झी मराठी अवॉर्ड्स 2026 में इला भाटे को जीवनगौरव पुरस्कार, मां को याद कर भावुक हुईं
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
मराठी की ज्येष्ठ अभिनेत्री इला भाटे को झी मराठी अवॉर्ड्स 2026 में जीवनगौरव पुरस्कार दिया गया।
मराठी मनोरंजन जगत की ज्येष्ठ अभिनेत्री इला भाटे को झी मराठी अवॉर्ड्स 2026 में प्रतिष्ठित जीवनगौरव पुरस्कार से नवाजा गया। कई दशकों के अभिनय सफर, सहज और सुंदर अभिनय, असरदार आवाज और यादगार किरदारों के जरिए उन्होंने दर्शकों के दिल में खास जगह बनाई है। पुरस्कार लेते वक्त वे अपने अब तक के सफर को याद कर भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि इस खुशी के पल को देखने के लिए उनकी मां को होना चाहिए था।
इला भाटे ने अपने अभिनय से कई पीढ़ियों से रिश्ता जोड़ा। 'असंभव' की वसुधा शास्त्री, 'का रे दुरावा' की आऊ और 'राधा ही बावरी' की डॉ. सई प्रधान जैसे अलग-अलग किरदारों से उन्होंने दर्शकों का दिल जीता। 'एका लग्नाची दुसरी गोष्ट' में 'घना' के लिए लगाई गई उनकी पुकार भी दर्शकों को याद रह गई। कई लोगों को उनके किरदारों में मां, दादी या घर का कोई अपना दिखाई दिया। इसी वजह से उनके अभिनय और इंसानियत की छाप दर्शकों के मन पर बनी हुई है।
अभिनय में आने से पहले इला भाटे ने शिक्षा के क्षेत्र में करियर बनाने की सोची थी। लेकिन रंगभूमि ने उन्हें अपनी तरफ खींच लिया। शुरुआती दिनों में उनकी आवाज पर आलोचना भी हुई। मगर डॉ. अशोक रानडे की सीख उन्होंने याद रखी कि 'शब्दों से खेलो, उनसे प्यार करो। शब्द अभिनय का गर्भरूप है।' इसी आवाज को उन्होंने अपनी पहचान बना लिया और अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया।
जीवनगौरव पुरस्कार लेते वक्त की भावनाओं पर इला भाटे ने कहा, "जब मैंने स्टेज पर यह जीवनगौरव पुरस्कार लिया और अपने अब तक के सफर का वीडियो देख रही थी, तब मन खुशी, संतोष और कृतज्ञता से भर गया था। इतने साल हमने काम किया, इस बात का मुझे खुद ही आश्चर्य हो रहा था। मेरे गुरु ने हमेशा कहा था कि लगातार काम करते रहो। उस पल उनके शब्द याद आए। मेरे इस सफर में जिन-जिन ने मेरा साथ दिया, उन सबकी याद आई और मैंने मन ही मन उन्हें नमस्कार किया।"
आगे वे बोलीं, "इन सारी भावनाओं में सबसे ज्यादा याद मुझे अपनी मां की आई। इस पल को देखने के लिए आज मेरी मां होनी चाहिए थी, ऐसा दिल से लगा। जीवनगौरव पुरस्कार अब तक किए काम की मान्यता, दर्शकों की पसंद और उनकी शाबाशी है। लेकिन साथ ही यह आगे भी ऐसा ही अच्छा काम करते रहने की उम्मीद और उसके लिए मिलने वाली नई ऊर्जा भी है।"
इला भाटे फिलहाल झी मराठी के सीरियल 'कमळी' में दादी की अहम भूमिका निभा रही हैं। इस भूमिका को दर्शकों से मिल रहे रिस्पॉन्स पर भी उन्होंने संतोष जताया। उन्होंने कहा कि बीते हुए काम के साथ यह भी जरूरी है कि हम आज क्या कर रहे हैं और आगे क्या कर सकते हैं।
इसी समारोह में 'सनई चौघडे' सीरियल में शर्वरी का किरदार निभाने वाली चिन्मयी साळवी ने पहली बार सर्वोत्कृष्ट अभिनेत्री का पुरस्कार जीता। उन्होंने कहा, "एक बड़े मंच पर हमारे काम की दखल ली जा रही है, इसकी खुशी थी। साथ ही मन में उत्सुकता और थोड़ी घबराहट भी थी। 'सनई चौघडे' और मेरी भूमिका को दर्शकों का जो प्यार मिल रहा है, उससे यह अनुभव और खास हो गया।"
चिन्मयी को बचपन से पुरस्कार समारोह देखते हुए लगता था कि एक दिन वे भी ऐसे मंच पर डांस करें। इस बार झी मराठी की वजह से उनका यह सपना पूरा हुआ। उन्होंने बताया कि सर्वोत्कृष्ट अभिनेत्री की ट्रॉफी हाथ में आते ही अब तक का सफर आंखों के सामने आ गया। ट्रॉफी घर ले जाने पर परिवार के स्वागत को याद करते हुए वे बोलीं, "मैं ट्रॉफी लेकर घर गई, तो मेरे चाचा, पापा, चाची, मम्मी, भांजी, भैया और भाभी सबने बहुत अच्छा स्वागत किया। सब नाच रहे थे। ट्रॉफी सिर पर रखकर भी नाच रहे थे! यह देखकर मुझे बहुत खुशी हुई। सच कहूं तो पुरस्कार मिलने की खुशी थी ही, पर घरवालों की खुशी देखकर मुझे उससे भी ज्यादा खुशी हुई।" यह पुरस्कार उन्होंने अपने परिवार, 'सनई चौघडे' की पूरी टीम और अपने चाहने वाले दर्शकों को समर्पित किया।
'सनई चौघडे' में जय की भूमिका निभाने वाले राज हंचनाळे ने भी समारोह का अनुभव साझा किया। सीरियल को सर्वोत्कृष्ट मालिका का पुरस्कार मिलने पर वे बोले, "झी मराठी अवॉर्ड्स का अनुभव मेरे लिए बहुत सुंदर था। इस समारोह से कई पुरानी यादें ताजा हो गईं। झी मराठी के साथ मेरा रिश्ता बहुत पुराना है। 2016 से अब तक की यादें और पूरा सफर मेरी आंखों के सामने आ गया। ऐसे बड़े समारोह का हिस्सा बनना मेरे लिए गर्व और खुशी की बात है।"
आगे उन्होंने कहा, "मुंबई में 10 बाय 10 के कमरे में रहकर जो सपना देखा था, वह आज पूरा होता लगा। मराठी मनोरंजन जगत के इतने दिग्गज कलाकारों के सामने परफॉर्म करना बहुत उत्साह भरा अनुभव था। मेरे लिए सबसे खास पल 'सनई चौघडे' को मिला सर्वोत्कृष्ट मालिका का पुरस्कार था। इतने दिनों से पूरी टीम जो मेहनत कर रही थी, उसका फल मिल गया, ऐसा लगा।"
इला भाटे का लंबा अभिनय सफर, चिन्मयी साळवी का पहला सर्वोत्कृष्ट अभिनेत्री पुरस्कार और 'सनई चौघडे' की टीम को सर्वोत्कृष्ट मालिका का सम्मान, इन कई खास पलों से झी मराठी अवॉर्ड्स 2026 का समारोह कलाकारों और दर्शकों, दोनों के लिए यादगार रहा।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।