नाबालिग लड़की को भगा ले जाने का आरोपी यवतमाल के किन्ही गांव से पकड़ा गया
वर्धा के अनैतिक मानव वाहतूक प्रतिबंधक कक्ष ने आरोपी और लड़की को एक ही जगह से हिरासत में लिया, आगे की जांच वडनेर पुलिस के पास।
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वर्धा के अनैतिक मानव वाहतूक प्रतिबंधक कक्ष की टीम ने एक नाबालिग लड़की को भगा ले जाने के आरोपी को पकड़ लिया है। आरोपी की पहचान वाल्मीक मोरेश्वर ढोबळे के रूप में हुई है। उसकी उम्र 29 साल है और वह यवतमाल जिले के कारेगांव का रहने वाला है। पुलिस को लड़की भी उसी के साथ मिली। दोनों को हिरासत में लेकर आगे की जांच के लिए वडनेर पुलिस स्टेशन के हवाले कर दिया गया है।
मामला दिसंबर 2025 का है। लड़की के पिता कपास चुनने के काम के लिए परिवार के साथ हिंगणघाट तहसील के येरणगांव में एक खेत पर आए हुए थे। 10 दिसंबर 2025 को उनकी तबीयत ठीक नहीं थी, इसलिए वे इलाज के लिए सेवाग्राम के अस्पताल चले गए। उनकी पत्नी बेटी को साथ लेकर खेत में काम करने गई थीं।
शाम करीब 5 बजे पिता घर लौटे तो पत्नी ने उन्हें बताया कि दोपहर करीब 2 बजे बेटी खाना खाने के लिए खेत के पेड़ की तरफ गई थी। काफी देर हो गई, पर वह वापस नहीं आई। उसे ढूंढा गया, लेकिन वह कहीं नहीं मिली। पत्नी ने यह भी बताया कि खेत में काम करने वाला वाल्मीक ढोबळे भी खेत में दिखाई नहीं दिया।
पिता ने गांव में और आसपास दोनों की तलाश की, मगर कोई पता नहीं चला। तब उन्हें लगा कि बेटी को भगा ले जाया गया है। उन्होंने 17 दिसंबर 2025 को वडनेर पुलिस स्टेशन में शिकायत दी। उनकी रिपोर्ट पर मामला दर्ज हुआ और बाद में इस मामले की जांच अनैतिक मानव वाहतूक प्रतिबंधक कक्ष, वर्धा को सौंप दी गई।
कक्ष की टीम ने जांच बारीकी से की और गुप्त सूचना के आधार पर लड़की और आरोपी की तलाश शुरू की। पता चला कि आरोपी यवतमाल जिले के किन्ही गांव में आया हुआ है। यह जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। उनके मार्गदर्शन में स्थानीय अपराध शाखा, वर्धा के पुलिस निरीक्षक विनोद चौधरी ने एक टीम बनाई और उस जगह पहुंचे। सूचना के मुताबिक आरोपी और लड़की एक ही जगह पर मिल गए।
आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक उसने बताया कि जिस खेत में वह काम करता था, वहीं लड़की भी काम करती थी और वहीं उसकी जान-पहचान हुई। उसने कहा कि उसने लड़की से साथ भागकर शादी करने की बात कही थी और 10 दिसंबर 2025 को दोपहर करीब 2 बजे खेत से उसे अपने साथ ले गया। आरोपी के बयान के अनुसार दोनों एसटी बस से राळेगांव, यवतमाल, शेगांव, शिर्डी, अक्कलकोट और पुणे में रुके। पैसे खत्म हो गए तो वापस यवतमाल आ गए। उसने यह भी बताया कि वह किन्ही गांव में पिछले एक महीने से ग्राम पंचायत दफ्तर की कचरा गाड़ी पर कचरा जमा करने का काम कर रहा था।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार अग्रवाल और अपर पुलिस अधीक्षक सदाशिव वाघमारे के मार्गदर्शन में हुई। इसमें स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक विनोद चौधरी के साथ पुलिस अंमलदार अमर लाखे, संजयसिंग सूर्यवंशी, चंद्रकांत बुरंगे, संजय राठोड, नितेश मेश्राम, शबाना शेख और नवनाथ मुंडे शामिल थे। ये सभी अनैतिक मानव वाहतूक प्रतिबंधक कक्ष, वर्धा में तैनात हैं।