मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
19:31 IST

ट्रंप का दावा, ईरान हार मानेगा; AI का नाम अब सुपर इंटेलिजेंस, गालिबाफ की चेतावनी

ट्रंप ने कहा कि ईरान सरेंडर करेगा, AI का नाम सुपर इंटेलिजेंस करने का आदेश भी दिया। ईरानी संसद के अध्यक्ष गालिबाफ ने पलटकर चेतावनी दी।

ट्रंप का दावा, ईरान हार मानेगा; AI का नाम अब सुपर इंटेलिजेंस, गालिबाफ की चेतावनी
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव दिन ब दिन गंभीर होता जा रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर दोनों देशों के बीच जुबानी जंग और जंग की धमकियां चरम पर पहुंच गई हैं। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा और आक्रामक दावा किया है कि ईरान जल्द ही हार मान लेगा और अमेरिका के सामने सरेंडर करेगा।

ट्रंप ने यह बात अमेरिका की बड़ी टेक कंपनियों के सीईओ के साथ हुई एक खास बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में कही। उन्होंने कहा, "ईरान अब पीछे हटेगा और उसे हार माननी ही पड़ेगी। पिछले कुछ दिनों में अमेरिकी बलों और एजेंसियों ने होर्मुज जलडमरूमध्य से इतिहास के किसी भी दौर से ज्यादा कच्चा तेल निकाला और ढोया है।" इस बयान से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और सियासी हलकों में हलचल मच गई है।

उसी बैठक में ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश (Executive Order) पर दस्तखत भी किए। इस आदेश के मुताबिक अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का नाम आधिकारिक तौर पर बदलकर सुपर इंटेलिजेंस (Super Intelligence, SI) कर दिया गया है। ट्रंप ने साफ किया कि अब से अमेरिकी सरकार के सभी सरकारी कागजात, नीतियों और पत्राचार में AI की जगह सिर्फ सुपर इंटेलिजेंस (SI) शब्द का इस्तेमाल होगा। उन्होंने बताया कि अमेरिका टेक्नोलॉजी के मामले में दुनिया में सबसे आगे है और इस नए दौर में अपनी पकड़ और मजबूत कर रहा है, यही दिखाने के लिए नाम बदलने का फैसला लिया गया।

ट्रंप के इन दावों पर ईरान ने फौरन तीखा जवाब दिया। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने एक सार्वजनिक वीडियो कॉन्फ्रेंस में अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को खुली चेतावनी दी। गालिबाफ ने कहा, "अमेरिकी राष्ट्रपति के होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दिए बयान गुमराह करने वाले हैं और पुराने दावों को ही दोहराते हैं। इन झूठे दावों के पीछे की सच्चाई अब दुनिया के सामने खुल चुकी है।"

इसके आगे गालिबाफ ने सीधे जंग की धमकी देते हुए कहा, "अगर ईरान की सुरक्षा पक्की नहीं की गई और ईरान को अपना तेल बेचने नहीं दिया गया, तो इस पूरे इलाके (पश्चिम एशिया) में कोई भी देश अपना तेल नहीं बेच पाएगा। ईरान की सुरक्षा को खतरा हुआ तो इस इलाके का कोई भी इन्फ्रास्ट्रक्चर सुरक्षित नहीं रहेगा।" गालिबाफ की इस सीधी चेतावनी से खाड़ी देशों में जंग का डर और गहरा हो गया है।

एक तरफ दोनों देशों में तीखी बयानबाजी और जंग की भाषा चल रही है, तो दूसरी तरफ पर्दे के पीछे अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों के जरिए बातचीत की कोशिशें भी जारी हैं। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप अंतिम समझौते के तहत ईरान पर लगी आर्थिक पाबंदियां हटाने और अमेरिका में फ्रीज किया गया ईरान का पैसा छोड़ने को तैयार हैं।

लेकिन इसके लिए अमेरिका ने एक कड़ी शर्त रखी है। तेहरान यानी ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम (Nuclear Program) पर ठोस और पारदर्शी प्रगति दिखानी होगी, तभी पाबंदियां हटाई जाएंगी। मध्यस्थ देश दोनों पक्षों को फिर से बातचीत की मेज पर लाने के लिए दिन-रात कोशिश कर रहे हैं। मगर ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने का ईरान का हाल का प्रस्ताव नामंजूर कर ठुकरा दिया है। ऐसे में जब तक परमाणु विवाद हमेशा के लिए नहीं सुलझता, तब तक कोई भी शांति समझौता होना मुश्किल दिख रहा है।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे