शुक्रवार, 6 नवंबर 2026

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कांग्रेस में डेमोक्रेट्स का दबदबा बढ़ा, ट्रंप ने हर बिल पर वीटो चलाने की बात कही थी

कांग्रेस में डेमोक्रेट्स का दबदबा बढ़ा, ट्रंप ने हर बिल पर वीटो चलाने की बात कही थी
डोनाल्ड ट्रम्प | फाइल फोटो | Wikimedia Commons / The White House
दुनिया PT24 टीम

अमेरिकी कांग्रेस में डेमोक्रेट्स का वर्चस्व बढ़ने से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने नई सियासी चुनौती खड़ी हो गई है।

अमेरिका की राजनीति में सत्ता की खींचतान एक नया मोड़ लेती दिख रही है। कांग्रेस में डेमोक्रेट्स का दबदबा बढ़ने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने सियासी चुनौती खड़ी हो गई है। विपक्ष की वजह से सरकार के फैसलों में रुकावट आने की आशंका को देखते हुए ट्रंप ने पहले ही चेतावनी दे दी थी कि वे हर बिल को वीटो करके रोक देंगे। हालांकि चुनाव के बाद उन्होंने डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने की तैयारी भी जताई है।

ट्रंप ने साफ कहा था कि अगर डेमोक्रेट्स को कांग्रेस में बहुमत मिला, तो उनकी सरकार की नीतियों का विरोध करने वाले बिल वे पास नहीं होने देंगे। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि रिपब्लिकन पार्टी हारी तो वे हर बिल पर वीटो का इस्तेमाल करेंगे।

इसी सिलसिले में ट्रंप ने खुद को "मिस्टर वीटो" कहा था। उन्होंने एक रणनीति भी बताई थी। शुरू के कुछ महीने बिलों को नामंजूर करना और उसके बाद विरोधियों को बातचीत की टेबल पर लाना। इसी वजह से माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में व्हाइट हाउस और कांग्रेस के बीच टकराव बढ़ सकता है।

डेमोक्रेट्स को कांग्रेस के दोनों सदनों में दबदबा मिलने से विपक्ष को ट्रंप प्रशासन की नीतियों पर लगाम कसने का मौका मिलेगा। सरकारी खर्च, कानून और अहम नियुक्तियों के मामलों में डेमोक्रेट्स प्रशासन को मुश्किल में डाल सकते हैं।

खासकर सरकारी अफसरों की नियुक्तियों को मंजूरी देने, प्रशासन के फैसलों की जांच करने और अलग अलग बिलों पर बहस कराने जैसे रास्तों से विपक्ष सरकार पर दबाव बढ़ा सकता है। दूसरी तरफ राष्ट्रपति के पास वीटो का जो अधिकार है, वह ट्रंप के लिए एक अहम सियासी हथियार बन सकता है। लेकिन कांग्रेस के दोनों सदनों में दो तिहाई बहुमत मिल जाए, तो राष्ट्रपति के वीटो को भी बेअसर किया जा सकता है।

चुनाव से पहले डेमोक्रेट्स के हर बिल का विरोध करने की बात करने वाले ट्रंप ने नतीजों के बाद कुछ नरम रुख अपनाया। उन्होंने माना कि डेमोक्रेट्स ने चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया है और कहा कि देश के हित के लिए वे उनके साथ काम करने को तैयार हैं।

ट्रंप ने यह भी बताया कि विपक्षी पार्टी के कई नेताओं के फोन उन्हें आए हैं। फिर भी प्रशासन की नीतियों को लेकर दोनों पार्टियों के बीच मतभेद बने रहने की संभावना है। इसलिए अमेरिका के आने वाले सियासी माहौल में बिलों पर टकराव, सरकारी फैसलों की जांच और राष्ट्रपति के अधिकारों को लेकर बड़ी राजनीतिक रस्साकशी देखने को मिल सकती है।

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