सोम‌वार, 2 नवंबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

नागपुर के लिए 1,300 करोड़ की दो पानी योजनाएं प्रस्तावित, 400 कुओं पर लगेगा सोलर पंप

नागपुर के लिए 1,300 करोड़ की दो पानी योजनाएं प्रस्तावित, 400 कुओं पर लगेगा सोलर पंप तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शहर PT24 टीम

पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने नगर निगम, एनएमआरडीए और जलसंपदा विभाग को प्रस्ताव तैयार कर तुरंत राज्य सरकार को भेजने को कहा है।

नागपुर और आसपास के तेजी से बढ़ते शहरों की आगे की पानी की जरूरत पूरी करने के लिए 1,300 करोड़ रुपये की दो बड़ी जलापूर्ति योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। विदर्भ के नागपुर जिले में जलसंकट से निपटने के लिए प्रशासन पूरा जोर लगा रहा है, और ये योजनाएं उसी का हिस्सा हैं।

पहली योजना कन्हान-कोलार नदी पर बैराज बनाने की है, जिस पर करीब 900 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। दूसरी योजना एनएमआरडीए की ओर से 400 करोड़ रुपये की है। इसमें पेंच बांध में बचे 35 एमएलडी अतिरिक्त पानी का इस्तेमाल करके आसपास के शहरों को पानी दिया जाएगा।

पालक मंत्री और राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने शनिवार को नियोजन भवन में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ली। यह बैठक पेयजल संकट से निपटने के उपायों की समीक्षा के लिए थी। इसी बैठक में उन्होंने नगर निगम, एनएमआरडीए और जलसंपदा विभाग को दोनों योजनाओं के प्रस्ताव तैयार करके तत्काल राज्य सरकार को भेजने के निर्देश दिए।

बैठक में वित्त एवं नियोजन राज्य मंत्री आशीष जायसवाल, महापौर नीता ठाकरे, सांसद माया इवनाते, विधायक राजीव पोद्दार, संजय भेंडे, कृष्णा खोपड़े और प्रवीण दटके मौजूद थे। उपमहापौर लीला हाथीबेड, स्थायी समिति की सभापति शिवानी दाणी-वखरे, सत्ता पक्ष नेता बाल्या बोरकर, नगर निगम आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर और एनआईटी के सभापति संजय मीणा भी थे। इनके साथ दूसरे जनप्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी भी आए थे।

बावनकुले ने कहा कि आबादी बढ़ने के साथ नागपुर और आसपास के शहरों में पानी की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। आगे जलसंकट न हो, इसलिए स्थायी जलस्रोत खड़े करना जरूरी है। इसी वजह से कन्हान-कोलार नदी पर बैराज की योजना फिर से प्रस्तावित करने को कहा गया है। प्रस्ताव को राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी दिलाने की कोशिश की जाएगी।

शहर में साफ किए गए गंदे पानी को दोबारा इस्तेमाल करने की योजना भी बनी है। इसके तहत 10 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में हाइडेंट लगाए जाएंगे। वहां से टैंकरों के जरिए बगीचों और सड़क किनारे के पेड़-पौधों की सिंचाई के लिए पानी दिया जाएगा।

नगर निगम आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर ने बैठक में वर्ष 2026 के जल बचत और जल संरक्षण अभियान का प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि पानी की लीकेज रोकने के लिए तुरंत उपाय किए जा रहे हैं। रेन वॉटर हार्वेस्टिंग को भी बढ़ावा दिया जाएगा। शहर के सार्वजनिक कुओं का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल हो, इसके लिए छोटी जलापूर्ति योजनाएं शुरू होंगी।

नागपुर में कुल 860 सार्वजनिक कुएं हैं। इनमें से 400 कुओं पर सौर ऊर्जा से चलने वाली दोहरी पंपिंग प्रणाली लगाई जाएगी। इस पर करीब 16 करोड़ रुपये खर्च होंगे और रोजाना 20 एमएलडी पानी उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।

नागपुर नगर निगम ने शहर के 293 वाहन धुलाई केंद्रों का सर्वेक्षण किया। इनमें से 75 केंद्र नल का पीने लायक पानी इस्तेमाल करते पाए गए, उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। इन केंद्रों से कहा गया है कि वे पीने के पानी की जगह दूसरे स्रोतों का पानी इस्तेमाल करें। आयुक्त के मुताबिक कार धोने के लिए नगर निगम के नल का पानी लेने वालों का कनेक्शन काटने की कार्रवाई भी की जा रही है।

#नागपुर#शहर#PT24#Civic#Nagpur

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे