किसानों को सताने वाली फायनान्स कंपनियों को शिंदे की चेतावनी, जेल में पत्थर तुड़वाएंगे
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उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने माइक्रो फायनान्स कंपनियों, निजी साहूकारों और बैंकों को साफ चेतावनी दी है कि कर्ज वसूली के नाम पर किसानों पर जबरदस्ती और उनका उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो भी किसानों को सताएगा, उस पर कड़ी कार्रवाई होगी।
शिंदे ने यह भी कहा कि अगर किसी को परेशान करके आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया, तो जिम्मेदार लोगों पर हत्या का मामला दर्ज होगा और उन्हें जेल भेजा जाएगा। जेल में उनसे पत्थर तुड़वाए जाएंगे, ऐसा कड़ा इशारा उन्होंने दिया।
वे नाशिक जिले के आदिवासी बहुल और दुर्गम इलाके हरसूल में शिवसेना की तरफ से रखे गए दिवाली राशन वितरण कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस मौके पर उपमहापौर विलास शिंदे की पहल से तैयार किए गए 10 हजार खास दिवाली राशन किट आदिवासी और किसान परिवारों को बांटे गए।
नांदेड़ के एक किसान की मौत का जिक्र करते हुए शिंदे ने कहा कि एक किसान को फायनान्स कंपनी के दफ्तर में ले जाकर पीटा गया और उसमें उसकी जान चली गई। इस मामले में पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर लिया है।
शिंदे ने कहा कि बैंक, बीमा कंपनियां, निजी साहूकार और माइक्रो फायनान्स संस्थाएं किसानों पर दबाव डालकर उन्हें परेशान न करें। सरकार जबरदस्ती की कर्ज वसूली पर पहले ही रोक लगा चुकी है। फिर भी अगर कोई किसान के घर जाकर दबाव डाले या बदसलूकी करे, तो किसान और शिवसैनिक ऐसे लोगों को सीधे पुलिस के हवाले करें, यह अपील उन्होंने की।
लाडकी बहन योजना के बारे में शिंदे ने भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री रहते हुए शुरू की गई मुख्यमंत्री लाडकी बहन योजना किसी भी हाल में बंद नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार के छह हजार रुपये मिलाकर किसानों को साल में 12 हजार रुपये का सम्मान निधि भी नियमित मिलता रहेगा।
राज्य के 305 तहसीलों पर भीषण सूखे की मार पड़ी है। खेतों में खड़ी फसलें सूख गई हैं। मंत्रिमंडल ने खुद खेतों में जाकर हालात देखे और उसके बाद सूखा घोषित किया। सूखा पीड़ित किसानों को सरकार की तरफ से मिलने वाली सभी 12 सुविधाएं दी जाएंगी। साथ ही फौरी मदद के तौर पर पांच हजार रुपये देने का ऐलान किया गया है।
सूखा प्रभावित इलाकों में तुरंत किसान सहायता केंद्र शुरू करने के निर्देश मंत्री दादाजी भुसे और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को दिए गए हैं। इन केंद्रों के जरिए फसल नुकसान का सर्वे, सरकारी मदद का वितरण, टैंकर से पानी की सप्लाई और जानवरों के चारे के इंतजाम पर नजर रखी जाएगी। शिंदे ने यह भी कहा कि सूखे की वजह से गरीब परिवारों को बेटियों की शादी करना मुश्किल हो रहा है, इसलिए ऐसे परिवारों की सूची बनाई जाए।
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