मराठी फिल्म 'चिकीझिंग' का शीर्षकगीत रिलीज, 19 नवंबर को सिनेमाघरों में
आगामी मराठी फिल्म 'चिकीझिंग' का शीर्षकगीत 'झिंग चिकी चिकी झिंग' दर्शकों के सामने आ गया है। गाने में गांव का बचपन, स्कूल की मस्ती और भाई-बहन का प्यार दिखता है।
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आगामी मराठी फिल्म 'चिकीझिंग' का शीर्षकगीत हाल ही में दर्शकों के सामने आया है। गाने का नाम 'झिंग चिकी चिकी झिंग' है और इसे वीडियो पैलेस के सहयोग से रिलीज किया गया है। बचपन की मासूम यादें, मिट्टी की खुशबू, भाई-बहनों का सच्चा प्यार और गांव की जिंदगी की मिठास, इन सबका एहसास यह गाना कराता है। फिल्म 19 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
गाने की शब्दरचना खिलंदड़ी है, संगीत ऐसा है कि पैर थिरकने लगें, और गांव की जिंदगी की तस्वीर भी दर्शकों का ध्यान खींच रही है। गाने को गौरी जोशी और पद्मनाभ गायकवाड ने आवाज दी है। वैभव कुलकर्णी के शरारती बोलों को श्रीनिधी व्यंकट ने सुरीली धुन में पिरोया है। गाना कृष्णराज वाईंगडे और उनके साथी कलाकारों पर फिल्माया गया है, और इसकी कोरियोग्राफी स्नेहा पाटील और सेजल कोरे ने की है।
बच्चों की कल्पना की दुनिया, उनकी मासूम शरारतें और छोटी-छोटी बातों में खुशी ढूंढने की आदत गाने में खूबसूरती से दिखती है। लाल मिट्टी के रास्ते, हरे-भरे खेत, खपरैल वाले घरों के ओसारे, स्कूल की मस्ती और बहते पानी की धाराएं गांव की सुंदर तस्वीर सामने रखती हैं। बाल कलाकारों की मासूम हरकतें और बहन-भाई के रिश्ते की ममता गाने को भावनात्मक टच देती हैं। इसलिए यह शीर्षकगीत सिर्फ सुनने लायक नहीं है, बल्कि देखते हुए बचपन की यादों में ले जाने वाला अनुभव भी बन जाता है।
'चिकीझिंग' गांव के बचपन, स्कूल की मौज-मस्ती, भाई-बहनों के लगाव और परिवार के रिश्तों की भावनाओं की कहानी है। काफी दिनों बाद किसी मराठी फिल्म से इस तरह का बालगीत आया है, इसलिए इसने दर्शकों का ध्यान खींचा है।
फिल्म दिपक वाणी और जयप्रकाश भांडे प्रस्तुत कर रहे हैं। इसे ए थीमटीम स्टूडियो प्रॉडक्शन ने कीफ्रेम प्रॉडक्शन के सहयोग से बनाया है। सुप्रिया बगाटे फिल्म की निर्माता हैं, जबकि शब्बीर साबुवाला, रचना वोरा, हृषिकेश देशमुख, सिड विंचुरकर, करण चव्हाण और उमेश कुलकर्णी सह-निर्माता हैं। फिल्म का लेखन और निर्देशन राजेंद्र बगाटे और वैभव कुलकर्णी ने किया है।
फिल्म में प्रभाकर मोरे, कृष्णराज वाईंगडे, सेजल कोरे, अमृता सुरेश, गायत्री देशपांडे, आदित्य घनश्याम, राहुल कुलकर्णी और डॉ. सोनाली घाटणेकर की भूमिकाएं हैं। सिनेमैटोग्राफी प्रवीण सोनावणे ने संभाली है, और एडिटिंग की जिम्मेदारी शेखर गुरव और एस. शंकर के पास रही। संगीत श्रीनिधी व्यंकट और हृषिकेश कुलकर्णी ने दिया है, जबकि कला निर्देशन और कॉस्ट्यूम सुरेश कुंभार ने किए हैं।
बचपन की यादों, गांव की सादगी और रिश्तों के प्यार का एहसास कराने वाली 'चिकीझिंग' 19 नवंबर को सिनेमाघरों में आएगी। अब देखना है कि यह फिल्म दर्शकों को एक बार फिर बचपन की प्यारी दुनिया की सैर करा पाती है या नहीं।