जियो प्लेटफॉर्म्स का 30,213 करोड़ रुपये का IPO खुला, एक लॉट के लिए 13,428 रुपये
रिलायंस समूह की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO 21 अक्टूबर 2026 से निवेश के लिए खुल गया है।
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रिलायंस समूह की डिजिटल और दूरसंचार कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) का बहुचर्चित IPO 21 अक्टूबर 2026 से निवेश के लिए खुल गया है। इस IPO के जरिए कंपनी 30,213 करोड़ रुपये जुटाएगी। रिटेल निवेशक, बड़ी रकम लगाने वाले HNI, संस्थागत निवेशक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारक, सबके लिए अलग-अलग श्रेणियों में अर्ज करने की सुविधा है।
खास बात यह है कि रिलायंस के पात्र शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये के शेयर रिजर्व रखे गए हैं। वहीं पात्र कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये के शेयर रिजर्व रखे गए हैं।
प्राइस बैंड प्रति शेयर 1,065 से 1,119 रुपये तय किया गया है। एक लॉट में 12 शेयर हैं। इसलिए ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से रिटेल निवेशकों को कम से कम 13,428 रुपये लगाने होंगे।
रिटेल श्रेणी में आम तौर पर 2 लाख रुपये तक का आवेदन हो सकता है। इस सीमा के हिसाब से ऊपरी प्राइस बैंड पर 14 लॉट के लिए अर्ज करने पर 1,87,992 रुपये लगेंगे। हालांकि अर्ज करने से पहले अपने ब्रोकर के प्लेटफॉर्म पर मौजूद विकल्प और IPO के आधिकारिक नियम जरूर देख लेने चाहिए।
जो निवेशक 2 लाख रुपये से ज्यादा की बोली लगाते हैं, वे नॉन-इंस्टिट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) श्रेणी में आते हैं। इस श्रेणी के दो हिस्से हैं, स्मॉल HNI और बिग HNI। स्मॉल HNI के लिए कम से कम 15 लॉट यानी Rs 2,01,420 और ज्यादा से ज्यादा 74 लॉट यानी Rs 9,93,672 लगेंगे। बिग HNI के लिए कम से कम 75 लॉट यानी Rs 10,07,100 चाहिए। ये सारी रकम 1,119 रुपये प्रति शेयर के ऊपरी प्राइस बैंड पर निकाली गई है।
बैंक, म्यूचुअल फंड और बीमा कंपनियों जैसे पात्र संस्थागत निवेशकों के लिए क्वालिफाइड इंस्टिट्यूशनल बायर्स (QIB) की अलग श्रेणी है। हर श्रेणी में अर्ज और शेयर अलॉटमेंट के नियम अलग हैं, इसलिए अर्ज करते वक्त सही विकल्प चुनना जरूरी है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के 2,500 करोड़ रुपये के कोटे में सिर्फ रिलायंस के शेयर होना काफी नहीं है। निवेशक को कंपनी की तय की हुई पात्रता शर्तें भी पूरी करनी होंगी। इस कोटे के लिए पात्रता की अहम तारीख 14 अक्टूबर 2026 थी। पात्र शेयरधारक नियम के मुताबिक शेयरधारक कोटे से अर्ज कर सकते हैं। पात्र होने पर वे आम रिटेल या NII श्रेणी से भी अलग अर्ज कर सकते हैं, लेकिन हर श्रेणी की सीमा और नियम लागू होंगे।
कर्मचारियों के लिए रखे 500 करोड़ रुपये के शेयरों में आधिकारिक शर्तों के मुताबिक पात्र कर्मचारी 5 लाख रुपये तक के शेयरों के लिए अर्ज कर सकते हैं। अलॉटमेंट पर लागू सीमा और छूट भी देख लेनी चाहिए।
IPO के लिए ASBA या UPI मैंडेट से अर्ज किया जा सकता है। इसमें अर्ज की रकम आम तौर पर बैंक खाते में ब्लॉक होती है और फौरन खर्च के लिए उपलब्ध नहीं रहती। शेयर अलॉट होने के बाद जरूरी रकम कटती है और बाकी रकम खुल जाती है। शेयर अलॉट न हों तो ब्लॉक की गई रकम नियम के मुताबिक अनब्लॉक कर दी जाती है।
जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO 21 से 23 अक्टूबर 2026 के बीच खुला है। अर्ज करने से पहले कंपनी के आधिकारिक कागजात, प्राइस बैंड, पात्रता, लॉट साइज और जोखिम की जानकारी जांच लें। IPO में अर्ज करने से शेयर मिलेंगे ही या लिस्टिंग के दिन मुनाफा होगा ही, इसकी कोई गारंटी नहीं होती। ग्रे मार्केट प्रीमियम सिर्फ एक अनौपचारिक संकेत है और वह आगे की लिस्टिंग कीमत की पक्की जानकारी नहीं देता। इसलिए सिर्फ चर्चा के भरोसे न रहें, अपनी आर्थिक क्षमता और निवेश के जोखिम को देखकर फैसला करें।
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