जियो आईपीओ पर वेल्थ मैनेजर अंकित यादव की कवरेज को देश में सबसे ज्यादा पहुंच मिली
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जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ के दौरान वेल्थ मैनेजर अंकित यादव की कवरेज इंस्टाग्राम और X पर भारी पहुंच के साथ चर्चा में रही।
नई दिल्ली: जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ के दौरान वेल्थ मैनेजर अंकित यादव देश की नंबर 1 डिजिटल फाइनेंशियल आवाज बनकर उभरे हैं। बताया गया है कि आईपीओ से जुड़ी पहुंच के मामले में वे बड़े फाइनेंशियल न्यूज चैनलों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से भी आगे निकल गए।
उनकी जियो आईपीओ कवरेज को इंस्टाग्राम पर 1 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिले। वहीं X (पहले ट्विटर) पर सिर्फ एक हफ्ते में 5 मिलियन से ज्यादा रीच दर्ज हुई। इन आंकड़ों की वजह से यादव फाइनेंशियल मीडिया की चर्चा के केंद्र में आ गए। इतनी ऊंची डिजिटल व्यूअरशिप को अक्सर TRP भी कहा जाता है।
जब बिजनेस टीवी नेटवर्क और फाइनेंशियल पोर्टल निवेशकों का ध्यान खींचने की होड़ में थे, उस वक्त यादव की स्वतंत्र फाइनेंशियल कमेंट्री डिजिटल दुनिया में बड़ा आकर्षण बनी। वे आईपीओ वैल्यूएशन, शेयरधारकों के कोटा, लिस्टिंग की रणनीति और इंट्रिन्सिक वैल्यू की गणना समझाते रहे, जिसमें निवेशकों ने काफी दिलचस्पी दिखाई।
आईपीओ के अलावा सोना, चांदी, रेलवे स्टॉक और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को लेकर उनके अनुमानों से भी बाजार के सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले जानकारों में उनकी पहचान मजबूत हुई है।
2022 में, जब दुनिया भर में ब्याज दरें बढ़ रही थीं और महंगाई व आर्थिक अनिश्चितता का माहौल था, यादव ने अनुमान लगाया था कि अगले दो साल में सोने के दाम दोगुने हो सकते हैं। उनके विश्लेषण में ग्लोबल लिक्विडिटी, करेंसी की चाल, मौद्रिक हालात और स्टोर ऑफ वैल्यू के तौर पर सोने की अहमियत पर जोर था।
उसी दौर में उन्होंने चांदी में भी बड़ी तेजी का अंदाजा दिया था। उनके मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक्स, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, रिन्यूएबल एनर्जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी तकनीकों में बढ़ती औद्योगिक मांग आगे की बढ़त की बड़ी वजह बनने वाली थी। बताया गया है कि उन्होंने खुद भी चांदी में काफी निवेश किया था और तेजी के दौरान उनके निजी निवेश की वैल्यू करीब चार से आठ गुना हो गई।
2025 के आखिर में यादव का रुख बदला। पहले की तेजी वाली राय छोड़कर उन्होंने कीमती धातुओं पर सतर्क रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि सोने और चांदी में अगले तीन से पांच साल तक कोई बड़ी तेजी नहीं दिखेगी। उनके अनुमान के मुताबिक दोनों धातुएं अपनी बुनियादी वैल्यू बचाए रख सकती हैं, लेकिन पूंजी में बढ़ोतरी सीमित रह सकती है। उन्होंने बहुत ऊंचे दाम पर सोना-चांदी खरीदने वाले निवेशकों के जोखिम की ओर भी इशारा किया था।
2026 में कीमती धातुओं में कमजोरी की खबरों के बाद उनका यह अनुमान फिर चर्चा में आया। उनके विश्लेषण के संदर्भ में जो बाजार आंकड़े बताए गए, उनके मुताबिक सोने में एक साल में करीब 5% की गिरावट आई और चांदी में 30% से ज्यादा का करेक्शन हुआ।
अंकित यादव भारतीय वेल्थ मैनेजर, अर्थशास्त्री और निवेश विश्लेषक हैं। वे SEBI में रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट इकाई Market Maestroo Private Limited के फाउंडर और डायरेक्टर हैं। उन्हें 15 साल से ज्यादा का फाइनेंशियल मार्केट का अनुभव है और सोशल मीडिया पर पांच मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। उनकी बातें भारत, दुबई, अमेरिका और दूसरे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचती हैं।
रेलवे स्टॉक और चुनिंदा PSU कंपनियों पर उनकी पहले की तेजी वाली राय के बाद बड़ी रैलियां आईं, और कई रेलवे से जुड़े शेयर चार से पांच गुना हो गए। इंस्टाग्राम रील्स, यूट्यूब और X के जरिए जटिल वित्तीय विषयों को आसान बनाने की उनकी शैली ने उन्हें लाखों निवेशकों से जोड़ा है।
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