रहस्यमय मराठी फिल्म 'संडे १९९६' का ट्रेलर आया, 30 अक्टूबर को होगी रिलीज
गणेश यादव, पंकज विष्णू और ओंकार राऊत की रहस्य फिल्म 'संडे १९९६' का ट्रेलर रिलीज हो गया है।
मराठी फिल्म 'संडे १९९६' का ट्रेलर रिलीज हो गया है। यह एक रहस्यमय फिल्म है और 30 अक्टूबर को दर्शकों के सामने आएगी। मराठी फिल्म इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाने वाले तीन दमदार कलाकार गणेश यादव, पंकज विष्णू और ओंकार राऊत इस फिल्म के बहाने एक साथ आए हैं।
ट्रेलर में गूढ़ माहौल, कोकण की अनोखी पृष्ठभूमि और वक्त से जुड़ी रहस्यमय कहानी की झलक मिलती है। इसी वजह से फिल्म को लेकर लोगों की उत्सुकता बढ़ गई है। फिल्म व्ही आर. के. फिल्म्स के बैनर तले बनी है। इसकी निर्माता नीलांबरी विक्रांत हैं, जबकि लेखन और निर्देशन जीवन राजेंद्र चव्हाण का है।
कहानी का ताना-बाना कुछ ऐसा है कि कभी वक्त का चक्र उलटा घूमता है, तो कभी बीता हुआ कल आज का पीछा करने लगता है। फिर शुरू होता है रिश्तों, भावनाओं और अनसुलझे सवालों का उलझा हुआ खेल। इन्हीं रहस्यमय मोड़ों पर 'संडे १९९६' की थरारक कहानी आगे बढ़ती है। बीते कल और आज की सरहद पर अटके सवालों के जवाब ढूंढने वाला यह सफर कई अनपेक्षित घटनाओं से दर्शकों की उत्सुकता बढ़ाएगा।
गणेश यादव, पंकज विष्णू और ओंकार राऊत ने अपने अब तक के काम से अभिनय की अलग छाप छोड़ी है। अब सवाल यह है कि इस फिल्म में ये तीनों कलाकार किन किरदारों में नजर आएंगे, उनकी भूमिकाओं का कहानी से ठीक-ठीक क्या रिश्ता होगा और घटनाओं को कौन-सा अनपेक्षित मोड़ मिलेगा। ट्रेलर देखकर यह जानने की उत्सुकता और बढ़ गई है। इन तीनों के साथ फिल्म में सुनील गोडबोले, शिवानी बने, सायली पाचपुते और गौरवी महांगडे भी अहम भूमिकाओं में हैं।
निर्माता नीलांबरी विक्रांत ने फिल्म के बारे में अपना भरोसा जताया। उनका कहना है कि फिल्म की कहानी और उसकी गूढ़ बुनावट शुरू से ही उन्हें भा गई। उन्होंने विश्वास जताया कि कोकण की पृष्ठभूमि, कहानी के अनपेक्षित मोड़ और कलाकारों का असरदार अभिनय दर्शकों को आखिर तक बांधे रखेगा।
लेखक-निर्देशक जीवन चव्हाण ने बताया कि 'संडे १९९६' में हर घटना, हर रिश्ते और हर मोड़ के पीछे एक रहस्य छिपा है। उनकी इच्छा है कि दर्शक सिर्फ पर्दे पर घटती घटनाएं न देखें, बल्कि उनके पीछे के धागे जोड़ते हुए इस गूढ़ सफर का हिस्सा बनें। उनके मुताबिक हर जवाब से नया सवाल खड़ा करने वाली और आखिर तक उत्सुकता बनाए रखने वाली यह कहानी दर्शकों को एक अलग अनुभव से गुजारेगी।
कोकण की प्राकृतिक खूबसूरती पर रहस्य की परत चढ़ी इस कहानी से दर्शकों को रहस्य, भावनाओं और थरार का अनोखा अनुभव मिलने वाला है।