मंगाम की जान लेने वाला बाघ आगरझरी में ट्रैंकुलाइज कर पकड़ा गया
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ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व के मोहर्ली वन परिक्षेत्र में आगरझरी तालाब परिसर में एक महिला की जान लेने वाले बाघ को वन विभाग ने पकड़ लिया है। मंगलवार, 6 अक्टूबर को बाघ को ट्रैंकुलाइज किया गया और उसे सुरक्षित पकड़ा गया। जांच और उपचार के लिए उसे चंद्रपुर के वन्यजीव उपचार केंद्र भेजा गया है।
यह हमला सोमवार, 5 अक्टूबर को हुआ था। आगरझरी तालाब से सटे खेत में 60 वर्षीय मंदाबाई सूर्यभान मंगाम खाद का बोरा धो रही थीं, तभी बाघ ने उन पर हमला कर दिया। बाघ उन्हें कुछ दूर तक घसीटकर ले गया और इसमें उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद आगरझरी और आसपास के गांवों में डर और गुस्से का माहौल बन गया था।
महिला की मौत से भड़के ग्रामीणों ने वन विभाग का वाहन रोक लिया था। उनकी मांग थी कि बाघ को पिंजरा लगाकर पकड़ा जाए। ग्रामीणों का कहना था कि बाघ लगातार आसपास दिख रहा है, इसलिए खेतों में काम करना भी जोखिम भरा हो गया है।
इसके अलावा ग्रामीणों ने तालाब परिसर में जमा कचरा साफ कराने की मांग रखी थी। वे चाहते थे कि किसानों को खेतों तक सुरक्षित पहुंचने में मदद मिले और जरूरत पड़ने पर वन कर्मचारी किसानों के साथ भेजे जाएं। ग्रामीणों ने जो कार्रवाई मांगी थी, वन विभाग ने अगले ही दिन उस दिशा में कदम उठाया और बाघ को पकड़ने में कामयाबी हासिल की।
घटना के बाद से वन विभाग ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी थी। ट्रैप कैमरों और मैदान में निगरानी के जरिए बाघ की हरकतों पर नजर रखी जा रही थी। लगातार निगरानी और मेहनत के बाद वन विभाग की RRT (Rapid Response Team) ने मंगलवार को बाघ को ट्रैंकुलाइज करके सुरक्षित पकड़ लिया।
पकड़े जाने के बाद बाघ को चंद्रपुर के वन्यजीव उपचार केंद्र ले जाया गया। वहां उसकी जरूरी जांच और इलाज किया जा रहा है, और वन विभाग उसकी हालत पर नजर रखे हुए है।
बाघ को पकड़ने के साथ ग्रामीणों की दूसरी बड़ी मांग पर भी काम हुआ। आगरझरी तालाब परिसर में जमा कचरे की सफाई करा दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब के आसपास कचरा जमा होने से जंगली जानवरों की आवाजाही और इंसानी गतिविधियों के बीच टकराव का डर बना रहता था। सफाई से परिसर ज्यादा सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।
महिला की मौत के बाद आगरझरी इलाके में तनाव और डर था, और बाघ की मौजूदगी से ग्रामीणों की सुरक्षा की चिंता बढ़ गई थी। ऐसे माहौल में वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी लगातार निगरानी, गश्त और मैदानी कार्रवाई करते रहे। ग्रामीणों की मांगों पर तेजी से हुई कार्रवाई से इलाके में सुरक्षा को लेकर बनी चिंता कुछ हद तक कम हुई है।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे तालाब, खेत और जंगल से सटे इलाकों में बेवजह न जाएं। अगर कहीं जंगली जानवर की हरकत दिखे तो तुरंत वन विभाग को खबर दें।