महाराष्ट्र में मानसून फिर एक्टिव, 30 जिलों में यलो, कुछ जगह ऑरेंज अलर्ट, किसानों को अलर्ट रहने की सलाह
मौसम विभाग ने 12 और 13 सितंबर के लिए राज्य के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है, प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने को कहा।
अगस्त महीने में जितनी बारिश होनी चाहिए थी उतनी हुई नहीं, सितंबर का पहला हफ्ता भी सूखा ही निकल गया और राज्य के कई इलाकों में लोग बारिश के इंतजार में थे। इसी दौरान 11 सितंबर को मौसम विभाग ने राज्य के सिर्फ 11 जिलों के लिए यलो अलर्ट दिया था, लेकिन उसके बाद हालात तेजी से बदल गए। मौसम विभाग ने अब बताया है कि मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है और 12 और 13 सितंबर को राज्य के तीस से ज्यादा जिलों में तेज से मध्यम बारिश होने वाली है। लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
12 सितंबर को उत्तर कोकण, उत्तर मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में ज्यादातर जगह मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की पूरी संभावना जताई गई है। दक्षिण मध्य महाराष्ट्र और दक्षिण कोकण गोवा पट्टी में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दिन कुल 30 जिलों को यलो अलर्ट में रखा गया है, जिनमें पालघर, ठाणे, मुंबई, रायगढ़, धुळे, नंदुरबार, जळगांव, नाशिक और नाशिक घाट परिसर, अहिल्यानगर, पुणे और पुणे घाट परिसर, सोलापूर, छत्रपती संभाजीनगर, जालना, परभणी, बीड, हिंगोली, नांदेड, लातूर, धाराशिव, अकोला, अमरावती, भंडारा, बुलढाणा, चंद्रपूर, गडचिरोली, गोंदिया, नागपुर, वर्धा, वाशिम और यवतमाळ शामिल हैं। इसी हिसाब से देखा जाए तो सिर्फ चौबीस घंटे पहले जो अलर्ट सिर्फ 11 जिलों तक सीमित था, वह अब लगभग पूरे राज्य में फैल चुका है।
13 सितंबर को बारिश की तीव्रता और बढ़ने का अंदाज है। कोकण गोवा पट्टी, उत्तर मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में ज्यादातर जगह मध्यम से तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है, जबकि दक्षिण मध्य महाराष्ट्र में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। इस दिन धुळे, नंदुरबार और नाशिक घाट परिसर के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, यानी यहां बारिश और तेज रहने वाली है। इनके अलावा पालघर, ठाणे, रायगढ़, मुंबई, रत्नागिरी, जळगांव, नाशिक, अहिल्यानगर, पुणे और पुणे घाट परिसर, सातारा और सातारा घाट परिसर, छत्रपती संभाजीनगर, जालना, परभणी, बीड, हिंगोली, अकोला और अमरावती में यलो अलर्ट कायम रहेगा।
तेज हवाओं के साथ आने वाली इस बारिश से खेती को नुकसान होने का खतरा जताया गया है, साथ ही निचले इलाकों में पानी भर सकता है। इसलिए किसानों और आम लोगों से एहतियात बरतने को कहा गया है। नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने खासतौर पर बिजली कड़कने के दौरान पेड़ के नीचे खड़े ना होने और सुरक्षित जगह पर शरण लेने की हिदायत दी है। किसान भाइयों से भी खेत में काम करते वक्त सावधानी बरतने की अपील बार बार की जा रही है।
14 सितंबर को बारिश का जोर कुछ कम पड़ने की उम्मीद है और यलो अलर्ट मुख्य रूप से नाशिक घाट, पुणे घाट, पुणे, अहिल्यानगर और रत्नागिरी जिलों तक सिमट सकता है।
इससे पहले 11 सितंबर को विदर्भ में भंडारा, चंद्रपूर, गडचिरोली, गोंदिया, नागपुर, वर्धा और यवतमाळ, यानी सात जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज चमक के साथ बारिश की चेतावनी थी, जबकि बुलढाणा, अमरावती, अकोला और वाशिम में उस दिन कोई अलर्ट नहीं था। इसी तरह मराठवाड़ा में नांदेड, हिंगोली और परभणी को अलर्ट मिला था और छत्रपती संभाजीनगर, जालना, बीड, लातूर, धाराशिव में भी हल्की से मध्यम बारिश का अंदाज था। उत्तर महाराष्ट्र में नाशिक के घाट इलाके में अलर्ट था, जबकि कोकण में उस वक्त सिर्फ हल्की बारिश हो रही थी और कोई अलर्ट नहीं दिया गया था। पश्चिम महाराष्ट्र में कोल्हापूर के घाट इलाके, सांगली और सोलापूर में भी उस दिन सूखा और गर्म मौसम बना हुआ था। यह पूरा इलाका अब मानसून की इस नई और बड़ी बारिश की जद में आ चुका है, जिससे पानी की कमी झेल रहे और खरीफ के सीजन को लेकर चिंतित किसानों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
तापमान की बात करें तो आने वाले दिनों में गर्मी का असर बना रहेगा। मौसम विभाग के अंदाज के मुताबिक 15 सितंबर को अधिकतम तापमान 33 और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस, 16 सितंबर को अधिकतम 32 और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। 17, 18 और 19 सितंबर को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रह सकता है, जबकि 20 और 21 सितंबर को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अंदाज जताया गया है।