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रविवार, 8 नवंबर 2026

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लक्ष्मीपूजन पर गोमती चक्र और कौड़ियां रखने की परंपरा, जानिए क्या है मान्यता

लक्ष्मीपूजन पर गोमती चक्र और कौड़ियां रखने की परंपरा, जानिए क्या है मान्यता तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
कल्चर PT24 टीम

दिवाली के लक्ष्मीपूजन में कई घरों में देवी लक्ष्मी और गणेश की पूजा के साथ गोमती चक्र और कौड़ियां भी रखी जाती हैं। इन्हें लेकर धार्मिक श्रद्धा क्या है, यहां बताया गया है।

दिवाली में लक्ष्मीपूजन को धन, समृद्धि और सुख-शांति का उत्सव माना जाता है। इस दिन देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा तो होती ही है, कई घरों में गोमती चक्र और कौड़ियां भी पूजा में रखी जाती हैं। कुछ लोग इन चीजों को तिजोरी में या उस जगह पर भी रखते हैं, जहां घर का पैसा रखा जाता है।

गोमती चक्र समुद्र से मिलने वाला एक छोटा, गोल और शंख की किस्म का कवच है, जो देखने में प्राकृतिक खोल जैसा लगता है। इसकी एक तरफ चक्र जैसी गोल बनावट दिखती है, इसी वजह से इसे गोमती चक्र कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक इसका रिश्ता भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र से जोड़ा जाता है, इसलिए इसे शुभ और मंगलकारी समझा जाता है।

श्रद्धा यह है कि घर में गोमती चक्र रखने से सुख-समृद्धि बनी रहती है और पैसे की अड़चनें दूर होती हैं। लक्ष्मीपूजन के दिन इसे देवी लक्ष्मी के चरणों में रखकर पूजा जाता है। कुछ परिवारों में पूजा के बाद इसे तिजोरी या पैसे की अलमारी में रखने की परंपरा है। माना जाता है कि इससे घर में धन-धान्य की बढ़ोतरी होती है।

कौड़ियां भी समुद्र से मिलने वाली छोटी, शंख जैसी कवच वाली चीजें हैं। पुराने समय में कुछ जगहों पर लेन-देन में इनका इस्तेमाल होता था, इसीलिए इनका रिश्ता धन और पैसे के कारोबार से जुड़ गया। धार्मिक परंपरा में कौड़ियों को देवी लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। लक्ष्मीपूजन के दिन पीली या सफेद कौड़ियां देवी के सामने रखी जाती हैं। कुछ घरों में इन पर हल्दी-कुमकुम लगाकर पूजा करने का चलन है।

कौड़ियों के अलग-अलग रंग शुभ माने जाते हैं। पीली कौड़ियों को धन और समृद्धि से जोड़ा जाता है, जबकि सफेद कौड़ियां शुद्धता और मंगल का प्रतीक मानी जाती हैं। कुछ धार्मिक परंपराओं में कौड़ियों को लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखा जाता है। श्रद्धा है कि इससे घर में आर्थिक स्थिरता रहती है।

दोनों चीजें एक साथ रखने के पीछे धन की प्राप्ति, आर्थिक बढ़ोतरी और घर की सुख-समृद्धि की धार्मिक भावना है। गोमती चक्र को भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र का प्रतीक माना जाता है और कौड़ियों को देवी लक्ष्मी से जोड़ा जाता है। इसलिए कुछ श्रद्धालुओं का मानना है कि दोनों को साथ पूजने से लक्ष्मी-नारायण की कृपा बनी रहती है।

पूजा का तरीका यह बताया गया है कि लक्ष्मीपूजन के दिन पहले पूजा की जगह साफ की जाए। गोमती चक्र और कौड़ियों को साफ पानी से पोंछा जाए और पूजा की थाली में या लाल कपड़े पर रखा जाए। इन पर हल्दी-कुमकुम और अक्षत चढ़ाए जाएं। फिर देवी लक्ष्मी की पूजा करके फूल और नैवेद्य अर्पित किया जाए। पूजा के बाद कुछ परंपराओं के अनुसार गोमती चक्र और कौड़ियां तिजोरी में या पैसे रखने की जगह पर रखी जाती हैं।

वास्तुशास्त्र और धार्मिक मान्यता के अनुसार, इन्हें तिजोरी में रखने से घर में धन टिका रहता है, आर्थिक अड़चनें घटती हैं और समृद्धि आती है। हालांकि ये बातें धार्मिक समझ का हिस्सा हैं। इन्हें आर्थिक फायदे की वैज्ञानिक गारंटी नहीं समझना चाहिए।

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