वर्धा में बार-बार गुनाह करने वाले कुख्यात गैंग लीडर और साथियों पर मोक्का की कार्रवाई
वर्धा शहर पुलिस स्टेशन के रामनगर इलाके में सक्रिय कुख्यात गैंग लीडर और उसके साथियों पर मोक्का के तहत कार्रवाई, आंध्र प्रदेश से गिरफ्तारी।
वर्धा शहर पुलिस स्टेशन के रामनगर इलाके में सक्रिय एक कुख्यात गैंग के लीडर और उसके साथियों के खिलाफ अब महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम यानी मोक्का के तहत कार्रवाई की गई है। इंदिरानगर, आदिवासी कॉलोनी, वर्धा में रहने वाला सूरज उर्फ टोली मनोज धाडवे, उम्र २७ साल, इस गैंग का सरगना बताया जा रहा है। इसके साथ जो साथी मिलकर गुनाह करते थे, उनमें वर्धा निवासी भूषण संतोषराव राऊत (२१), सोमनाथे लेआउट रामनगर वर्धा निवासी शांतनु आदेश नेवारे, इंदिरानगर आदिवासी कॉलोनी वर्धा निवासी गौरव संजयराव जबडे (२४) और इसी कॉलोनी में रहने वाला जतिन सतीश राऊत (१९) का नाम शामिल है। इस गैंग में एक और अनजान शख्स भी शामिल था।
पुलिस के मुताबिक यह गैंग गैरकानूनी तरीके से लोग जमा कर मारपीट करना, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देना, नुकसान पहुंचाकर रंगदारी मांगना, गंभीर चोट पहुंचाना, साथियों के साथ मिलकर खून करने की कोशिश करना, देसी-विदेशी शराब की तस्करी करना और सरकार के आदेश की परवाह किए बिना हथियार लेकर गैरकानूनी जमावड़ा कर गाली-गलौज और नुकसान करना, ऐसे गुनाह आदतन करता रहा है। पुलिस का कहना है कि ये सारे गुनाह गैंग लीडर और उसके साथियों ने अपनी टोली के आर्थिक फायदे और दबदबे के लिए ही किए। इसी सिलसिले में वर्धा शहर पुलिस स्टेशन में अपराध क्रमांक १४०४/२०२६ के तहत भारतीय न्याय संहिता २०२३ की धारा ३०८(३)(५), ३१८(१), १८९(२)(४), १९०, १९१(५), ३५१(२), ३५२, ३२४(४)(५) और भारतीय हथियार अधिनियम १९५९ की धारा ४, २५ के तहत केस दर्ज था।
पुलिस निरीक्षक नागेशकुमार चतरकर ने इस मामले में मोक्का लगाने का प्रस्ताव वर्धा पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार अग्रवाल के जरिए नागपुर परिक्षेत्र के विशेष पुलिस महानिरीक्षक को भेजा था। जांच में पाया गया कि गैंग लीडर और उसके साथी अपनी टोली के फायदे और दबदबे के लिए ही ये गुनाह करते रहे, जिसके बाद विशेष पुलिस महानिरीक्षक ने मोक्का अधिनियम १९९९ की धारा ३(१)(दो), ३(२), ३(४) जोड़ने और धारा २३(१) के तहत जांच की इजाजत दे दी।
केस दर्ज होने के बाद से गैंग लीडर और उसके साथी फरार चल रहे थे। स्थानीय अपराध शाखा वर्धा के पुलिस निरीक्षक विनोद चौधरी की देखरेख में टीम ने आंध्र प्रदेश के ईस्ट गोदावरी जिले की बैरेज कॉलोनी से इन सबको पकड़ा और गिरफ्तार कर लिया। गैंग में शामिल अनजान शख्स की पहचान भी हो गई है, लेकिन वह विधि संघर्षग्रस्त बालक यानी नाबालिग है, इसलिए उसका नाम उजागर नहीं किया जा सकता।
इस केस की जांच नागपुर परिक्षेत्र के विशेष पुलिस महानिरीक्षक के आदेश पर आर्वी के उपविभागीय पुलिस अधिकारी राहुल आत्राम कर रहे हैं। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार अग्रवाल, अपर पुलिस अधीक्षक सदाशिव वाघमारे, उपविभागीय पुलिस अधिकारी सुनिल महाडीक और पुलिस निरीक्षक विनोद चौधरी की देखरेख में पुलिस हवलदार अमोल आत्राम, पुलिस हवलदार आशिष महेशगौरी, पुलिस निरीक्षक नागेशकुमार चतरकर, पुलिस उपनिरीक्षक शरद गायकवाड, सुनिल राम, महिला पुलिस हवलदार वैशाली करमरकर, महिला पुलिस शिपाई करिश्मा परचाके और प्रविण शिंदे की टीम ने की। यह जानकारी २४ सितंबर २०२६ को स्थानीय अपराध शाखा वर्धा के पुलिस निरीक्षक विनोद चौधरी ने दी।