शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026

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02:26 IST

भारत बना ह्युंदाई का दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बाजार, दक्षिण कोरिया पीछे छूटा

जनवरी से जून 2026 के बीच भारत में ह्युंदाई की बिक्री 7% बढ़कर करीब 306000 गाड़ियों तक पहुंची।

भारत बना ह्युंदाई का दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बाजार, दक्षिण कोरिया पीछे छूटा तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

ह्युंदाई मोटर कंपनी के लिए भारतीय मार्केट की अहमियत दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। भारतीय कार मार्केट में बढ़ती मांग और कंपनी की गाड़ियों की लोकप्रियता की वजह से भारत ने ह्युंदाई के ग्लोबल कारोबार में अहम जगह बना ली है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने दक्षिण कोरिया को पीछे छोड़कर ह्युंदाई के लिए दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मार्केट होने का दर्जा हासिल कर लिया है। भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए इस बदलाव को अहम माना जा रहा है।

आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी से जून 2026 के बीच भारत में ह्युंदाई की बिक्री 7% बढ़कर करीब 306000 गाड़ियों तक पहुंच गई। वहीं दक्षिण कोरिया में कंपनी की बिक्री 11% गिर गई। इसी वजह से भारत ने ह्युंदाई के ग्लोबल मार्केट में दूसरा स्थान ले लिया।

भारत में एसयूवी और प्रीमियम कारों की मांग बढ़ रही है और कस्टमर अपने बजट के हिसाब से अलग-अलग सेगमेंट की गाड़ियां पसंद कर रहे हैं। ह्युंदाई क्रेटा, वेन्यू, एक्सटर और ग्रैंड आई10 निओस जैसे मॉडल की बदौलत कंपनी अलग-अलग तरह के कस्टमर तक पहुंच पाई है। खास तौर पर एसयूवी सेगमेंट में मुकाबला बढ़ने के साथ ह्युंदाई अपने मॉडल में नए फीचर्स और टेक्नोलॉजी देने पर जोर दे रही है।

ह्युंदाई की मूल कंपनी दक्षिण कोरिया में है, फिर भी भारत का कार मार्केट उसके ग्लोबल कारोबार का बड़ा केंद्र बन गया है। भारत में बढ़ती गाड़ियों की बिक्री, अलग-अलग कीमतों में मिलने वाले मॉडल और नई कार खरीदने की तरफ बढ़ता रुझान इसकी वजह बताए जा रहे हैं। हालांकि इस रैंकिंग का आधार बिक्री की मात्रा है, राजस्व है या कोई और पैमाना, यह संबंधित आंकड़ों के संदर्भ में समझना जरूरी है।

उधर कंपनी महाराष्ट्र के तलेगांव में अपने नए प्रोडक्शन प्लांट के जरिए भारत में अपनी मौजूदगी और मजबूत करने की तैयारी में है। इस प्लांट का उद्घाटन 14 अक्टूबर 2026 को हुआ। कंपनी ने यहां करीब 11,000 करोड़ रुपये के निवेश की योजना घोषित की है, जिसका मकसद प्रोडक्शन बढ़ाना और एक्सपोर्ट कारोबार को रफ्तार देना है। इस प्लांट से देश की मांग पूरी करने के साथ-साथ इंटरनेशनल मार्केट के लिए भी गाड़ियां बनाई जा सकती हैं। कंपनी की योजना पुणे के प्लांट की सालाना कैपेसिटी 320000 गाड़ियों तक बढ़ाने की है। सवाल-जवाब के हिस्से में यह भी बताया गया है कि कंपनी यह कैपेसिटी मौजूदा 170000 गाड़ियों से 320000 गाड़ियों तक ले जाने के लिए निवेश कर रही है।

आगे भारतीय कार मार्केट में ह्युंदाई का मुकाबला मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स, महिंद्रा और किया जैसी कंपनियों से है। ऐसे में नए मॉडल, सही कीमत और ग्राहकों की जरूरत के हिसाब से फीचर्स देना कंपनी के लिए अहम रहेगा। आने वाले वक्त में भारत कंपनी के प्रोडक्शन, बिक्री और एक्सपोर्ट बिजनेस का और बड़ा केंद्र बन सकता है।

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