मंगलवार, 3 नवंबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

इतवारी सराफा बाजार में बिश्नोई के नाम पर 10-10 लाख की मांग, डाक से आए धमकी भरे खत, केस दर्ज

इतवारी सराफा बाजार में बिश्नोई के नाम पर 10-10 लाख की मांग, डाक से आए धमकी भरे खत, केस दर्ज तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
जुर्म PT24 टीम

नागपुर के इतवारी सराफा बाजार में कथित लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर 8 से 10 व्यापारियों से फिरौती मांगी गई है। तहसील पुलिस थाने में मामला दर्ज है।

नागपुर के इतवारी सराफा बाजार में इन दिनों डर का माहौल है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर शहर के 8 से 10 सराफा व्यापारियों को डाक से धमकी भरे खत भेजे गए हैं और हर व्यापारी से 10 लाख रुपये मांगे गए हैं। दिवाली सिर पर है और सोने-चांदी के धंधे के लिए यही सबसे अहम वक्त होता है, इसलिए व्यापारी और ज्यादा परेशान हैं। यह खबर 1 नवंबर 2026 की है।

बताया जा रहा है कि खतों का सिलसिला पिछले करीब पांच दिनों से चल रहा है। शुरू में सिर्फ दो व्यापारियों के पास खत पहुंचे थे, फिर धीरे-धीरे दूसरे कारोबारियों के पास भी ऐसे ही खत आने लगे। धमकी न फोन से दी गई, न ऑनलाइन मैसेज से। सारे खत सीधे डाक से आए, और वे अलग-अलग समय पर अलग-अलग डाकघरों से भेजे गए हैं।

खतों में लिखा है कि पैसे नहीं दिए गए या पुलिस को खबर की गई, तो व्यापारी को उसके पूरे परिवार समेत जान से मार दिया जाएगा। कुछ खतों में गोली मारने की बात भी है। रकम जुटाने के लिए कुछ व्यापारियों को तीन दिन की मोहलत दी गई है, तो कुछ को पांच दिन की। तय वक्त में पैसे न मिले तो गंभीर नतीजे भुगतने की चेतावनी है। कहा जाता है कि अभिनेता टाइगर श्रॉफ के घर के पास हुई गोलीबारी जैसा हमला करने की धमकी भी दी गई है। देशभर में बिश्नोई गैंग के नाम पर लोगों को धमकाने के मामले बढ़ रहे हैं और उस घटना के बाद से इस गैंग का डर और बढ़ गया है।

खतों में एक खास हिदायत भी है। जो व्यापारी पैसे देने को तैयार हो, वह अपनी दुकान के सामने 'जय श्रीराम' का पोस्टर लगाए या यही नारा लिख दे। खत के मुताबिक इससे गैंग को इशारा मिल जाएगा। उसके बाद पैसे कहां और कैसे पहुंचाने हैं, यह बाद में बताया जाएगा।

व्यापारियों ने मामला अपने संगठन के पदाधिकारियों के जरिए पुलिस के बड़े अधिकारियों तक पहुंचाया। ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल (GJC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश रोकड़े ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से शिकायत की और पुलिस कमिश्नर विश्वास नांगरे पाटिल को भी जानकारी दी। एसोसिएशन की मांग है कि सराफा व्यापारियों को पूरी सुरक्षा मिले और ऐसी वारदातें रोकने के लिए फौरन कदम उठाए जाएं। रोकड़े ने, जिन्हें सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष के तौर पर भी बताया गया है, व्यापारियों से कहा है कि ऐसा कोई भी खत आए तो एसोसिएशन से संपर्क करें और किसी को घबराने की जरूरत नहीं है।

अब सरकार ने भी मामले पर ध्यान दिया है। गृह राज्य मंत्री (ग्रामीण) पंकज भोयर ने बताया कि सरकार ने इन खतों का संज्ञान लिया है और पुलिस को फौरन जांच करके आरोपियों का पता लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इस सिलसिले में तहसील पुलिस थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। शुरू में कहा जा रहा था कि अभी कोई केस दर्ज नहीं हुआ और पुलिस चुपचाप जांच कर रही है, पर अब मामला दर्ज है।

सोमवार को सराफा एसोसिएशन ने इतवारी परिसर में अहम बैठक की, जिसमें व्यापारियों के साथ पुलिस के बड़े अधिकारी भी मौजूद थे। व्यापारियों ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और बाजार में ज्यादा पुलिस बंदोबस्त की मांग रखी। पुलिस उपायुक्त राहुल मदने ने भरोसा दिलाया कि दिवाली को देखते हुए पूरे सराफा परिसर में हर जगह नजर रखी जाएगी और अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे। पुलिस ने व्यापारियों से कहा है कि घबराएं नहीं, पर सतर्क रहें, और कोई भी धमकी भरा खत, फोन कॉल या शक वाला मैसेज मिले तो तुरंत पुलिस को बताएं। कुछ व्यापारी तो डर के मारे दुकान जाने से भी कतरा रहे हैं।

जांच में एक अहम बात सामने आई है। करीब 15 दिन पहले प्रतापनगर के एक सराफा व्यापारी को मिठाई के डिब्बे में ऐसा ही धमकी भरा खत मिला था। बताया जा रहा है कि उसकी लिखावट इतवारी के खतों से मिलती-जुलती है। इसी से शक है कि एक ही शख्स अलग-अलग पोस्ट ऑफिस से ये खत भेज रहा है। पुलिस लिखावट और खत भेजने के तरीके की जांच कर रही है। पुलिस को यह भी लगता है कि कोई स्थानीय आपराधिक तत्व बिश्नोई गैंग का नाम इस्तेमाल करके दहशत फैला रहा हो और मोटी रकम वसूलना चाहता हो। असल में गैंग की इसमें कोई भूमिका है या नहीं, यह भी देखा जा रहा है। खत किसने भेजे, यह अभी पता नहीं चला है।

मुख्यमंत्री के अपने शहर में कारोबारियों को खुलेआम ऐसे खत मिलने से कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।

#नागपुर#जुर्म#PT24#Crime#Nagpur

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे