CJP के जंतर-मंतर प्रदर्शन को पुलिस की मंज़ूरी नहीं, दिल्ली में कड़ी सुरक्षा
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर कॉक्रोच जनता पार्टी के आंदोलन से पहले दिल्ली में 8 से 12 अक्टूबर तक सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी पार्टियों और कॉक्रोच जनता पार्टी (CJP) ने बड़े आंदोलन का ऐलान किया है। इसके बाद दिल्ली पुलिस पूरी तरह चौकस हो गई है। CJP ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर को घेरने का प्रस्ताव रखा है और इसी के चलते पूरी राजधानी में किले जैसा माहौल बन गया है।
कानून और व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए 8 से 12 अक्टूबर के बीच दिल्ली में सुरक्षा इंतज़ाम सख्त किए गए हैं। करीब 20 हजार दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के 23 हजार जवान तैनात किए गए हैं। पूरी नई दिल्ली में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू है। इसके तहत चार या उससे ज़्यादा लोगों के इकट्ठा होने या किसी भी तरह के प्रदर्शन की इजाज़त नहीं दी जाएगी।
हालात की गंभीरता देखते हुए दिल्ली इलाके के सभी बड़े मेट्रो स्टेशन बंद रखे जा सकते हैं। सुरक्षा की वजह से ज़रूरत पड़ी तो लोकल बाज़ार भी कुछ समय के लिए बंद किए जा सकते हैं।
दिल्ली पुलिस ने CJP को आंदोलन की इजाज़त नहीं दी है। पुलिस के मुताबिक जंतर-मंतर पर किसी भी प्रदर्शन के लिए कम से कम 10 दिन पहले अर्ज़ी देना ज़रूरी है और ज़्यादा से ज़्यादा 1000 लोगों की भीड़ की ही मंज़ूरी मिल सकती है। पुलिस का कहना है कि CJP ने इजाज़त मांगने के बजाय सिर्फ जानकारी का पत्र दिया, इसलिए प्रदर्शन की अनुमति नामंज़ूर की गई।
इजाज़त न मिलने के बाद CJP के सह-संयोजक सौरव दास ने कहा कि प्रदर्शन के लिए परमिशन मांगना बेवकूफी है और हमने पुलिस को बता दिया है।
12 अक्टूबर तक अर्धसैनिक बलों की कुल 221 टुकड़ियां तैनात की जाएंगी। गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस को 110 अतिरिक्त टुकड़ियां दी हैं। इनमें 85 CRPF, 10 SSB, 7 RAF, 7 ITBP और 1 CISF की कंपनी शामिल है।
दिल्ली के अलावा आसपास के राज्यों से भी पुलिस बल बुलाए गए हैं। किसान आंदोलन के वक्त 93 कंपनियां तैनात की गई थीं, उसके मुकाबले यह सुरक्षा इंतज़ाम काफी बड़ा माना जा रहा है। किसी भी अनधिकृत गाड़ी या भीड़ को घुसने से रोकने के लिए दिल्ली आने वाली सभी सड़कों पर कई परतों में बैरिकेडिंग लगाई गई है।
संदिग्धों की पहचान के लिए अत्याधुनिक FRS तकनीक वाले कैमरे लगाए गए हैं। उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे पड़ोसी राज्यों की पुलिस को भी सीमा पर चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।