1 और 2 नवंबर को पुष्य नक्षत्र, दिवाली से पहले खरीदारी के लिए लगातार दो दिन का दुर्लभ संयोग
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ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक दिवाली से पहले 1 और 2 नवंबर को पुष्य नक्षत्र के साथ कई शुभ योग बन रहे हैं। सोना-चांदी, वाहन, जमीन और नए कारोबार के लिए ये दिन शुभ माने जाते हैं।
दिवाली से पहले खरीदारी और निवेश करने वालों के लिए इस बार एक खास मौका बन रहा है। ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक पुष्य नक्षत्र का शुभ योग 1 और 2 नवंबर को लगातार दो दिन रहेगा। कहा जा रहा है कि इन दो दिनों में आठ शुभ योगों का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो करीब 128 साल बाद आता है।
धार्मिक मान्यता है कि इस शुभ समय में सोना-चांदी खरीदना, नया कारोबार शुरू करना और प्रॉपर्टी में पैसा लगाना बहुत फायदेमंद होता है। इसी वजह से दिवाली से पहले लोगों को धनतेरस जैसी शुभ खरीदारी का एक और मौका मिलेगा।
ज्योतिषशास्त्र में 27 नक्षत्र गिने जाते हैं और उनमें पुष्य नक्षत्र को सबसे शुभ माना गया है। इसे नक्षत्रों का राजा भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस नक्षत्र में की गई खरीदारी से लंबे समय तक सुख और समृद्धि बनी रहती है। इसीलिए पुष्य नक्षत्र में सोना, चांदी, घर, जमीन और वाहन खरीदने और नया कारोबार शुरू करने को शुभ समझा जाता है।
इस बार रविवार को रवि पुष्य योग बन रहा है और सोमवार को पुष्य नक्षत्र रहेगा। इनके साथ कई और शुभ योग भी बन रहे हैं।
पहले दिन की बात करें तो पुष्य नक्षत्र रविवार, 1 नवंबर को सुबह 10:16 बजे शुरू हुआ है और अगले दिन, 2 नवंबर को सुबह 8:50 बजे तक रहेगा। नक्षत्र रविवार को लगने से रवि पुष्य योग बनेगा। ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक यह योग खरीदारी, निवेश और नया कारोबार शुरू करने के लिए बहुत शुभ माना जाता है।
रवि पुष्य योग के साथ उसी दिन शंख, लक्ष्मी, शशा, हर्ष, सरल, साधी, मित्र और गजकेसरी योग भी बनेंगे। इसके अलावा मंगल और चंद्रमा की युति से उस दिन का ज्योतिषीय महत्व और बढ़ जाएगा। इन शुभ युतियों के दौरान सोने-चांदी के गहने, वाहन, जमीन और घर खरीदना शुभ माना जाता है। जो लोग नया कारोबार या नया उपक्रम शुरू करने की सोच रहे हैं, उनके लिए भी यह दिन खास हो सकता है।
दूसरे दिन, यानी सोमवार 2 नवंबर को भी पुष्य नक्षत्र सुबह 8:50 बजे तक रहेगा। इस दिन भी कई शुभ योग एक साथ आ रहे हैं। पुष्य नक्षत्र के साथ सर्वार्थसिद्धि, शुभ, श्रीवत्स, अमल, वाशी और सरल जैसे योग बनेंगे। अमृतसिद्धि और सर्वार्थसिद्धि योग भी इस दिन को खास बनाएंगे।
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार इन योगों में शुरू किए गए शुभ काम के सफल होने की संभावना बढ़ती है। इसलिए सोना-चांदी खरीदने, नया निवेश करने और कारोबार के अहम फैसले लेने के लिए यह दिन अच्छा मौका माना जा रहा है। कारोबारियों के लिए नए खाते शुरू करने और अपने काम के विस्तार की योजना बनाने के लिए भी यह खास तौर पर अच्छा समय हो सकता है।
पुष्य नक्षत्र में सोना खरीदने की परंपरा बहुत पुरानी है, लेकिन इस नक्षत्र का महत्व सिर्फ गहनों तक सीमित नहीं है। ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक इन दो दिनों में और भी कई चीजें खरीदना शुभ माना जाता है।
सोना और चांदी: श्रद्धा है कि इस नक्षत्र में सोने-चांदी के गहने खरीदने से सुख और समृद्धि मिलती है।
जमीन और घर: जमीन, इमारत या फ्लैट बुक करने के लिए भी ये दोनों दिन शुभ माने जाते हैं।
वाहन: नई कार या दूसरा वाहन लेने का विचार हो, तो इस दौरान खरीद सकते हैं।
दुकान और मशीनरी: नई दुकान, मशीनरी या कारोबार से जुड़ा सामान खरीदना कारोबार बढ़ाने के लिए शुभ समझा जाता है।
खाते: कारोबारी इस शुभ मौके पर नए खाते शुरू कर सकते हैं।
पूजा का सामान: चांदी, तांबा और स्फटिक से बना पूजा का सामान खरीदना भी शुभ माना जाता है।
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