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, तो वहां भी हाईकोर्ट के आदेश पर पूरा स्टे नहीं लगा।
फडणवीस के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि अंतिम निर्णय आने तक इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री के पद पर बनी रह सकती हैं, लेकिन संसद में वोट देने या भाषण देने का उन्हें कोई अधिकार नहीं होगा।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि देश की सबसे बड़ी अदालत के इस फैसले के बाद कांग्रेस ने लोकतंत्र की मर्यादा को ताक पर रख दिया। फडणवीस का आरोप था कि कांग्रेस ने संसद में अपने बहुमत का गलत इस्तेमाल किया और संविधान में संशोधन कर दिया।
फडणवीस ने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के संविधान का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि आंबेडकर ने संविधान बनाते वक्त प्रधानमंत्री को कानून और अदालतों के अधीन रखा था। लेकिन कांग्रेस ने संशोधन लाकर यह प्रावधान कर दिया कि प्रधानमंत्री किसी भी अदालत के अधीन नहीं रहेंगे। फडणवीस ने कहा कि इस तरह इंदिरा गांधी को सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बचाकर पद पर बनाए रखा गया।
फडणवीस ने यह भी कहा कि 1977 में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में जनता पार्टी की सरकार बनी और मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री बने। तब जाकर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के संविधान को फिर से ठीक किया गया। उनके अनुसार जनता पार्टी की सरकार ने यह तय किया कि देश का प्रधानमंत्री संविधान और सर्वोच्च न्यायालय से ऊपर नहीं हो सकता, और किसी नागरिक के मूलभूत अधिकार भी छीने नहीं जा सकते।
भाषण के आखिर में फडणवीस ने राहुल गांधी को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि जो काम आपकी दादी इंदिरा गांधी नहीं कर सकीं, वही काम अब राहुल गांधी करने की कोशिश कर रहे हैं। फडणवीस ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने हमेशा संविधान और सुप्रीम कोर्ट के साथ खिलवाड़ किया है।
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