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खाड़ी देशों में रिलीज नहीं, 'A' सर्टिफिकेट भी, फिर भी रणवीर की 'धुरंधर' की चर्चा के सात कारण

खाड़ी देशों में रिलीज न होने और 'A' सर्टिफिकेट की पाबंदी के बावजूद रणवीर सिंह की 'धुरंधर' फ्रेंचाइजी बॉक्स ऑफिस पर चर्चा में है। सात बातें इसकी वजह बताई जा रही हैं।

खाड़ी देशों में रिलीज नहीं, 'A' सर्टिफिकेट भी, फिर भी रणवीर की 'धुरंधर' की चर्चा के सात कारण तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

रणवीर सिंह की 'धुरंधर' फ्रेंचाइजी इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर खूब चर्चा में है। खाड़ी देशों में फिल्म रिलीज नहीं हुई, उसे बड़ों के लिए 'A' सर्टिफिकेट मिला है और हमजा अली मजारी का किरदार दमदार है। इन्हीं सात बातों की वजह से दोनों फिल्मों का प्रदर्शन सुर्खियों में है।

आम तौर पर माना जाता है कि फिल्म चलाने के लिए बड़ा बजट, स्टार की लोकप्रियता और बड़ी तादाद में दर्शक चाहिए। लेकिन कुछ फिल्में इस बने-बनाए हिसाब को चुनौती देती हैं। 'धुरंधर' की चर्चा भी इसीलिए हो रही है। हमजा अली मजारी के किरदार में रणवीर की एक्टिंग, फिल्मों का कारोबारी सफर और दर्शकों से जुड़ाव, इन सब ने इस फ्रेंचाइजी की तरफ खास ध्यान खींचा है। आइए, इस कामयाबी के सात कारणों पर नजर डालते हैं।

पहला कारण 1,000 करोड़ रुपये के हिंदी नेट कलेक्शन का रिकॉर्ड है। 'धुरंधर: द रिवेंज' के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन को लेकर रणवीर सिंह का नाम खूब लिया गया। हिंदी फिल्मों की कमाई के रिकॉर्ड, नेट कलेक्शन और अलग-अलग भाषाओं का कारोबार, इन सबकी वजह से इस फ्रेंचाइजी की अहमियत बढ़ी है। हालांकि 1,000 करोड़ रुपये के हिंदी नेट कलेक्शन तक पहुंचने के जो दावे किए जा रहे हैं, उन्हें बॉक्स ऑफिस के आधिकारिक आंकड़ों से जांचना जरूरी है। नेट कलेक्शन, भारत की कुल कमाई और दुनिया भर का ग्रॉस कलेक्शन, तीनों अलग चीजें हैं।

दूसरा कारण खाड़ी देशों में रिलीज न होने के बावजूद कामयाबी की चर्चा है। कहा जाता है कि फिल्म वहां रिलीज नहीं हुई, इसलिए उस बाजार के दर्शकों तक पहुंचने का मौका सीमित रहा। ऐसे में बाकी बाजारों के दर्शकों का रेस्पॉन्स और भारत की कमाई का वजन बढ़ जाता है। किसी फिल्म की अंतरराष्ट्रीय बाजार में उपलब्धता उसके कुल कारोबार पर असर डालती है, इसलिए 'धुरंधर' का आकलन करते समय रिलीज कितनी जगह हुई, यह भी देखना पड़ता है।

तीसरा कारण 'A' सर्टिफिकेट के बावजूद दर्शकों का रेस्पॉन्स है। इस सर्टिफिकेट के मुताबिक फिल्म सिर्फ 18 साल या उससे ज्यादा उम्र के दर्शक देख सकते हैं। यानी कम उम्र के दर्शकों को सिनेमाघर में एंट्री नहीं मिलती। बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचने के लिहाज से यह रुकावट हो सकती है। फिर भी बड़ों के बीच फिल्म की लोकप्रियता, कहानी को लेकर उत्सुकता और एक्टिंग की चर्चा से फिल्म को अच्छा रेस्पॉन्स मिल सकता है। 'धुरंधर' के मामले में भी इन बातों की भूमिका समझना जरूरी है।

चौथा कारण हमजा अली मजारी के किरदार में रणवीर सिंह का असर है। इस फ्रेंचाइजी का एक बड़ा आकर्षण रणवीर का निभाया यह किरदार ही है। उसकी बॉडी लैंग्वेज, काबू में रखी आवाज, चलने का अंदाज और पर्दे पर मौजूदगी इस पात्र को अलग पहचान देती है। हमजा और उसकी असली पहचान जसकीरत सिंह रंगी के बीच का फर्क दिखाने में रणवीर ने एक्टिंग के कई पहलुओं पर जोर दिया है। इसलिए यह किरदार सिर्फ एक्शन तक सीमित नहीं रहता, उसके स्वभाव और भावनाओं में आने वाले बदलाव भी दर्शकों के सामने आते हैं।

पांचवां कारण शारीरिक बदलाव से आगे की एक्टिंग है। रणवीर के अभिनय की बात करें तो उनके फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन के साथ भावनाओं की अभिव्यक्ति को भी देखना पड़ता है। दोनों फिल्मों में एक ही किरदार के सफर के अलग-अलग पड़ाव दिखाए गए हैं। कुछ सीन में आक्रामकता चाहिए, तो कुछ में संयम और भीतरी बेचैनी जाहिर करनी होती है। डायलॉग जितना ही खामोशी, चेहरे के भाव और बॉडी लैंग्वेज को भी अहमियत मिलती है। इन्हीं अलग-अलग रंगों की वजह से हमजा अली मजारी फिल्म की चर्चा का अहम हिस्सा बन गया है।

छठा कारण फिल्मों की लागत के मुकाबले कारोबारी प्रदर्शन है। 'धुरंधर' फ्रेंचाइजी की कुल लागत का अंदाजा 250 से 300 करोड़ रुपये के बीच लगाया जाता है। लेकिन यह आंकड़ा आधिकारिक तौर पर पक्का हुआ है या नहीं, इसकी जांच जरूरी है। फिल्म बनाने का खर्च, प्रचार और वितरण का खर्च और कुल कमाई, इनका हिसाब अलग-अलग तरीकों से लगाया जा सकता है। किसी फिल्म की कारोबारी कामयाबी सिर्फ कमाई देखकर नहीं आंकी जाती। प्रोड्यूसरों का हिस्सा, डिस्ट्रीब्यूटरों के हिसाब, रिलीज का खर्च और दूसरे बाजारों का कारोबार भी देखना पड़ता है। फ्रेंचाइजी की कामयाबी की सही तस्वीर के लिए ये सब बातें अहम हैं।

सातवां कारण हिंदी सिनेमा की ऐतिहासिक फिल्मों की परंपरा में एक नई चर्चा है। 'शोले', 'मदर इंडिया' और 'मुगल-ए-आजम' जैसी फिल्मों ने भारतीय सिनेमा के इतिहास में अहम जगह बनाई है। हर फिल्म ने अपने दौर के कहानी कहने के ढंग, एक्टिंग और दर्शकों से जुड़ने के तरीकों में अपनी अलग छाप छोड़ी। 'धुरंधर' फ्रेंचाइजी की चर्चा आज के दौर के बॉक्स ऑफिस, बड़े पैमाने की रिलीज और किरदारों की लोकप्रियता के संदर्भ में हो रही है। रणवीर सिंह के लिए भी हमजा अली मजारी की भूमिका करियर का एक नजर खींचने वाला पड़ाव बन गई है।

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