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02:27 IST

सितंबर 2026 में देश की बेरोजगारी दर घटकर 5 प्रतिशत, गांव में राहत, शहर में दर जस की तस

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक सितंबर में बेरोजगारी दर 0.2 प्रतिशत अंक घटकर 5 प्रतिशत पर आ गई।

सितंबर 2026 में देश की बेरोजगारी दर घटकर 5 प्रतिशत, गांव में राहत, शहर में दर जस की तस तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने गुरुवार को जो आंकड़े जारी किए, उनके मुताबिक देश की बेरोजगारी दर सितंबर 2026 में सालाना आधार पर 0.2 प्रतिशत अंक घटकर 5 प्रतिशत पर आ गई है। गांवों में बेरोजगारी कम हुई, लेकिन शहरों में दर 6.8 प्रतिशत पर टिकी रही। यानी तस्वीर कहीं राहत की है, तो कहीं वैसी की वैसी।

NSO के आंकड़ों के अनुसार ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी दर सितंबर में 0.4 प्रतिशत अंक घटकर 4.2 प्रतिशत हो गई। पिछले साल इसी अवधि में यह दर 4.6 प्रतिशत थी। दूसरी तरफ शहरी इलाकों की बेरोजगारी दर पिछले साल के मुकाबले बिना किसी बदलाव के 6.8 प्रतिशत पर कायम रही।

श्रमशक्ति सहभाग दर (LFPR) की बात करें, तो सितंबर में यह सालाना आधार पर 0.2 प्रतिशत अंक बढ़कर 55.5 प्रतिशत पर पहुंच गई। सितंबर 2025 में यह 55.3 प्रतिशत थी। ग्रामीण इलाकों में यह दर 57.4 प्रतिशत से बढ़कर 58 प्रतिशत हुई। वहीं शहरी इलाकों में यह 50.9 प्रतिशत से फिसलकर 50.7 प्रतिशत पर आ गई। हालांकि शहरी इलाकों की श्रमशक्ति सहभाग दर में मासिक आधार पर 0.3 प्रतिशत अंक का सुधार दिखा।

महिलाओं के श्रम सहभाग में उतार-चढ़ाव रहा। सितंबर 2026 में देश भर में महिलाओं की कुल श्रमशक्ति सहभाग दर 34.6 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि अगस्त में यह 34.8 प्रतिशत थी। लेकिन सालाना आधार पर इसमें 0.5 प्रतिशत अंक की बढ़त हुई है, क्योंकि सितंबर 2025 में यह दर 34.1 प्रतिशत थी।

ग्रामीण महिलाओं की श्रमशक्ति सहभाग दर 37.9 प्रतिशत से बढ़कर 38.9 प्रतिशत हो गई। शहरी महिलाओं के मामले में मासिक आधार पर 0.5 प्रतिशत अंक की बढ़त दर्ज हुई और यह दर 25.4 प्रतिशत से बढ़कर 25.9 प्रतिशत पर पहुंची। अक्टूबर 2025 के बाद इस दर का यह सबसे ऊंचा स्तर है।

श्रमिक जनसंख्या अनुपात (WPR) सितंबर में 52.7 प्रतिशत पर लगभग स्थिर रहा। सालाना आधार पर इसमें 0.3 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई, क्योंकि सितंबर 2025 में यह अनुपात 52.4 प्रतिशत था।

शहरी इलाकों में श्रमिक जनसंख्या अनुपात 47.2 प्रतिशत पर पहुंच गया, जो अक्टूबर 2025 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। शहरी पुरुषों में यह अनुपात 70.7 प्रतिशत से बढ़कर 71 प्रतिशत हुआ, जबकि महिलाओं में 23.2 प्रतिशत से बढ़कर 23.5 प्रतिशत हो गया।

NSO के आंकड़ों के मुताबिक सितंबर में बेरोजगारी दर की यह गिरावट मुख्य रूप से ग्रामीण इलाकों में दिखी। साथ ही महिलाओं के श्रम सहभाग और शहरी श्रमिक जनसंख्या अनुपात में भी कुछ सकारात्मक बदलाव दर्ज किए गए हैं।

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