सोम‌वार, 2 नवंबर 2026

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माण-हिंजवडी से शिवाजीनगर मेट्रो 4 नवंबर से चलेगी, 3 नवंबर को मोदी करेंगे उद्घाटन

माण-हिंजवडी से शिवाजीनगर मेट्रो 4 नवंबर से चलेगी, 3 नवंबर को मोदी करेंगे उद्घाटन तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शहर PT24 टीम

पुणे मेट्रो लाइन 3 पर पहली गाड़ी सुबह 6 बजे माण से छूटेगी। किराया 12 से 62 रुपये रहेगा और शुरुआत में 23 में से 17 स्टेशन चालू होंगे।

पुणे की ट्रैफिक की समस्या को कम करने की दिशा में नवंबर में एक बड़ा कदम उठने जा रहा है। हिंजवडी आईटी पार्क में रोज आने-जाने वाले हजारों नौकरीपेशा लोगों और बाकी पुणेवासियों की लंबे समय से इंतजार की जा रही मेट्रो अब चालू हो रही है। माण-हिंजवडी से शिवाजीनगर तक की पुणे मेट्रो लाइन 3 का उद्घाटन 3 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑनलाइन करेंगे। यात्रियों के लिए सेवा 4 नवंबर से शुरू होगी।

पुणे मेट्रो की पिंक लाइन के नाम से जानी जाने वाली यह लाइन कुल 23.203 किलोमीटर लंबी है और इस पर 23 एलिवेटेड स्टेशन हैं। उद्घाटन 3 नवंबर को सुबह 10.30 बजे म्हालुंगे-बालेवाडी के श्री शिवछत्रपति क्रीड़ा संकुल के बैडमिंटन हॉल में होगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार मौजूद रहेंगे। यह जानकारी पुणे महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (PMRDA) के आयुक्त डॉ. अभिजीत चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। सार्वजनिक-निजी भागीदारी से बने इस प्रोजेक्ट पर अंदाजन 8,313 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।

टाइमटेबल की बात करें तो 4 नवंबर से पहली मेट्रो सुबह 6 बजे माण स्टेशन से रवाना होगी। भीड़ के वक्त हर 6 मिनट में और बाकी समय हर 12 मिनट में मेट्रो मिलेगी। अधिकारियों का अंदाजा है कि रोज 2 से 2.5 लाख यात्री इस लाइन से सफर करेंगे। माण से जिला न्यायालय की आखिरी मेट्रो रात 10.30 बजे छूटेगी, जबकि जिला न्यायालय से माण की आखिरी मेट्रो रात 11.40 बजे होगी।

इस लाइन का किराया महामेट्रो की मौजूदा लाइनों से ज्यादा है। महामेट्रो की पिंपरी-चिंचवड महापालिका से स्वारगेट और वनाज से रामवाडी लाइनों पर कम से कम 10 रुपये और ज्यादा से ज्यादा 35 रुपये लगते हैं। माण-हिंजवडी से शिवाजीनगर लाइन के लिए न्यूनतम 12 रुपये और अधिकतम 62 रुपये तय किए गए हैं। यानी न्यूनतम किराये में 2 रुपये का और अधिकतम में 27 रुपये का फर्क है। ये दरें डॉ. अभिजीत चौधरी ने 31 अक्टूबर की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताई थीं।

शुरुआत में 23 में से 17 स्टेशनों पर ही मेट्रो चलेगी। बाकी 6 स्टेशनों का काम अधूरा है, इसलिए वे फिलहाल बंद रहेंगे। फिर भी माण से जिला न्यायालय तक लगातार सफर हो सकेगा। स्टेशन क्रमांक 13 और 14 का काम नवंबर के आखिर तक पूरा करने की योजना है। स्टेशन 15, 16, 20 और 22 जनवरी 2027 तक चरणबद्ध तरीके से खुलेंगे।

जिला न्यायालय स्टेशन पर यह लाइन महामेट्रो की लाइन-1 और लाइन-2 से जुड़ी है। इससे पिंपरी-चिंचवड से स्वारगेट और वनाज से रामवाडी रूट पर चलने वालों के लिए आगे का सफर आसान होगा। तीनों लाइनों के लिए एक ही टिकट देने वाला ऐप भी बनाया गया है। डिब्बे एसी होंगे और यात्री मोबाइल व लैपटॉप चार्ज कर सकेंगे। लाइन पर 22 ट्रेन सेट हैं, जिनमें अल्स्टॉम कंपनी के डिब्बे लगे हैं। गाड़ियों के लिए 750 वोल्ट डीसी थर्ड रेल सिस्टम और CBTC सिग्नल सिस्टम इस्तेमाल हुआ है।

इस प्रोजेक्ट की खासियत यह है कि सभी मेट्रो गाड़ियां करीब 100 महिला ट्रेन पायलट चलाएंगी। स्टेशन कंट्रोलर, टिकट स्टाफ और स्टेशन अटेंडेंट समेत स्टेशन के कुल स्टाफ में करीब 50 फीसदी महिलाएं होंगी। यात्रियों की सुरक्षा के लिए महाराष्ट्र राज्य सुरक्षा महामंडल के 350 सुरक्षाकर्मी स्टेशनों पर तैनात किए गए हैं।

प्रोजेक्ट का मकसद हिंजवडी आईटी पार्क को पुणे के बड़े कारोबारी और प्रशासनिक इलाकों से जोड़ना है। स्टेशनों पर पीएमपीएमएल बस, रिक्शा, ओला-उबर टैक्सी और ई-बाइक की सुविधा मिलेगी। चढ़ने-उतरने के लिए अलग पिकअप और ड्रॉप पॉइंट बन रहे हैं। दोपहिया और चारपहिया के लिए पार्किंग, साइकिल ट्रैक, फुटपाथ, पैदल क्रॉसिंग और पैदल ऊपरी पुल भी बनाए गए हैं। हिंजवडी, वाकड, बाणेर, बालेवाडी, औंध, म्हालुंगे, गणेशखिंड रोड और शिवाजीनगर इलाकों में ट्रैफिक का दबाव घटने की उम्मीद है।

राष्ट्रीय मेट्रो रेल नीति 2017 के तहत सार्वजनिक-निजी भागीदारी से DBFOT तरीके से बना यह देश का पहला मेट्रो प्रोजेक्ट है। इसे पुणे आईटी सिटी मेट्रो रेल लिमिटेड कंपनी लागू कर रही है, जिसमें टीआरआईएल अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रायवेट लिमिटेड और सीमेंस प्रोजेक्ट वेंचर्स जीएमबीएच शामिल हैं। प्रोजेक्ट के सभी हिस्सों की रेलवे डिज़ाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन से जांच पूरी हो चुकी है। माण से आर. के. लक्ष्मण म्यूजियम तक के 12.60 किलोमीटर के पहले चरण को 23 जुलाई 2026 को मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त की आखिरी मंजूरी मिली। बाकी 5 स्टेशनों वाले हिस्से को 23 सितंबर 2026 को सुरक्षा मंजूरी दी गई।

पर्यावरण पर भी जोर दिया गया है। प्रोजेक्ट में कुल 7.60 मेगावॉट सौर ऊर्जा की क्षमता खड़ी की गई है, जिसमें से 6.10 मेगावॉट स्टेशनों पर और 1.50 मेगावॉट कार डिपो में है। कुल बिजली जरूरत का करीब 30 फीसदी सौर ऊर्जा से मिलेगा। निर्माण में ग्राउंड ग्रैन्युलेटेड ब्लास्ट फर्नेस स्लैग का इस्तेमाल होने से करीब 28 हजार टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन टला है। 2,000 टन स्टील और 60 करोड़ लीटर पानी की भी बचत हुई। प्रोजेक्ट के लिए 5,500 नए पेड़ लगाए गए और 750 पेड़ दोबारा रोपे गए, जिनमें से 80 फीसदी बचे बताए गए हैं।

गणेशखिंड रोड पर यूनिवर्सिटी चौक में इसी प्रोजेक्ट के तहत एकीकृत दो मंजिला फ्लाईओवर बना है। औंध से शिवाजीनगर की दिशा का पुल 20 अगस्त 2025 को खोला गया था। शिवाजीनगर-बाणेर और बाणेर-शिवाजीनगर दिशाओं में ट्रैफिक 8 मार्च 2026 से चालू है। पाषाण रैंप का काम दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। पार्किंग के लिए बालेवाडी में अमर टेक पार्क इलाके में PMR-11 स्टेशन के पास करीब 30 हजार वर्गफुट और बाणेर में एबीजेड इलाके में PMR-14 स्टेशन के पास 21 हजार वर्गफुट जगह तैयार की गई है।

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