माथेरान की मिनीबस के ड्राइवर पर बुजुर्गों से बदतमीजी का आरोप, यात्री नाराज
नेरळ के स्टॉप पर बस नहीं रुकी, यात्रियों को टैक्सी लेनी पड़ी; माथेरान क्षत्रिय मराठा समाज ने किया विरोध।
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माथेरान जाने वाली एसटी मिनीबस के ड्राइवर और कंडक्टर पर बुजुर्ग यात्रियों के साथ बदतमीजी करने का आरोप लगा है। मामला सामने आने के बाद माथेरान क्षत्रिय मराठा समाज ने इस घटना का विरोध किया है।
18 अक्टूबर को कर्जत-नेरळ-माथेरान रूट पर चलने वाली मिनीबस नेरळ के तय बस स्टॉप पर पहुंची ही नहीं। वहां बस का इंतजार कर रहे यात्रियों को आखिरकार टैक्सी से सफर करना पड़ा। इसी बीच टैक्सी में बैठे यात्रियों ने देखा कि वही मिनीबस हुतात्मा चौक से माथेरान की तरफ जा रही है। इसके बाद यात्रियों ने गाड़ी रुकवाई और ड्राइवर व कंडक्टर से इसका जवाब मांगा।
आरोप है कि नेरळ के स्टॉप पर बस न ले जाने और यात्रियों को हुई परेशानी के बारे में पूछे जाने पर ड्राइवर और कंडक्टर ने बुजुर्ग यात्रियों को अपमानजनक जवाब दिए। यात्रियों ने सवाल उठाया था कि अगर गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।
माथेरान जैसी पर्यटन की जगह पर सैलानियों और स्थानीय लोगों को सस्ता सफर मिल सके, इसके लिए एसटी महामंडल मिनीबस सेवा चलाता है। लेकिन यात्रियों की शिकायत है कि पुरानी हो चुकी मिनीबसें माथेरान घाट में बार-बार बंद पड़ जाती हैं। हफ्ते में एक-दो बार गाड़ी बंद होने से यात्रियों को घाट में पैदल चलना पड़ता है। बताया जाता है कि सरकार ने इस रूट के लिए दो मिनीबस खरीदी हैं, फिर भी असल में नियमित रूप से सिर्फ एक ही बस चल रही है।
इस घटना पर माथेरान क्षत्रिय मराठा समाज के अध्यक्ष गिरीश पवार ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि संबंधित ड्राइवर और कंडक्टर के बर्ताव के वीडियो जांचे जाएं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
यात्रियों और समाज की मांग है कि ड्राइवर-कंडक्टर पर कार्रवाई हो और घाट में बार-बार बंद पड़ने वाली बसों की समस्या भी देखी जाए।