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20:33 IST

नागपुर खंडपीठ ने जेल में एमए पूरा करने वाले कैदी अमर राठी को 90 दिन की शैक्षिक छूट दी

हाई कोर्ट ने कहा कि अमर राठी का मामला 3 अक्टूबर 2019 के पुराने सर्कुलर के तहत आता है, क्योंकि उनकी अर्जी और एमए की पढ़ाई दोनों नए सर्कुलर से पहले की हैं।

नागपुर खंडपीठ ने जेल में एमए पूरा करने वाले कैदी अमर राठी को 90 दिन की शैक्षिक छूट दी तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने जेल में सजा काट रहे अमर राठी को पढ़ाई के आधार पर 90 दिन की विशेष छूट देने का आदेश दिया है। राठी ने जेल में रहते हुए पोस्ट ग्रेजुएशन यानी एमए की पढ़ाई पूरी की थी और इसी आधार पर यह छूट मांगी थी।

राठी को 2017 में निचली अदालत ने दोषी ठहराया था। उन्हें पॉक्सो अधिनियम की धारा 6, 10 और 12 तथा नौसेना अधिनियम, 1957 की धारा 77(2) और 51 के तहत 15 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी। तब से वे जेल में ही हैं।

राठी ने अदालत को बताया कि उन्होंने दिसंबर 2024 में ही एमए पूरा कर लिया था। यह विवादित सर्कुलर जारी होने से काफी पहले की बात है। इसी आधार पर उन्होंने 90 दिन की विशेष शैक्षिक छूट की मांग की थी।

महाराष्ट्र सरकार ने 3 अक्टूबर 2019 को एक सर्कुलर जारी किया था, जिसमें पढ़ाई के आधार पर छूट का साफ प्रावधान था। उसके मुताबिक एस.एससी./एचएससी. (12वीं) पास करने पर 90 दिन की छूट मिलती है। डिग्री कोर्स पूरा करने पर 90 दिन और पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा करने पर भी 90 दिन की छूट का प्रावधान है। एम.फिल/पीएच.डी./रिसर्च कोर्स पूरा करने पर अतिरिक्त 90 दिन की छूट दी जाती है।

लेकिन 6 मई 2026 को एक नया सर्कुलर जारी हुआ। इसी के आधार पर 12 मई 2026 को राठी की शैक्षिक छूट की मांग खारिज कर दी गई। इस आदेश को चुनौती देते हुए राठी ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

राठी की ओर से पैरवी कर रही वकील कडू ने अदालत में दलील दी कि छूट की मांग और पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा करने की तारीख, दोनों ही नए सर्कुलर से पहले की हैं। इसलिए यह मामला पुराने सर्कुलर के दायरे में आता है, जिसमें पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए 90 दिन की विशेष छूट का साफ प्रावधान है। उन्होंने कहा कि नए सर्कुलर के आधार पर मांग खारिज करना गलत है और इसे रद्द किया जाना चाहिए।

सरकारी वकील ने इसका विरोध किया। फिर भी उन्होंने माना कि याचिकाकर्ता का आवेदन और पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा होना, दोनों नए सर्कुलर से पहले के हैं।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता का मामला पुराने सर्कुलर के तहत आता है, क्योंकि उनका आवेदन और शैक्षणिक योग्यता दोनों ही नए सर्कुलर से पहले के हैं। इसके बाद न्यायाधीश उर्मिला जोशी फालके और न्यायाधीश राज वाकोडे ने शिक्षा के आधार पर 90 दिन की विशेष छूट देने का आदेश जारी किया।

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