परमाउंट सिंटेक्स के SME IPO पर निवेशकों की बोली की बौछार, संस्थागत हिस्सा 119.29 गुना भरा
कपड़ा क्षेत्र की कंपनी परमाउंट सिंटेक्स लिमिटेड के Rs 81.79 करोड़ के SME IPO को निवेशकों से जोरदार रिस्पॉन्स मिल रहा है। यह IPO 30 सितंबर 2026 को खुला था और दूसरे ही दिन पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। 1 अक्टूबर को सुबह 10.29 बजे तक इश्यू को कुल 1.32 गुना बोली मिल चुकी थी।
सबसे ज्यादा चर्चा संस्थागत निवेशकों की मांग की है। कंपनी ने बताया कि एंकर निवेशकों का हिस्सा छोड़कर योग्य संस्थागत निवेशकों के लिए रखे गए शेयरों के मुकाबले 119.29 गुना बोली आई। इस श्रेणी के लिए करीब 66 हजार शेयर उपलब्ध थे, जबकि 78.73 लाख शेयरों के लिए बोली मिली। कंपनी ने प्रेस रिलीज में कहा है कि इन बोलियों की कीमत लगभग Rs 100 करोड़ बैठती है। कुल नेट इश्यू में करीब 61.17 लाख शेयर हैं और उनके मुकाबले 80.56 लाख शेयरों के लिए बोली दर्ज हुई।
कंपनी ने IPO के लिए प्राइस बैंड Rs 119 से Rs 127 प्रति शेयर तय किया है। इसके जरिए कंपनी 64.40 लाख नए इक्विटी शेयर जारी करेगी और करीब Rs 81.79 करोड़ जुटाएगी। इस IPO में कोई Offer for Sale नहीं है, इसलिए जुटाई गई पूरी रकम कंपनी के कारोबार को बढ़ाने में लगेगी। IPO 6 अक्टूबर 2026 को बंद होगा और शेयरों की प्रस्तावित लिस्टिंग BSE SME प्लेटफॉर्म पर होगी।
एक लॉट में 2,000 शेयर हैं। इस हिसाब से Rs 119 प्रति शेयर के निचले भाव पर एक लॉट के लिए कम से कम Rs 2.38 लाख लगाने होंगे। Rs 127 प्रति शेयर के ऊपरी भाव पर यह न्यूनतम निवेश Rs 2.54 लाख होता है। इस इश्यू के बुक रनिंग लीड मैनेजर सौभाग्य कैपिटल ऑप्शन लिमिटेड हैं और रजिस्ट्रार बिगशेयर सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड है।
कंपनी के मुताबिक अनधिकृत ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) अभी करीब Rs 52 प्रति शेयर बताया गया है। लेकिन GMP कोई आधिकारिक या नियंत्रित बाजार का संकेतक नहीं होता, इसलिए लिस्टिंग से पहले इसमें बदलाव हो सकता है।
IPO से जुटाई जाने वाली रकम में से करीब Rs 61.68 करोड़ मशीनरी खरीदने पर खर्च करने की कंपनी की योजना है। मौजूदा उत्पादन केंद्रों में नई मशीनें लगाकर कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता मजबूत करना चाहती है।
आर्थिक वर्ष 2026 में कंपनी के नतीजे भी बेहतर रहे। रेवेन्यू Rs 112.42 करोड़ से बढ़कर Rs 122.03 करोड़ हो गया। निव्वल मुनाफा Rs 6.73 करोड़ से Rs 13.87 करोड़ पर पहुंचा। इसी दौरान EBITDA Rs 13.17 करोड़ से बढ़कर Rs 23.59 करोड़ हो गया।
परमाउंट सिंटेक्स की स्थापना 1996 में हुई थी। कंपनी एक्रेलिक, पॉलिस्टर, ऊन, नायलॉन और अलग-अलग ब्लेंडेड यार्न बनाती है। उसकी उत्पादन सुविधा लुधियाना में है। कंपनी रीसाइकल्ड एक्रेलिक फाइबर बनाकर कारोबार बढ़ाने पर जोर दे रही है। कंपनी का कहना है कि सिंथेटिक और ब्लेंडेड यार्न के बाजार में विस्तार के मौके हैं। IPO की रकम उत्पादन क्षमता बढ़ाने और ग्राहकों का दायरा फैलाने में लगेगी। IPO 6 अक्टूबर को बंद होना है, इसलिए अगले कुछ दिन निवेशकों की बोली पर नजर रहेगी।