नागपुर एयरपोर्ट के टर्मिनल का होगा बड़ा कायाकल्प, 19,500 वर्ग मीटर में रिफर्बिशमेंट
डॉ. बाबासाहेब आम्बेडकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के मौजूदा टर्मिनल के लगभग 19,500 वर्ग मीटर हिस्से का नवीनीकरण होगा। यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए सेल्फ बैग-ड्रॉप, सेल्फ चेक-इन और अतिरिक्त एक्स-रे मशीनें लगाई जाएंगी।
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नागपुर के डॉ. बाबासाहेब आम्बेडकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल का बड़ा नवीनीकरण होने जा रहा है। एयरपोर्ट चलाने वाली कंपनी GMR Nagpur International Airport Limited (GNIAL) मौजूदा टर्मिनल के करीब 19,500 वर्ग मीटर हिस्से को नया रूप देने की तैयारी में है। मकसद है इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाना, यात्रियों की आवाजाही आसान करना और सफर का पूरा अनुभव बेहतर करना। यह प्रोजेक्ट जरूरी नियामक मंजूरियां मिलने के बाद आगे बढ़ेगा।
GNIAL के चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर श्रीकांत भंडारकर ने बताया कि प्रोजेक्ट के लिए फाइनेंशियल क्लोजर हो चुका है, डिज़ाइन डेवलपमेंट आगे बढ़ चुका है और ठेकेदार भी जोड़ लिए गए हैं। उनके मुताबिक यह रिफर्बिशमेंट एयरपोर्ट की यात्री सुविधाओं को बेहतर करने और हवाई यात्रियों की बढ़ती उम्मीदों पर खरा उतरने की दिशा में अहम कदम होगा।
भंडारकर के अनुसार काम तभी शुरू होगा जब जरूरी नियामक मंजूरियां मिल जाएंगी। पहला चरण काम शुरू होने के 12 से 18 महीने के भीतर पूरा होने की उम्मीद है, बशर्ते मंजूरियां और प्रोजेक्ट का एक्जीक्यूशन शेड्यूल इसकी इजाजत दें। यह समय-सीमा निर्माण कार्य शुरू होने की तारीख से गिनी जाएगी, प्रोजेक्ट के ऐलान की तारीख से नहीं। बड़े रिफर्बिशमेंट की शुरुआत अभी नियामक औपचारिकताएं पूरी होने पर ही टिकी है।
प्रस्तावित बदलाव का फोकस यात्रियों की सहूलियत बढ़ाने, अहम जगहों पर भीड़ घटाने और टर्मिनल की कार्यक्षमता मजबूत करने पर रहेगा। इसमें चार सेल्फ बैग-ड्रॉप काउंटर और पांच सेल्फ चेक-इन कियोस्क जोड़े जाएंगे, ताकि यात्री बोर्डिंग से पहले की जरूरी औपचारिकताएं आसानी से निपटा सकें।
सिक्योरिटी स्क्रीनिंग की क्षमता बढ़ाने के लिए चार और एक्स-रे मशीनें लगाई जाएंगी, जिससे यात्रियों की प्रोसेसिंग तेज हो। टर्मिनल के बाहर फोरकोर्ट का कर्ब एरिया, जहां यात्रियों को छोड़ा और लिया जाता है, बढ़ाया जाएगा ताकि पहुंच और ट्रैफिक की आवाजाही बेहतर हो।
रिफर्बिशमेंट में वॉशरूम का अपग्रेड, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए अलग लाउंज और बस बोर्डिंग गेट की संख्या दो से बढ़ाकर चार करना भी शामिल है। बस बोर्डिंग की सुविधा बढ़ने से यात्रियों को संभालने में ज्यादा लचीलापन मिलने और बोर्डिंग का काम बेहतर होने की उम्मीद है।
इस बीच पिछले तीन महीनों में GNIAL ने यात्रियों के लिए कई सुधार किए हैं। बड़े प्रोजेक्ट की तैयारी चल ही रही है, साथ ही अलग-अलग टचपॉइंट पर सेवाएं बेहतर करने और यात्रियों की जरूरतों पर ध्यान देने का काम हुआ है। अहम जगहों पर पैसेंजर सपोर्ट एसोसिएट और क्यू मैनेजर तैनात किए गए हैं, जो यात्रियों को गाइड करते हैं, कतारें संभालते हैं और एयरपोर्ट की औपचारिकताओं में मदद करते हैं। फेशियल रिकग्निशन से यात्री की पहचान करने वाले Digi Yatra के प्रोसेसिंग सिस्टम को भी बेहतर किया गया है, ताकि तय चेकपॉइंट से सफर आसान रहे।
टर्मिनल की लाइटिंग और लैंडस्केपिंग में सुधार किया गया है, ताकि माहौल ज्यादा आरामदेह और स्वागत भरा लगे। एयरोब्रिज पर नए कार्पेट बिछाए गए हैं और पूरे टर्मिनल में खुशबू वाले सिस्टम लगाए गए हैं।
सिक्योरिटी चेकपॉइंट पर यात्रियों के सामान को स्क्रीनिंग से पहले सलीके से रखने के लिए अतिरिक्त ट्रे और तैयारी की टेबलें रखी गई हैं। ट्रॉली की उपलब्धता और बैगेज सेवाएं भी सुधारी गई हैं। GNIAL ने टर्मिनल में सफाई और पेस्ट कंट्रोल के इंतजाम भी मजबूत किए हैं। साथ ही यात्रियों की मेडिकल जरूरतों और दूसरी जरूरी मदद के लिए डॉक्टर, पैरामेडिक और टेक्नीशियन चौबीसों घंटे मौजूद रहते हैं।
प्रस्तावित रिफर्बिशमेंट और हाल के सुधारों के जरिए GNIAL इंफ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण को बेहतर यात्री प्रबंधन और सुविधाओं के साथ जोड़ना चाहता है। सेल्फ-सर्विस सुविधाएं, बढ़े हुए बोर्डिंग गेट और अलग लाउंज प्रोजेक्ट लागू होने के बाद एयरपोर्ट का अनुभव बेहतर करेंगे, ऐसी उम्मीद है।
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