अँपिअर की 'Built for Bharat' मुहिम: रोज़ के सफर से फैमिली तक, तीन इलेक्ट्रिक स्कूटर
अँपिअर ने 'Built for Bharat' संकल्पना के तहत अलग-अलग ज़रूरतों के लिए तीन इलेक्ट्रिक स्कूटर पर ज़ोर दिया है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
भारत के हर शहर, गाँव और इलाके में सफर की ज़रूरत अलग होती है। किसी को ऑफिस जाने के लिए स्कूटर चाहिए, तो किसी को शहर में तेज़ी से घूमने के लिए नए फीचर्स चाहिए, और किसी परिवार को रोज़ के इस्तेमाल के लिए ज़्यादा स्टोरेज की ज़रूरत होती है। इसी फर्क को ध्यान में रखकर अँपिअर ने 'Built for Bharat' संकल्पना रखी है। कंपनी की 'भारत अनेक' मुहिम के ज़रिए भारतीय कस्टमर्स की अलग-अलग जीवनशैली के हिसाब से इलेक्ट्रिक स्कूटर चुनने पर ज़ोर दिया जा रहा है।
पहली स्कूटर है अँपिअर मॅग्नस निओ, जो ऑफिस, कॉलेज, पास के मार्केट या घर के कामों के लिए स्कूटर इस्तेमाल करने वालों के लिए एक ऑप्शन है। इसमें 3.5-इंच LCD डिस्प्ले, रिव्हर्स असिस्ट, रायडिंग मोड्स और LED हेडलाइट-टेललाइट मिलती है। कंपनी के दावे के मुताबिक यह एक चार्ज में 125 km तक की रेंज देती है और इसकी टॉप स्पीड 65 km/h है। 0 से 80% चार्जिंग में करीब 5 घंटे लगते हैं। इस मॉडल को 18 मार्च 2025 को 'Best Affordable EV of the Year' पुरस्कार मिला था।
दूसरी स्कूटर अँपिअर नेक्सस है, जिसे शहर में नियमित सफर करने वाले और टेक्नोलॉजी को अहमियत देने वाले रायडर्स के लिए बताया गया है। इसमें 6.2-इंच डिस्प्ले, नेव्हिगेशन, जिओफेन्सिंग, अँटी-थेफ्ट अलार्म और कॉल-SMS अलर्ट्स हैं। कंपनी के मुताबिक इसकी रेंज 136 km है और टॉप स्पीड 93 km/h। 0 से 80% चार्जिंग के लिए 3 घंटे 10 मिनट लगते हैं। इसे 2025 में 'Electric Scooter of the Year' पुरस्कार मिला था।
तीसरी स्कूटर अँपिअर मॅग्नस जी मॅक्स है, जो परिवार के इस्तेमाल को ध्यान में रखकर बताई गई है। घर में कई लोग स्कूटर चलाते हों तो स्टोरेज और रेंज अहम हो जाती है। इसमें 3 kWh बैटरी, 33 लीटर अंडरसीट स्टोरेज, 5-इंच PMVA डिस्प्ले, नेव्हिगेशन और USB चार्जिंग पोर्ट मिलता है। कंपनी का दावा है कि यह एक चार्ज में 142 km तक चल सकती है और इसकी टॉप स्पीड 65 km/h है। 0 से 80% चार्जिंग में करीब 5 घंटे 45 मिनट लगते हैं। 15 मई 2026 को इस मॉडल को 'Family Scooter of the Year' पुरस्कार मिला था।
तो 'Built for Bharat' से क्या समझ आता है? यही कि हर कस्टमर की ज़रूरत अलग होती है। रोज़ के सफर के लिए मॅग्नस निओ, ज़्यादा स्पीड और कनेक्टेड फीचर्स के लिए नेक्सस, और स्टोरेज व फैमिली इस्तेमाल के लिए मॅग्नस जी मॅक्स पर विचार किया जा सकता है। स्कूटर चुनते वक्त सिर्फ कंपनी की बताई रेंज पर भरोसा न करें। रोज़ का अंतर, चार्जिंग की सुविधा, कीमत और सर्विस नेटवर्क भी देखना ज़रूरी है। असल रेंज सड़क की हालत, स्पीड, वज़न और चलाने के तरीके के हिसाब से बदल सकती है।