जरांगे पाटील का शिंदे से सवाल: भाजपवालों को 500 करोड़ देने की बात क्यों कही
दशहरा मेले में मराठा आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील ने एकनाथ शिंदे से जवाब मांगा और किसानों के लिए हेक्टेयर पीछे एक लाख रुपये की मदद की मांग की।
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मराठा आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील ने एकनाथ शिंदे को चुनौती दी है। दशहरा मेले में कई मुद्दों पर बोलते हुए उन्होंने पूछा, "एकनाथ शिंदे साहेब, आपने भाजपा से 500 करोड़ रुपये लाकर श्रीकांत शिंदे के हाथों मुझे दिए, ऐसा भाजपा नेताओं को क्यों बताया?" जरांगे पाटील ने कहा कि इसका जवाब शिंदे आज या कल शाम तक दें।
जरांगे पाटील के मुताबिक, शिंदे ने दिल्ली के भाजपा लोगों को उनके बारे में झूठ बताया। उन्होंने कहा कि श्रीकांत शिंदे के जरिए मनोज जरांगे पाटील तक 500 करोड़ रुपये पहुंचाए गए, ऐसा शिंदे ने भाजपा नेताओं से कहा या नहीं, इसका जवाब शिंदे को फौरन देना चाहिए। जरांगे पाटील ने कहा कि दिल्ली में इस बारे में भाजपा के नेता कानाफूसी करने लगे हैं।
उन्होंने सवाल किया, "आपने मुझे 500 करोड़ रुपये दिए थे क्या? अगर आपने पैसे नहीं दिए, तो फिर भाजपा मुझे खत्म करना चाहती है क्या? भाजपा आपको खत्म कर रही है क्या?" जरांगे पाटील ने कहा कि इसका जवाब आज शाम के दशहरा मेले में दें, आज न दें तो कल सुबह तक दें। उनके शब्दों में, "शिंदे साहेब, मुझे इसका जवाब चाहिए।"
जरांगे पाटील ने कहा कि वे अब इस मामले की गहराई में जाकर सच्चाई का पता लगाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर वे कल सुबह बोल दें कि मराठा लोग 100 रुपये डालें, तो उनके पास 2500 करोड़ रुपये जमा हो जाएंगे, यह छोटी बात नहीं है। उन्होंने शिंदे को आगाह किया कि अगले तीन महीने बाद उनका और शिंदे का फिर से सामना होगा।
भाषण में जरांगे पाटील ने किसानों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि किसानों की यह लड़ाई सबको मिलकर लड़नी है। उनके मुताबिक हालात भयानक हैं और दो महीने बाद और भयानक होंगे। उन्होंने कहा कि कोई पानी मांगे तो उसे पानी दें, एक-दूसरे का तमाशा देखते न बैठें। वे किसान संगठनों और कृषि विशेषज्ञों को एक साथ बुलाएंगे ताकि किसानों के सवालों का हल निकले। उन्होंने मांग की कि किसानों को हेक्टेयर पीछे एक लाख रुपये की मदद मिले।
सरकार की ओर से किसानों को पांच हजार रुपये की मदद घोषित हुई है। जरांगे पाटील ने कहा कि यह मदद पाने के लिए किसानों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ेंगे। उन्होंने हिसाब रखा कि आठ दिन चक्कर लगाने पड़ेंगे, पेट्रोल पर दो हजार रुपये खर्च होंगे, खाने पर और दो से ढाई हजार रुपये लगेंगे, तो हाथ में बचेगा कितना। इसी हिसाब के साथ उन्होंने एकनाथ शिंदे पर निशाना साधा।
सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी वे बोले। जरांगे पाटील ने कहा, "जीएसटी हमने भरा और बंगले इनके बड़े हो गए। आज राज्य पर संकट आया है। मर्द हो तो किसानों के पीछे खड़े रहोगे। हम पर बुरा संकट आया है।" उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के किसानों की हालत गंभीर है और सरकार से पांच प्रमुख मांगें की हैं।