नागपुर एयरपोर्ट पर अब चेहरा देखते ही खुलेगा गेट, बोर्डिंग पास स्कैन की झंझट खत्म
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर डिजी यात्रा सिस्टम में सिंगल स्टेप फेस रिकग्निशन शुरू, अब गेट पर बोर्डिंग पास या क्यूआर कोड स्कैन करने की जरूरत नहीं रहेगी।
नागपुर के डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पैसेंजरों की एंट्री अब पहले से ज्यादा तेज और आसान होने वाली है। जीएमआर नागपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने डिजी यात्रा सिस्टम में एक बड़ा बदलाव किया है। सभी डिजी यात्रा गेटों पर अब सिंगल स्टेप फेस रिकग्निशन टेक्नोलॉजी शुरू कर दी गई है।
इस नई व्यवस्था के तहत एयरपोर्ट के गेट पर बोर्डिंग पास या क्यूआर कोड स्कैन करने का अलग स्टेप अब नहीं रहेगा। पहले डिजी यात्रा ऐप पर रजिस्ट्रेशन के बाद उसमें बोर्डिंग पास जोड़ना पड़ता था। एयरपोर्ट पहुंचने पर गेट पर पहले बोर्डिंग पास या क्यूआर कोड स्कैन होता था, उसके बाद कैमरे से चेहरा पहचानकर ई-गेट खुलता था। यानी पहले दो अलग-अलग स्टेप से गुजरना पड़ता था।
नई सिस्टम में यह एक्स्ट्रा स्टेप हटा दिया गया है। हालांकि पैसेंजर को डिजी यात्रा ऐप पर रजिस्ट्रेशन करना और उस पर बोर्डिंग पास शेयर करना अब भी जरूरी रहेगा। इतना करने के बाद जैसे ही पैसेंजर डिजी यात्रा गेट के सामने पहुंचेगा, कैमरा उसका चेहरा पहचान लेगा। उपलब्ध जानकारी से मिलान होते ही ई-गेट अपने आप खुल जाएगा।
एयरपोर्ट मैनेजमेंट को उम्मीद है कि इस नई सुविधा से गेटों पर लगने वाली लाइन कम होगी और पैसेंजरों का वेटिंग टाइम भी बचेगा। खासकर गेट से सिक्योरिटी चेकिंग एरिया तक का सफर अब ज्यादा तेजी से पूरा हो सकेगा, जिससे एयरपोर्ट पर पूरा पैसेंजर एक्सपीरियंस और स्मूथ हो जाएगा।
जीएमआर नागपुर के सीईओ ने बताया कि डिजी यात्रा सिस्टम में सिंगल स्टेप फेस रिकग्निशन सुविधा पैसेंजरों का अनुभव बेहतर बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने कहा कि इंसानी दखल कम करके वेरिफिकेशन प्रोसेस को आसान बनाया गया है। उनका कहना है कि पैसेंजरों को सेफ, एफिशिएंट और कॉन्टैक्टलेस ट्रैवल का अनुभव देना उनका मकसद है। सीईओ के मुताबिक नई व्यवस्था से बोर्डिंग पास स्कैन का स्टेप खत्म होने पर गेट पर भीड़ और वेटिंग टाइम दोनों कम होंगे। इससे लोगों को होने वाली दिक्कत भी घटेगी और सफर में एक सहूलियत आएगी।