कोकण, मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ में गुरुवार को बिजली के साथ बारिश की चेतावनी, यलो अलर्ट जारी
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अक्टूबर खत्म होने को है, फिर भी मौसम का मिजाज नहीं बदला। गुरुवार 29 अक्टूबर को राज्य के कई हिस्सों में बिजली कड़कने के साथ बारिश हो सकती है।
अक्टूबर का महीना खत्म होने को है, फिर भी महाराष्ट्र के मौसम का मिजाज बदला नहीं है। कुछ इलाकों में दोपहर की धूप से पारा चढ़ा हुआ है। वहीं बंगाल की खाड़ी के 'अर्णब' चक्रवात के असर से गुरुवार, 29 अक्टूबर को राज्य के कई हिस्सों में बिजली कड़कने के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कोकण, मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ के लिए तूफानी बारिश की चेतावनी दी है।
पुणे के घाट इलाके में भी हल्की से मध्यम बौछारों के साथ तेज हवाएं चलने का अंदेशा जताया गया है। कुछ जगहों पर रात का तापमान बढ़ा है, तो कुछ इलाकों में सुबह के वक्त ठंडक महसूस हो रही है। इसलिए आज किन जिलों में बारिश हो सकती है और कहां धूप की तपिश बनी रहेगी, यह जान लेना जरूरी है।
'अर्णब' चक्रवात बंगाल की खाड़ी में बना था और आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद जमीन पर सक्रिय था। मिली जानकारी के मुताबिक यह सिस्टम गुरुवार, 29 अक्टूबर को कमजोर पड़ सकता है। इस बीच दक्षिण अंडमान सागर में समुद्र तल से करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक गोलाई में हवाएं चल रही हैं। गुरुवार को वहां नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना जताई गई है।
इन मौसमी सिस्टम के चलते राज्य के कुछ हिस्सों में आसमान में बादल छाए रहेंगे और बादल गरजने व बिजली कड़कने के साथ बारिश हो सकती है। कोकण, मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ में तूफानी मौसम की संभावना है और कहीं-कहीं बौछारें पड़ सकती हैं।
गुरुवार को रायगड, रत्नागिरी, धुले, नंदुरबार, नाशिक और जालना जिलों में बिजली के साथ बारिश के आसार हैं। पुणे और सातारा जिलों के घाट इलाकों के कुछ हिस्सों में भी ऐसा ही मौसम रह सकता है। इन इलाकों के लोग स्थानीय अनुमान और सरकारी सूचनाएं देखते रहें।
विदर्भ में अमरावती, नागपुर, चंद्रपुर, भंडारा और गोंदिया जिलों में भी बारिश और बादल गरजने का अनुमान है। कुछ जगहों पर तेज हवाएं चल सकती हैं, इसलिए खुले में काम करने वाले और सफर करने वाले सावधानी रखें। हालांकि सभी जिलों में एक साथ बारिश नहीं होगी। हर जिले में बारिश की तीव्रता अलग हो सकती है, इसलिए अपने इलाके का ताजा अनुमान देखना ठीक रहेगा।
तापमान की बात करें तो राज्य के कई हिस्सों में धूप की तपिश कम-ज्यादा बनी हुई है। एक मौसम रिकॉर्ड के मुताबिक बुधवार सुबह तक के 24 घंटों में रत्नागिरी में अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। डहाणू और सांताक्रूज में तापमान 36 डिग्री से ऊपर रहा, जबकि जलगांव और सोलापुर में 35 डिग्री से ज्यादा दर्ज हुआ। एक दूसरे शहरवार रिकॉर्ड में डहाणू का अधिकतम तापमान 36.7 डिग्री रहा, जो सामान्य से 2.9 डिग्री ज्यादा है। उसी रिकॉर्ड में सांताक्रूज में 35.5 डिग्री, कुलाबा में 34.8 डिग्री, रत्नागिरी में 34.5 डिग्री और अलीबाग में 33.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। अलग-अलग रिकॉर्ड में कुछ जगहों के अधिकतम तापमान में फर्क दिखता है, इसलिए आंकड़ों को उन्हीं रिकॉर्ड के संदर्भ में देखना चाहिए।
विदर्भ में कई जगह रात का तापमान सामान्य से ज्यादा रहा। वर्धा में न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस था, जो सामान्य से 6.5 डिग्री ज्यादा है। नागपुर में 23.5 डिग्री यानी सामान्य से 5.9 डिग्री ज्यादा दर्ज हुआ। अकोला में 23.7 डिग्री (सामान्य से 5.6 डिग्री ज्यादा), चंद्रपुर में 23 डिग्री (3.9 डिग्री ज्यादा) और अमरावती में 21.7 डिग्री (3.8 डिग्री ज्यादा) रहा। ब्रह्मपुरी में न्यूनतम तापमान 22 डिग्री, बुलढाणा में 21.2 डिग्री, वाशिम में 20.4 डिग्री और गोंदिया व यवतमाल में 19.2-19.2 डिग्री रहा। दिन का अधिकतम तापमान कई जगह नीचे आया। अकोला में 33 डिग्री, चंद्रपुर और नागपुर में 30.6-30.6 डिग्री रहा। ब्रह्मपुरी में विदर्भ का सबसे कम अधिकतम तापमान 29.7 डिग्री था, जो सामान्य से 2.4 डिग्री कम है। इस रिकॉर्ड में गोंदिया में 2 मिमी बारिश दर्ज हुई, बाकी केंद्रों में बारिश नहीं हुई।
कोकण तट पर रात के तापमान में अलीबाग में सबसे ज्यादा 26.3 डिग्री दर्ज हुआ, जो सामान्य से 3.9 डिग्री ज्यादा है। मुंबई में न्यूनतम तापमान 25 डिग्री रहा, यानी सामान्य से 0.7 डिग्री ज्यादा। डहाणू में 19.9 डिग्री रहा, जो सामान्य से 2.6 डिग्री कम है। रत्नागिरी में 20.2 डिग्री और सांताक्रूज में 21 डिग्री दर्ज हुआ। इस रिकॉर्ड के मुताबिक मुंबई, अलीबाग, रत्नागिरी और डहाणू में उन 24 घंटों में बारिश नहीं हुई थी, लेकिन गुरुवार को कोकण के कुछ हिस्सों में बिजली के साथ बारिश की संभावना है, इसलिए मौसम बदल सकता है।
मध्य महाराष्ट्र में नाशिक का न्यूनतम तापमान 14.3 डिग्री रहा, जो सामान्य से 1.2 डिग्री कम है और उपलब्ध शहरवार रिकॉर्ड के हिसाब से उस दौरान राज्य में सबसे कम था। महाबलेश्वर में 14.9 डिग्री रहा, यानी सामान्य से 0.7 डिग्री कम। सोलापुर में 21.2 डिग्री (सामान्य से 2.4 डिग्री ज्यादा), अहिल्यानगर में 19.3 डिग्री (4 डिग्री ज्यादा), कोल्हापुर में 19 डिग्री और सातारा में 17 डिग्री रहा। दिन में जलगांव का अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री था, जो सामान्य से 2.5 डिग्री ज्यादा है। अहिल्यानगर में 35.2 डिग्री (3.2 डिग्री ज्यादा) और सोलापुर में 34.7 डिग्री रहा। मध्य महाराष्ट्र के दर्ज केंद्रों में बारिश नहीं हुई।
मराठवाड़ा के सभी दर्ज केंद्रों में न्यूनतम तापमान सामान्य से ज्यादा रहा। छत्रपति संभाजीनगर में 21.8 डिग्री दर्ज हुआ, जो सामान्य से 5.5 डिग्री ज्यादा है। परभणी में 20.6 डिग्री (3.1 डिग्री ज्यादा) और धाराशिव में 20.2 डिग्री (2.3 डिग्री ज्यादा) रहा। दिन का अधिकतम तापमान परभणी में 32.8 डिग्री, छत्रपति संभाजीनगर में 32.6 डिग्री और धाराशिव में 32.2 डिग्री रहा। इन तीनों केंद्रों में बारिश दर्ज नहीं हुई।
पुणे में बुधवार को अधिकतम तापमान 32.9 डिग्री था, जो सामान्य से 1.4 डिग्री ज्यादा है, और न्यूनतम 14.9 डिग्री था, जो सामान्य से 1 डिग्री कम है। गुरुवार को पुणे में आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहने का अनुमान है। खासकर पुणे जिले के घाट इलाके के कुछ हिस्सों में बिजली कड़कने, बादल गरजने, हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। गुरुवार को पुणे में अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री और न्यूनतम 17 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। बुधवार सुबह 8.30 बजे तक के 24 घंटों में पुणे में बारिश नहीं हुई थी, और बुधवार सुबह 8.30 से शाम 5.30 बजे के बीच भी बारिश दर्ज नहीं हुई। पुणे में इस सीजन की बारिश सिर्फ 1.4 मिमी हुई है, जबकि सामान्य सीजन की बारिश 74.4 मिमी है, यानी 73 मिमी की कमी है।
लोगों को क्या सावधानी रखनी चाहिए? बादल गरजते वक्त पेड़ के नीचे या खुली जगह में रुकने से बचें। तेज हवा चले तो हल्का सामान सुरक्षित जगह पर रख दें। पुणे के घाट रास्तों से सफर करने वाले स्थानीय मौसम का अनुमान देखकर ही सफर की योजना बनाएं।
कुल मिलाकर गुरुवार, 29 अक्टूबर को पूरे राज्य में बारिश नहीं होगी। कुछ जिलों में तूफानी बारिश की संभावना है, जबकि बाकी इलाकों में गर्म और बादलों भरा मौसम रह सकता है। इसलिए अपने जिले का ताजा अनुमान और मौसम विभाग की सरकारी सूचनाएं नियमित देखते रहना जरूरी है।
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