UNGA में ट्रम्प और ईरान के राष्ट्रपति पेझेश्कियान की मुलाकात हो सकती है, दुनिया की नजर न्यूयॉर्क पर
न्यूयॉर्क में चल रही संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान अमेरिका और ईरान के बीच बड़ी कूटनीतिक हलचल की संभावना बन रही है।
न्यूयॉर्क में हो रही संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA 2026) की सालाना बैठक ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बड़ी हलचल मचा दी है। इस बैठक के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेझेश्कियान की मुलाकात होने की संभावना बनी है। पिछले छह महीने से ज्यादा समय से मध्य-पूर्व में चल रहे तीखे सैन्य और आर्थिक तनाव के बीच अगर यह मुलाकात हो जाती है, तो इसे इस पूरे टकराव की सबसे बड़ी कूटनीतिक घटना माना जाएगा।
रविवार को मीडिया से बात करते हुए ट्रम्प ने साफ कहा कि वे ईरान के मामले में अब अंतिम फैसला लेने की स्थिति में हैं। उन्होंने सीधा इशारा दिया कि आने वाले दिनों में बहुत बड़ी और अहम घटनाएं होने वाली हैं। ट्रम्प ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने सही तरीके से बर्ताव नहीं किया तो उसे गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। इसके साथ ही उन्होंने ईरान को लेकर तीन संभावित रास्तों का जिक्र किया - सैन्य ताकत से ईरान को पूरी तरह तबाह कर देना, उसे कठोर आर्थिक तबाही में धकेल देना, या फिर दोनों देशों के बीच सियासी समझौता कर लेना।
दूसरी तरफ, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेझेश्कियान भी एक उच्चस्तरीय ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ न्यूयॉर्क पहुंच रहे हैं। तेहरान ने मध्यस्थों के जरिए, खासकर कतर की मदद से, वॉशिंगटन को अपनी मुख्य शर्तें बता दी हैं। बताया जा रहा है कि ईरान ने ये शर्तें अंतरराष्ट्रीय तेल व्यापार के लिए बेहद अहम मानी जाने वाली होर्मुझ की खाड़ी को दोबारा खोलने के लिए रखी हैं।
ट्रम्प ने कहा कि अगर ईरान का रुख सकारात्मक रहा तो वे पेझेश्कियान से मुलाकात करने को तैयार हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा के मुख्य सत्र के दौरान पेझेश्कियान दुनिया के अलग-अलग देशों के प्रमुखों से बातचीत करेंगे। इसलिए वॉशिंगटन और तेहरान के बीच यह गतिरोध बातचीत से सुलझता है या जंग और भड़क उठती है, इस पर पूरी दुनिया की नजर टिकी है।
मध्य-पूर्व के बाकी टकरावों का जिक्र करते हुए ट्रम्प ने यमन के हूती बागियों के बारे में भी अहम बात बताई। सऊदी अरब पर हाल ही में हुए बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद वॉशिंगटन हूती गुट के संपर्क में है, ऐसा उन्होंने बताया। ट्रम्प का दावा है कि हूती बागियों ने अमेरिकी कर्मचारियों या ठिकानों पर हमला न करने की बात मान ली है।
अमेरिकी राष्ट्रपति न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में दो दिन बिताएंगे। इस दौरान वे यूक्रेन और यूनाइटेड किंगडम के प्रमुखों के साथ-साथ न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी से भी अहम द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। जब दुनिया के करीब 130 देशों के प्रमुख एक साथ जमा हो रहे हैं, तब दूसरे विश्व युद्ध के बाद बनी वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था भारी दबाव में है। ऐसे में न्यूयॉर्क की यह महासभा मध्य-पूर्व का तनाव कम करने का रास्ता खोलती है या नए टकराव की चिंगारी बनती है, यह देखना अहम होगा।