मध्यावधी चुनाव से पहले ईरान पर हमला नहीं करेंगे, ट्रम्प का ऐलान; तेहरान बोला, परमाणु कार्यक्रम जारी रहेगा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि 3 नवंबर के चुनाव से पहले ईरान पर कोई नया सैन्य हमला नहीं होगा। उधर ईरान के मोहम्मद इस्लामी ने कहा कि परमाणु कार्यक्रम किसी हाल में नहीं रुकेगा।
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने साफ कहा है कि 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधी चुनाव (Midterm Elections) से पहले अमेरिका ईरान पर कोई नया सैन्य हमला नहीं करेगा। मध्य पूर्व में तनाव पहले से बढ़ा हुआ है, ऐसे में यह बयान काफी अहम माना जा रहा है। ट्रम्प ने यह बात सोशल मीडिया पर अपनी आधिकारिक पोस्ट में कही। उन्होंने यह भी कहा कि "productive discussions" यानी काम की बातचीत जारी है।
पिछले कुछ दिनों से रिपब्लिकन उम्मीदवारों की प्रचार सभाओं में ट्रम्प की बातों से ऐसे इशारे मिल रहे थे कि ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई फिर शुरू हो सकती है। अब उनकी इस पोस्ट ने उन अटकलों पर विराम लगा दिया है। ट्रम्प पहले यह भी कह चुके हैं कि उन्हें उम्मीद है कि इस संघर्ष का निर्णायक दौर चुनाव से पहले या उसके तुरंत बाद खत्म हो जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का कहना है कि ट्रम्प के इस कदम के पीछे मुख्य रणनीति यह हो सकती है कि अमेरिका में पेट्रोल और ईंधन की बढ़ती कीमतें काबू में रहें और वोटरों को यह संदेश जाए कि अमेरिका जंग में फंसने के बजाय शांति चाहता है।
हालांकि फौजी स्तर पर तैयारी चलती रहने की बात कही गई है। रिपोर्टों के मुताबिक व्हाइट हाउस ने पेंटागन को ईरान के खिलाफ संभावित हमलों के अलग-अलग रणनीतिक विकल्प तैयार रखने को कहा है। अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) इन संभावित कार्रवाइयों की योजना, हमले की तीव्रता और उनके मकसद पर बारीकी से काम कर रही है।
ट्रम्प ने मंगलवार को दिए एक बयान में कहा था कि नतीजे जो भी हों, अमेरिका ईरान के साथ चल रहे इस लंबे संघर्ष को जल्द से जल्द खत्म करना चाहता है। इसी को देखते हुए रक्षा विशेषज्ञ अंदाजा लगा रहे हैं कि चुनाव निपटने के बाद अमेरिका ईरान पर फिर से सैन्य दबाव बढ़ा सकता है।
दूसरी तरफ तेहरान ने अपना रुख साफ कर दिया है। ईरान का कहना है कि वह किसी भी हालत में अपना राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम नहीं रोकेगा। ईरान के उपराष्ट्रपति और परमाणु ऊर्जा संगठन (AEOI) के प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ने तेहरान में बच्चों के कैंसर की जांच और इलाज के एक केंद्र के उद्घाटन के मौके पर यह ऐलान किया।
इस्लामी ने कहा कि ईरान का परमाणु उद्योग हमेशा अंतरराष्ट्रीय दबाव, आर्थिक पाबंदियों और सैन्य हमलों की धमकियों के साए में रहा है। इसके बावजूद ईरान ने मेडिकल, खाद्य सुरक्षा और राष्ट्रीय विकास के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल की है। उन्होंने कहा कि ईरान पर लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और देश के चिकित्सा व स्वास्थ्य सेवाओं के लक्ष्य पाने के लिए यह परमाणु कार्यक्रम रणनीतिक तौर पर बेहद अहम है।