गडचांदूर-लखमापूर रोड: आठ दिन बंद रहने के बाद एक ही दिन में उखड़ गई सड़क
गडचांदूर-लखमापूर रोड पर रेलवे फाटक क्रमांक 11 की मरम्मत के बाद सड़क एक दिन में उखड़ गई। नागरिकों में नाराजगी है।
गडचांदूर-लखमापूर रोड पर रेलवे फाटक क्रमांक 11 (LC No. 11/GDCR) की मरम्मत के लिए पूरे आठ दिन सड़क बंद रखी गई थी। लेकिन काम पूरा होने के एक ही दिन बाद सड़क उखड़ गई। इससे रेलवे विभाग के कामकाज के तरीके पर नागरिकों में नाराजगी है।
बताया जा रहा है कि रेलवे क्रॉसिंग पर लेवलिंग और मेटल का काम भी अधूरा है। इसी वजह से मरम्मत की क्वालिटी पर सवाल उठ रहे हैं।
यह मुख्य रोड लगातार आठ दिन बंद रही। इस दौरान आम लोगों और गाड़ी चलाने वालों ने प्रशासन का पूरा साथ दिया। उन्हें उम्मीद थी कि काम के बाद सड़क टिकाऊ, मजबूत और सुरक्षित बनेगी।
मगर काम खत्म होने के एक दिन बाद ही सड़क पूरी तरह उखड़ गई और उसका बुरा हाल हो गया। गिट्टी और खड़ी बिखर जाने से दुपहिया गाड़ियों के फिसलकर गिरने का खतरा बहुत बढ़ गया है। आठ दिन सड़क बंद रखने के बाद भी अगर एक दिन में वह खराब हो जाए, तो काम के दर्जे पर बड़ा सवाल खड़ा होता है।
इस रेलवे फाटक के पास की सड़क पर कई सालों से गड्ढों की समस्या बनी हुई है। गड्ढों की वजह से गाड़ी चलाने वालों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है और इसी इलाके में कई हादसे भी हो चुके हैं। इसलिए फाटक के आसपास की सड़क की स्थायी मरम्मत जरूरी है।
ऐसे में सिर्फ अस्थायी लीपापोती से काम नहीं चलेगा। सड़क बार-बार खराब क्यों होती है, इसकी वजह ढूंढकर उस पर स्थायी इलाज करना जरूरी है। नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े इस मामले को संबंधित विभाग को गंभीरता से लेना चाहिए।
लखमापूर के सामाजिक कार्यकर्ता हरीशचंद्र थिपे ने कहा, "आठ दिन रोड बंद रखने के बाद भी मरम्मत का दर्जा नहीं टिकता, तो इस काम का क्या फायदा? क्या मरम्मत के नाम पर सिर्फ ऊपरी-ऊपरी काम हुआ? मरम्मत के काम की गहरी जांच करके संबंधितों पर उचित कार्रवाई की जाए। वरना रेलवे प्रशासन के खिलाफ तीव्र आंदोलन करके रेल बंद करेंगे।"
माणिकगड के रेलमार्ग विभागीय अभियंता कृष्ण प्रसाद ने कहा कि गडचांदूर-लखमापूर रोड पर रेलवे फाटक क्रमांक 11 (LC No. 11/GDCR) पर मरम्मत के लिए आठ दिन रोड बंद रखकर रेलवे क्रॉसिंग पर लेवलिंग और मेटल का काम किया गया है। बाकी काम जल्द ही करेंगे।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।