टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी: हमले से हफ्ता भर पहले मैदान पहुंचे थे आरोपी, पुलिस को शक
पुलिस जांच के मुताबिक आरोपियों ने हमले से एक हफ्ते पहले जुहू के फुटबॉल मैदान पर जाकर टाइगर श्रॉफ की हलचल पर नज़र रखनी शुरू कर दी थी।
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बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ पर हुई गोलीबारी के बाद फिल्म इंडस्ट्री में हड़कंप है। मामले की जांच में अब नई-नई बातें सामने आ रही हैं। पुलिस की जांच के मुताबिक आरोपियों ने हमले से करीब हफ्ता भर पहले ही टाइगर श्रॉफ की हलचल पर नज़र रखना शुरू कर दिया था।
पुलिस का कहना है कि 11 अक्टूबर को आरोपी जुहू के पुष्पा नरसी पार्क में बने फुटबॉल मैदान पर गए थे। पुलिस को शक है कि उस दिन टाइगर मैदान पर नहीं आए, इसलिए आरोपी लौट गए। इसके बाद 18 अक्टूबर को इसी इलाके में गोलीबारी की घटना हुई।
जांच में सामने आया है कि रेहान, फूल सिंह और हृतिक, ये तीनों आरोपी 11 अक्टूबर को उस मैदान पर पहुंचे थे। पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या उस दिन भी उन्होंने टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। टाइगर के न आने से आरोपी बिना कोई वारदात किए लौट गए, ऐसा शक जताया जा रहा है।
18 अक्टूबर को आरोपी फिर इसी मैदान के पास दिखे। बताया गया है कि शाम करीब 4.30 बजे सीसीटीवी फुटेज में वे पुष्पा नरसी पार्क के गेट के पास मंडराते दिख रहे हैं। वे बार-बार गेट के पास घूम रहे थे और मैदान के अंदर झांक रहे थे। क्या वे यह पक्का कर रहे थे कि टाइगर मैदान में हैं या नहीं, इसकी जांच चल रही है।
पुलिस ने यह संभावना भी जताई है कि इस मामले में कुछ और लोग शामिल हो सकते हैं। जांच हो रही है कि क्या आरोपियों के अलावा दूसरे लोग भी टाइगर की हलचल पर नज़र रखे हुए थे और उनकी मौजूदगी की खबर हमलावरों तक पहुंचा रहे थे। इसके लिए पुलिस सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाल रही है। आरोपियों ने हमले की योजना कब बनाई, इसके पीछे क्या मकसद था और इसमें और किसका हाथ था, यह पता करने की कोशिश जारी है।
एफआईआर में दर्ज जानकारी के मुताबिक 18 अक्टूबर को शाम करीब 7 बजे टाइगर श्रॉफ फुटबॉल मैदान से बीएमडब्ल्यू कार में लौट रहे थे। कार उनका ड्राइवर फिरदौस इब्राहिम बलोच चला रहा था। बताया गया है कि वह पिछले 28 साल से टाइगर के परिवार के साथ काम कर रहा है।
एफआईआर में लिखा है कि मैदान से निकलकर कार जैसे ही बाईं ओर मुड़ रही थी, दो हमलावरों ने सामने से और बाईं तरफ से गोलियां चलाईं। एक आरोपी ने सफेद रंग की फूलों वाली शर्ट और काली पैंट पहनी थी, जबकि दूसरे ने हल्के नीले रंग की पूरी बांह की शर्ट और काली पैंट पहन रखी थी। तीसरा आरोपी चॉकलेटी रंग की टी-शर्ट और ग्रे पैंट में मोटरसाइकिल के साथ खड़ा था। आरोप है कि गोलीबारी के बाद उसने दोनों हमलावरों को भागने में मदद की।
एफआईआर के मुताबिक गोलीबारी में ड्राइवर फिरदौस बलोच की बाईं कलाई में गोली लगी और दाहिने हाथ की अनामिका उंगली में भी चोट आई। शिकायत में टाइगर श्रॉफ की छाती और दाहिने हाथ पर चोट लगने का भी ज़िक्र है।
बताया जाता है कि गोलीबारी के बाद ड्राइवर कार का दरवाज़ा खोलकर बाहर निकला। फिर टाइगर खुद ड्राइवर की सीट पर बैठे और घायल ड्राइवर को लेकर सांताक्रूज़ पुलिस स्टेशन पहुंचे। इसके बाद पुलिस दोनों को इलाज के लिए सांताक्रूज़ पश्चिम के नानावटी अस्पताल ले गई।
उस वक्त मैदान पर टीम के एक सदस्य का जन्मदिन मनाया जा रहा था और कुछ देर पहले ही पटाखे फोड़े गए थे। इसलिए गोलियों की आवाज़ सुनकर शुरू में कुछ लोगों को लगा कि पटाखे फूट रहे हैं। लेकिन जैसे ही टाइगर श्रॉफ और उनके ड्राइवर के घायल होने की खबर फैली, मैदान के बाहर अफरा-तफरी मच गई।
जांच में यह बात भी अहम मानी जा रही है कि टाइगर आम तौर पर रविवार शाम 5 से 7 बजे के बीच पुष्पा नरसी फुटबॉल मैदान पर खेलने आते हैं। वे कम ही कभी मैच छोड़ते हैं। पुलिस देख रही है कि क्या आरोपियों ने उनके इस रोज़ के शेड्यूल का अध्ययन किया था।
पुलिस को शक है कि टाइगर श्रॉफ और उनके ड्राइवर को जान से मारने के इरादे से गोलियां चलाई गई होंगी। 11 अक्टूबर को आरोपियों की कथित रेकी और 18 अक्टूबर की गोलीबारी के बीच कोई संबंध है या नहीं, यह जांच से साफ होगा। हमले का असली मकसद क्या था, आरोपियों की मदद किसने की और साज़िश में और कौन शामिल था, यह जानने के लिए पुलिस सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और आरोपियों की गतिविधियों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही सारी बातें साफ हो पाएंगी।