नागपुर में विंटर सेशन की तैयारी तेज, विभागों को 19 नवंबर तक काम निपटाने के निर्देश
संभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी ने सभी सरकारी विभागों से 19 नवंबर से पहले विधान भवन की तैयारियां पूरी करने को कहा है। उसी दिन से अधिकारी और कर्मचारी परिसर में पहुंचना शुरू करेंगे।
महाराष्ट्र विधानमंडल का शीतकालीन सत्र नागपुर में होने वाला है और उसकी उल्टी गिनती अब तेज हो गई है। संभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी ने सभी सरकारी विभागों को निर्देश दिया है कि वे विधान भवन में अपनी-अपनी तैयारियां 19 नवंबर से पहले पूरी कर लें। इसी तारीख से अधिकारी और कर्मचारी विधान भवन परिसर में पहुंचना शुरू करेंगे।
प्रशासन ने इस सालाना आयोजन के लिए कमर कसनी शुरू कर दी है। सत्र के दौरान मंत्री, विधायक, वरिष्ठ अफसर, सरकारी कर्मचारी और मीडियाकर्मी महाराष्ट्र की उपराजधानी नागपुर आएंगे। इतनी बड़ी तादाद में लोगों के आने से शहर की सड़कों, ट्रैफिक व्यवस्था, जनसुविधाओं और नागरिक ढांचे पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की उम्मीद है।
बुधवार को हुई समीक्षा बैठक में बिदरी ने इंतज़ामों का जायज़ा लिया। उन्होंने देखा कि बुनियादी ढांचा कितना तैयार है, आम लोगों की सेवाओं की क्या स्थिति है, सुरक्षा से जुड़ा तालमेल कैसा है और अलग-अलग सरकारी एजेंसियों को कौन-सी ज़िम्मेदारी दी गई है। उन्होंने विभागों से कहा कि आखिरी वक्त की भागदौड़ से बचें और तय समय के भीतर अपना काम निपटा लें।
सत्र के दौरान गाड़ियों की आवाजाही काफी बढ़ने का अंदाज़ा है। इसे देखते हुए बिदरी ने ज़ोर दिया कि ट्रैफिक की पूरी योजना बनाई जाए, ताकि जाम न लगे और खासकर अहम सरकारी दफ्तरों के आसपास शहर में गाड़ियां आसानी से चल सकें।
प्रशासन ने इस बात को भी ध्यान में रखा है कि सत्र के दौरान सामाजिक संगठन, कर्मचारी यूनियन और दूसरे समूह धरना, प्रदर्शन और मोर्चे निकाल सकते हैं। बिदरी ने अफसरों से कहा कि प्रदर्शन वाली जगहों पर पर्याप्त मेडिकल सुविधा रखी जाए और किसी भी इमरजेंसी से निपटने के लिए हेल्थ टीमें तैयार रहें।
प्रदर्शनकारियों, आने वाले लोगों और स्थानीय निवासियों को बुनियादी सहूलियत देने के लिए मुनासिब जगहों पर मोबाइल टॉयलेट लगाने पर भी ज़ोर दिया गया।
बिदरी ने विभागों के आपसी तालमेल की अहमियत बताते हुए चेताया कि एक एजेंसी का काम दूसरी एजेंसी की तैयारियों में रुकावट नहीं बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि जहां ज़रूरत हो, वहां मिलकर फैसले लिए जाएं, ताकि इंतज़ाम बिना किसी प्रशासनिक अड़चन के आगे बढ़ें।
शीतकालीन सत्र के लिए पुलिस, राजस्व, लोक निर्माण, स्वास्थ्य और परिवहन विभागों के साथ स्थानीय नागरिक निकायों को खास ज़िम्मेदारियां सौंपी गई हैं। विधानमंडल के नागपुर में रहने के दौरान प्रशासन और जनसेवाओं पर जो अतिरिक्त बोझ आएगा, उसे संभालने में इन सबका मिलकर काम करना अहम होगा।
बैठक में पुलिस सह आयुक्त नवीनचंद्र रेड्डी, कलेक्टर कुमार आशीर्वाद, नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार और संभागीय सह आयुक्त तुषार मठकर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
विधान भवन में इंतज़ाम पूरे करने की आखिरी तारीख 19 नवंबर तय है। ऐसे में प्रशासन पर दबाव है कि पहला जत्था पहुंचने से काफी पहले बुनियादी ढांचा, जनसुविधाएं और तालमेल की व्यवस्था तैयार हो जाए।
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