शिवाजी पार्क जिमखाना में सजी 'जब दीप जले आना' दिवाली संध्या, राज ठाकरे के हाथों अशोक पत्की का सम्मान
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दादर में शिवाजी पार्क जिमखाना की दिवाली संध्या में हिंदी और मराठी के सदाबहार गीत गूंजे। वरिष्ठ संगीतकार अशोक पत्की का राज ठाकरे के हाथों सम्मान हुआ।
शिवाजी पार्क जिमखाना (SPG) की ओर से 'जब दीप जले आना' नाम से दिवाली संध्या का आयोजन किया गया। यह एक खास संगीत महफिल थी, जिसमें संगीत प्रेमियों को हिंदी और मराठी के सदाबहार गीतों की सुरीली सौगात सुनने को मिली। शनिवार, 31 अक्टूबर को दादर में शिवाजी पार्क जिमखाना के परिसर में यह कार्यक्रम हुआ।
महफिल पूरे तीन घंटे चली और संगीत के शौकीनों ने इसे खूब पसंद किया। तीन घंटे तक चले इस कार्यक्रम को श्रोताओं की तरफ से जोरदार रिस्पॉन्स मिला और उनका साथ दिल से मिला।
मंच पर नचिकेत देसाई, माधुरी करमरकर और केतकी भावे-जोशी जैसे जाने-माने गायक थे। इन तीनों ने लोकप्रिय हिंदी और मराठी गाने पेश किए, यानी दोनों भाषाओं के गीत मंच से सुनाई दिए। उनकी गायकी ने वहां मौजूद श्रोताओं को बांधे रखा। पुराने गानों की यादें ताजा करने वाले इस सुरीले सफर का लोगों ने जी भरकर मजा लिया। कार्यक्रम का संचालन मयुरेश साने ने किया।
आयोजन की तैयारी, इंतजाम और पूरे इवेंट की व्यवस्था की वहां मौजूद लोगों ने खास तौर पर तारीफ की और इसके लिए आयोजकों को सराहा।
इस शाम का सबसे खास आकर्षण वरिष्ठ संगीतकार और म्यूजिक डायरेक्टर अशोक पत्की का सम्मान रहा। पत्की शिवाजी पार्क जिमखाना के सदस्य हैं। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे के हाथों उनका सम्मान किया गया।
अशोक पत्की को यह सम्मान मराठी फिल्म जगत, नाट्य जगत, टेलीविजन और विज्ञापन के क्षेत्र में संगीत के लिए उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए दिया गया।
कार्यक्रम में अलग-अलग क्षेत्रों की कई जानी-मानी हस्तियां पहुंची थीं। इनमें राज ठाकरे, पूर्व क्रिकेटर प्रवीण आमरे और लोकमत के संपादक अतुल कुलकर्णी के साथ शिवाजी पार्क जिमखाना के कई सदस्य शामिल थे।
शिवाजी पार्क जिमखाना की तरफ से हर साल दिवाली से पहले और दिवाली के दौरान अलग-अलग कार्यक्रम किए जाते हैं। जिमखाना के सदस्यों में भी कई मान्यवर लोग शामिल हैं।
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