कल्याण-डोंबिवली की लोकल को लेकर रविंद्र चव्हाण ने रेलवे अफसरों से की बैठक
भाजप महाराष्ट्र प्रदेशाध्यक्ष और विधायक रविंद्र चव्हाण ने मध्य रेलवे के डीआरएम हिरेश मीना से मुलाकात कर निळजे, डोंबिवली और दिवा से मुंबई के लिए लोकल की मांग रखी।
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मुंबई, 8 अक्टूबर 2026: कल्याण-डोंबिवली इलाके के रेलवे यात्रियों को रोज के सफर में कई दिक्कतों से जूझना पड़ता है। भीड़ के वक्त लोकल पकड़ते समय की भागदौड़, गाड़ियों की देरी और सुरक्षा के सवाल मुंबई जाने वालों के लिए रोज की परेशानी बन चुके हैं। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए भाजप महाराष्ट्र प्रदेशाध्यक्ष और विधायक रविंद्र चव्हाण ने पहल की है।
चव्हाण ने मुंबई के सीएसटी में मध्य रेलवे के मुख्यालय में विभागीय रेलवे प्रबंधक (डीआरएम) हिरेश मीना के साथ एक अहम बैठक की। यह बैठक इसलिए हुई कि 26 सितंबर को रेलवे यात्री संगठनों के प्रतिनिधि रविंद्र चव्हाण से मिले थे और उन्होंने अपनी समस्याएं और कई मांगें उनके सामने रखी थीं। उसी के बाद रेलवे प्रशासन के साथ यह बैठक रखी गई।
बैठक में सबसे बड़ी मांग यह रखी गई कि निळजे रेलवे स्टेशन से भीड़ के वक्त मुंबई की तरफ हर घंटे एक लोकल चलाई जाए। उम्मीद है कि इस सेवा से इलाके के यात्रियों को सफर के लिए ज्यादा विकल्प मिल सकेंगे। हालांकि इस सेवा को शुरू करने पर अभी अंतिम फैसला आना बाकी है।
इसके अलावा डोंबिवली और दिवा रेलवे स्टेशन से भी भीड़ के वक्त सीधे मुंबई की तरफ लोकल चलाने की मांग बैठक में उठाई गई। इन इलाकों से हर दिन बड़ी संख्या में यात्री मुंबई की ओर जाते हैं। इसलिए लोकल में होने वाली ठसाठस भीड़ कम करने के लिए अतिरिक्त या ज्यादा सुविधाजनक सेवाएं देने का मुद्दा अहम बन गया है।
यात्रियों को रोज जिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है, यानी लोकल गाड़ियों की देरी, यात्रियों की सुरक्षा और भीड़ का ठीक से इंतजाम, इन मुद्दों पर भी बैठक में चर्चा हुई। इन दिक्कतों का हल जल्द से जल्द निकालने के लिए रविंद्र चव्हाण ने मध्य रेलवे प्रशासन को जरूरी सूचनाएं दीं।
कल्याण-डोंबिवली और आसपास के इलाकों के रेलवे यात्रियों के लिए ये मांगें अहम हैं। खास तौर पर निळजे स्टेशन से नियमित लोकल सेवा मिलने और डोंबिवली-दिवा स्टेशन से सीधे मुंबई जाने वाली लोकल बढ़ने पर भीड़ के वक्त का सफर ज्यादा आसान होने की उम्मीद है।
इस बैठक में लोढा पलावा के कासा रियो और कासा रियो गोल्ड को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटीज फेडरेशन की ओर से सतीश सिंग मौजूद थे। अब इलाके के यात्रियों की नजर इस पर टिकी है कि रेलवे प्रशासन इन मांगों पर क्या फैसला लेता है और यात्रियों की परेशानियां दूर करने के लिए कौन से कदम उठाता है।