शुक्रवार, 6 नवंबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

मेयो अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टर से मारपीट का आरोप, डॉक्टर पर भी केस; मार्ड ने दी हड़ताल की चेतावनी

जुर्म PT24 टीम

नागपुर के मेयो अस्पताल में 4 नवंबर को ड्यूटी पर तैनात रेजिडेंट डॉक्टर के साथ एक पुलिसकर्मी और उसके बेटे पर मारपीट का आरोप है। सीसीटीवी फुटेज सामने आया है और मार्ड ने डॉक्टर पर भी केस दर्ज होने का आरोप लगाया है।

नागपुर के इंदिरा गांधी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय और अस्पताल, यानी मेयो अस्पताल में एक रेजिडेंट डॉक्टर के साथ मारपीट का मामला गरमा गया है। आरोप है कि 4 नवंबर को ड्यूटी पर मौजूद इस डॉक्टर को एक पुलिसकर्मी और उसके बेटे ने मारा। इस वाकये का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आ चुका है।

सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि मारपीट की शिकायत करने वाले डॉक्टर पर ही केस दर्ज कर दिए गए। यह आरोप महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेसिडेंट डॉक्टर्स, यानी मार्ड (MARD) ने लगाया है।

मार्ड के मुताबिक मामला मेयो के दुर्घटना विभाग का है। वहां डॉक्टर ने एक गंभीर मरीज के इलाज को पहले रखा। इससे पुलिसकर्मी और उसका बेटा नाराज हो गए और उन्होंने डॉक्टर के साथ मारपीट की, ऐसा आरोप है।

इसके बाद डॉक्टर शिकायत दर्ज कराने तहसील पुलिस स्टेशन पहुंचे। मार्ड का आरोप है कि वहां उन्हें करीब छह घंटे तक बिठाकर रखा गया। संगठन का यह भी आरोप है कि मारपीट करने वाले पुलिस वालों पर केस दर्ज करते वक्त डॉक्टरों पर भी गंभीर धाराएं लगाई गईं, जैसे बंधक बनाकर रखना और जान को खतरे में डालना।

मार्ड ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी और संबंधित पुलिसकर्मी को सस्पेंड करने की मांग भी रखी गई है।

संगठन ने साफ चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो मेयो के रेजिडेंट डॉक्टर अनिश्चितकालीन काम बंद आंदोलन करेंगे। वहीं राज्य स्तर पर मार्ड ने पूरे महाराष्ट्र में आंदोलन की चेतावनी दी है।

उधर पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर केस दर्ज किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक जांच से ही पता चलेगा कि असल में क्या हुआ था। पुलिस ने यह भी साफ किया है कि उसने किसी की तरफदारी नहीं की है।

फिलहाल मामला जांच के दायरे में है और सबकी नजर इस पर है कि पुलिस की पड़ताल क्या निकलती है और मार्ड की मांगों पर आगे क्या होता है। अभी जो कुछ सामने आया है, वह आरोपों के स्तर पर ही है और जांच पूरी होने तक किसी को दोषी नहीं कहा जा सकता।

#नागपुर#जुर्म#PT24#Crime#Nagpur

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे