औराद के पास हादसा: हेल्मेट हैंडल पर टंगा रहा, सिर पर चोट से 21 साल के युवक की मौत
लातूर के औराद पुलिस स्टेशन के इलाके में 7 अक्टूबर 2026 की रात हुए हादसे में निलंगा तालुका के 21 साल के प्रफुल काले की मौत हो गई।
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लातूर जिले में औराद पुलिस स्टेशन के इलाके में 7 अक्टूबर 2026 की रात हुए एक हादसे में 21 साल के युवक की जान चली गई। युवक के पास हेल्मेट था, लेकिन उसने उसे सिर पर पहनने की जगह मोटरसाइकिल के हैंडल पर टांग रखा था। हादसे में सिर पर गहरी चोट लगी और उसकी मौत हो गई।
मृतक का नाम प्रफुल सुनील काले है। उनकी उम्र 21 साल थी और वे निलंगा तालुका के माळेगाव कल्याणी के रहने वाले थे। वे मोटरसाइकिल नंबर एमएच 24 सीएच 4042 पर औराद से निलंगा की तरफ जा रहे थे।
रात करीब 10.30 बजे वे मोघे म्हसोबावाडी पाटी के पास पहुंचे थे। उसी वक्त उनके आगे चल रही एमएच 12 जीएस 1930 नंबर की मोटरसाइकिल के चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिया। इस वजह से प्रफुल काले की मोटरसाइकिल आगे वाली गाड़ी से टकरा गई।
टक्कर इतनी तेज थी कि प्रफुल मोटरसाइकिल से उछलकर सीमेंट की सड़क पर जा गिरे। उनके सिर में गहरी चोट आई। उन्हें इलाज के लिए निलंगा के सरकारी अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
इस हादसे की सबसे अहम बात यह है कि प्रफुल काले के पास हेल्मेट मौजूद था। मगर उन्होंने उसे सिर पर नहीं पहना था। हेल्मेट मोटरसाइकिल के हैंडल पर अटका हुआ था और वे उसी हालत में सफर कर रहे थे। हादसे के वक्त सिर पर हेल्मेट न होने से उनके सिर को गहरी चोट पहुंची।
हेल्मेट को गाड़ी में टांगकर ले जाना, हाथ में पकड़ना या सिर्फ साथ रखना सिर को नहीं बचाता। हादसे के पल में हेल्मेट का सिर पर ठीक से पहना होना जरूरी है। यानी "हेल्मेट है" इतना काफी नहीं, "हेल्मेट सिर पर है" यह ज्यादा मायने रखता है।
इस घटना ने फिर याद दिलाया है कि हेल्मेट सिर्फ साथ रखने की चीज नहीं है। हर सफर में उसे सिर पर सही तरीके से पहनना जरूरी है। कुछ सेकंड की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है, और यह हादसा उसी का उदाहरण है।