दुर्गापूजा प्रिव्यू शो के पास मामले में पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन के ठिकानों पर ईडी का छापा
ईडी ने मंगलवार सुबह कोलकाता में करीब 10 जगहों पर तलाशी ली। 'मास आर्ट' पर पास बेचने और UNESCO के नाम के कथित इस्तेमाल के आरोपों की जांच चल रही है।
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में दुर्गापूजा के 'प्रिव्यू शो' के नाम पर पैसों की कथित गड़बड़ी के आरोपों की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कर रहा है। इसी सिलसिले में ईडी ने मंगलवार सुबह पूर्व मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के नेता इंद्रनील सेन और उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की। बताया गया है कि कोलकाता में करीब 10 जगहों पर तलाशी ली गई। एक रिपोर्ट के मुताबिक इंद्रनील सेन के घर के साथ उनके एक रिश्तेदार के घर पर भी ईडी पहुंची।
जांच के केंद्र में 'मास आर्ट' नाम की संस्था बताई जा रही है। उस पर आरोप है कि उसने कोलकाता के दुर्गापूजा पंडालों के 'प्रिव्यू शो' या 'पूजा परिक्रमा' के लिए पास बेचे। जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक इस रास्ते से करीब 50 से 60 करोड़ रुपये की गड़बड़ी होने की आशंका जताई गई है। लेकिन यह रकम और ये आरोप अभी जांच का विषय हैं, और किसी अंतिम नतीजे पर बात नहीं पहुंची है।
बताया गया है कि इस मामले में इंद्रनील सेन, उनकी पत्नी मधुछंदा सेन और 'मास आर्ट' से जुड़े दूसरे लोगों के खिलाफ पहले ही पुलिस में शिकायत दर्ज हो चुकी है। अब ईडी संस्था का ढांचा, उसके पैसों का लेन-देन, पास की बिक्री और इससे जुड़े लोगों की भूमिका को खंगाल रही है।
मामले का एक और अहम पहलू UNESCO के नाम और लोगो का कथित इस्तेमाल है। आरोप है कि 'मास आर्ट' ने खुद को UNESCO से जुड़ा या उसका अधिकृत पार्टनर बताकर दुर्गापूजा प्रिव्यू शो के पास बेचे। इस दावे में कितनी सच्चाई है, और UNESCO के नाम का इस्तेमाल इजाजत लेकर हुआ था या नहीं, इसकी भी जांच चल रही है।
इस बीच UNESCO की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक 'Durga Puja in Kolkata' को 2021 में अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में जगह दी गई थी। वेबसाइट पर 2023 के 'Preview Show of Durga Puja Art' के लिए 'massArt' का नाम आयोजक के तौर पर दर्ज है।
कुल मिलाकर, छापेमारी के बाद भी ये सब अभी आरोप और जांच के दायरे में हैं। ईडी की पड़ताल आगे बढ़ने पर ही साफ होगा कि पासों की बिक्री और पैसों के लेन-देन में असल में क्या हुआ।