उत्तर कोकण में तेज गर्मी और उमस, मुंबई समेत चार जिलों में यलो अलर्ट जारी
अक्टूबर के आखिरी दिनों में भी महाराष्ट्र में गर्मी और उमस बनी हुई है, मौसम विभाग ने उत्तर कोकण के लिए यलो अलर्ट दिया है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
अक्टूबर का महीना खत्म होने को है, फिर भी पूरे महाराष्ट्र में धूप की तपिश और तेज उमस लगातार महसूस हो रही है। मौसम विभाग ने आज 24 अक्टूबर 2026 के लिए अंदाजा जताया है कि उत्तर कोकण में गर्मी तेज रहेगी और हवा में नमी भी ज्यादा रहेगी। इसी वजह से इस इलाके के लिए सतर्कता का यलो अलर्ट जारी किया गया है।
कोकण की तटीय पट्टी के पालघर, ठाणे, मुंबई और रायगड जिलों में आज गर्म और बेहद उमस भरा मौसम रहेगा, और इन्हीं चारों जिलों के लिए यलो अलर्ट दिया गया है। इसके उलट रत्नागिरी जिले में गरज के साथ हल्की बारिश का अंदाजा है। सिंधुदुर्ग जिले में बिजली की कड़क के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बताई गई है।
पूरे राज्य में बारिश भले गायब हो गई हो, लेकिन रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, सातारा और कोल्हापुर जिलों में कुछ जगहों पर बिजली कड़कने के साथ बारिश हो सकती है। कहीं मौसम सूखा रहेगा, तो कहीं हल्की से मध्यम फुहारें पड़ सकती हैं।
उत्तर महाराष्ट्र के सभी जिलों में बारिश ने ठहराव ले लिया है। धुले, नंदुरबार, जलगांव, नाशिक, नाशिक घाट क्षेत्र और अहिल्यानगर में आज मौसम पूरी तरह सूखा रहने का अंदाजा है।
पश्चिम महाराष्ट्र में मौसम के अलग-अलग रंग दिख रहे हैं। पुणे, पुणे घाट क्षेत्र, सांगली और सोलापुर जिलों में मौसम सूखा रह सकता है। वहीं कोल्हापुर और कोल्हापुर घाट क्षेत्र इलाके में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके अलावा सातारा और सांगली जिलों में कुछ जगहों पर बिजली के साथ हल्की बारिश का अंदाजा है।
मराठवाड़ा के किसी भी जिले में बारिश की संभावना नहीं है। छत्रपती संभाजीनगर, बीड, परभणी, हिंगोली, नांदेड, लातूर और धाराशिव में आज मौसम पूरी तरह सूखा रहेगा।
विदर्भ के अकोला, अमरावती, बुलढाणा, चंद्रपूर, गडचिरोली, नागपुर, गोंदिया, वर्धा, वाशिम और यवतमाळ जिलों में मौसम सामान्य रहेगा। मौसम विभाग ने इस पूरे इलाके के लिए कोई चेतावनी या अलर्ट जारी नहीं किया है।
समुद्री इलाके में नए मौसम सिस्टम सक्रिय हो गए हैं। शुक्रवार को पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बना। यह सिस्टम आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तट की तरफ बढ़ते हुए और तेज होने वाला है। इसी कारण आने वाले सोमवार को खाड़ी में चक्रवात बनने के साफ संकेत हैं।
इसके साथ ही दक्षिण केरल और उससे सटे अरब सागर में एक और कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। इस सिस्टम की वजह से समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्राकार हवाएं चल रही हैं।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।